नए पीसीसी चीफ पर क्या है राहुल की राय, बैज को बिस्किट और टीएस संग चाय
राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे के कई मायने हैं। जिला अध्यक्षों को प्रशिक्षण तो मुख्य था ही, लेकिन कुछ और भी संदेश हैं जिसके संकेत उन्होंने दिए हैं। यह प्रशिक्षण अगले विधानसभा चुनाव को लेकर था। एक अहम बात यह भी है कि चुनाव के समय प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष कौन होगा। मौजूदा पीसीसी चीफ दीपक बैज का कार्यकाल अगले कुछ दिनों में यानी जुलाई में खत्म हो जाएगा। इसके बाद वे रिपीट होंगे या फिर कोई नया चेहरा यह बागडोर संभालेगा। राहुल के दौरे के दौरान सवाल यह भी उठ रहा था।
कौन होगा नया पीसीसी अध्यक्ष :
राहुल गांधी के रायपुर एयरपोर्ट पर आगमन से लेकर दिल्ली रवाना होने तक कुछ नेता लगातार उनके साथ रहे। इनमें प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव के नाम शामिल हैं। राहुल गांधी ने दिल्ली जाते समय टपरी पर बैठकर चाय पी तो दीपक बैज को बिस्किट खिलाया।
इस चाय पार्टी में उनके साथ टीएस सिंहदेव,भूपेश बघेल और उमेश पटेल भी शामिल थे। वैसे कांग्रेस में सरप्राइज एलीमेंट नहीं होता। उम्र का फैक्टर भी ज्यादा मायने नहीं रखता। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही बुजुर्ग नेता मल्लिकार्जुन खड़गे हैं तो उम्र का कोई सवाल ही नहीं उठता। यदि इन बातों पर ध्यान दिया जाए तो राहुल के आस पास के इन नेताओं में से ही कोई नया प्रदेश अध्यक्ष हो सकता है।
किसका दावा मजबूत :
मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज आदिवासी नेता हैं लेकिन उनके कार्यकाल में चुनाव जीतने जैसी कोई उपलब्धि नहीं आई, फिर वो चाहे विधानसभा चुनाव हो, लोकसभा चुनाव हो, निकाय और पंचायत चुनाव हों या फिर विधानसभा का उपचुनाव हो। उनके हाथ हार ही लगी है। और चयन अगले विधानसभा चुनाव में जीत के लिए होना है। वे अब तक अपनी टीम ही नहीं बना पाए हैं।
पीसीसी चीफ़ के लिए दावा टीएस सिंहदेव भी कर रहे हैं। यदि उम्र को छोड़ दिया जाए, तो टीएस सबको साथ लेकर चलने की क्षमता रखते हैं। कांग्रेस में गुटबाजी बहुत है। इस गुटबाजी पर रोक लगाने से और अगले चुनाव में एक साथ होने का संदेश देना बहुत जरूरी हो जाता है।
तीसरा नाम आता है पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का। भूपेश खुद प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनेंगे, बल्कि उनके किसी समर्थक विधायक को इस कुर्सी पर ताजपोशी करवाएंगे। भूपेश बघेल का दिल्ली में बड़ा दखल है। वे खुद राष्ट्रीय महासचिव हैं और प्रियंका गांधी के करीबी भी माने जाते हैं। तो हो सकता है उनकी बात मानी जाए।
भूपेश बघेल के समर्थक विधायक में सबसे पहला नाम उमेश पटेल का आता है। उमेश पटेल का विधानसभा में प्रदर्शन भी अच्छा माना जाता है। राहुल गांधी ने उनसे अकेले में बात भी की थी। हालांकि उमेश पटेल ने कहा कि राहुल गांधी से उनकी बात किसी पद को लेकर नहीं हुई। लेकिन उनका दावा तो बनता है।
नेता प्रतिपक्ष को लेकर अटकलें :
अटकलें तो नेता प्रतिपक्ष को लेकर भी चल रही हैं। हो सकता है चरणदास महंत ने ही इस संबंध में राहुल गांधी से कुछ अपनी राय जताई हो। विधानसभा में अगले दो साल आक्रामकता लाने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है। महंत बहुत अनुभवी और गांधी परिवार के करीबी नेता हैं। वे सदन में बहुत संयमित और सरल नेता माने जाते हैं जिससे वो आक्रमकता नहीं आ पाती जो विपक्ष के नाते होनी चाहिए।
कांग्रेस की तरफ से मोर्चा भूपेश बघेल, उमेश पटेल, देवेंद्र यादव जैसे नेता ही संभालते हैँ। हो सकता है इस बारे में भी राहुल गांधी कुछ विचार करें। क्योंकि अगले ढाई साल बाद चुनाव हैं और चुनाव जीतने के लिए सब कुछ जायज है।
ये खबरें भी पढ़ें...
सचिन पायलट ने परखीं तैयारियाँ, रायपुर पहुंचेंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अकेले में की उमेश पटेल से बात, बड़े पद पर ताजपोशी की अटकलें
क्या राहुल गांधी सच में मोदी के एकमात्र विकल्प बन गए हैं?