सचिन पायलट ने परखीं तैयारियाँ, रायपुर पहुंचेंगे राहुल गांधी
Aishwarya Dwivedi | Jun 21, 2026, 11:36 IST
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रायपुर के अभनपुर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 41 नए जिलाध्यक्षों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। सचिन पायलट ने व्यवस्थाएं देखीं और राहुल गांधी भी शामिल होंगे।
समझें क्या है पूरा मामला
कांग्रेस जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण शिविर शुरू
परिचय सत्र से शुरुआत
संगठन मजबूत बनाने पर जोर
कांग्रेस कनेक्ट एप से निगरानी
काम पूरा होने पर इसकी फोटो, वीडियो और रिपोर्ट सीधे एआईसीसी के केंद्रीय डैशबोर्ड पर अपलोड होगी। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के राष्ट्रीय वार रूम से इन गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। जो पदाधिकारी समय पर काम पूरा नहीं करेंगे, उनकी रिपोर्ट अलग से दर्ज होगी। इस ट्रेनिंग का नेतृत्व वामसी रेड्डी, शशिकांत सेंथिल और दीपक मिश्रा करेंगे।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे शिविर
इन सभी शिविरों में बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। कुछ राज्यों में जिन जिलाध्यक्षों ने प्रशिक्षण को गंभीरता से नहीं लिया, उन्हें प्रमाणपत्र तक नहीं दिए गए। इससे साफ संकेत मिलता है कि कांग्रेस अब अपने संगठन को लेकर पहले से ज्यादा सख्त और जवाबदेह रवैया अपना रही है।
FAQ
- रायपुर के अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के इस 10 दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य क्या है और इसमें कितने पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं?
उत्तर: इस शिविर का मुख्य उद्देश्य 'मिशन 2028' (आगामी विधानसभा चुनाव) के लिए संगठन को मजबूत करना है। इसमें छत्तीसगढ़ के 41 नवनियुक्त जिलाध्यक्षों को बदलते राजनीतिक माहौल के अनुसार संगठन प्रबंधन, जनसंपर्क, राजनीतिक रणनीति, सोशल मीडिया और नेतृत्व विकास का कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। - अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय प्रशिक्षक कौन हैं और उनके साथ इस डिजिटल व सांगठनिक ट्रेनिंग का नेतृत्व कौन से प्रमुख नेता कर रहे हैं?
उत्तर: इस शिविर में मुख्य राष्ट्रीय प्रशिक्षक सचिन राव हैं। उनके साथ इस पूरी ट्रेनिंग और सांगठनिक सत्रों का नेतृत्व एआईसीसी (AICC) की टीम से वामसी रेड्डी, शशिकांत सेंथिल और दीपक मिश्रा कर रहे हैं। - 'कांग्रेस कनेक्ट' (Congress Connect) ऐप क्या है और दिल्ली के राष्ट्रीय वार रूम से इसके जरिए जिलाध्यक्षों की निगरानी कैसे की जाएगी?
उत्तर: यह कांग्रेस पार्टी का एक विशेष डिजिटल मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए जिलाध्यक्षों को अलग-अलग सांगठनिक और राजनीतिक काम सौंपे जाएंगे। काम पूरा होने पर पदाधिकारियों को इसकी फोटो, वीडियो और ग्राउंड रिपोर्ट सीधे ऐप पर अपलोड करनी होगी, जिसकी सीधी मॉनिटरिंग दिल्ली स्थित केंद्रीय डैशबोर्ड (राष्ट्रीय वार रूम) से की जाएगी।
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