FIR दर्ज होते ही भागे बिल्डर पिता-पुत्र : दफ्तर पर पुलिस का छापा
NEWS IN SHORT
- बिल्डर पिता-पुत्र पर मकान के नाम पर ठगी का आरोप, FIR के बाद दोनों फरार
- रायपुर से भिलाई-दुर्ग तक फैला फ्लैट स्कैम, कई लोग बने शिकार
- कम कीमत में घर का सपना दिखाकर लाखों की धोखाधड़ी का खुलासा
- मोहित सोलंकी के दफ्तर पर पुलिस छापा, आरोपी गायब मिले
- नेताओं की तस्वीरों और बड़े दावों से लोगों को फंसाने का आरोप
NEWS IN DETAIL
Raipur। रायपुर में मकान बनाकर देने का झांसा देकर बड़ी रकम हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। बिल्डर मोहित सोलंकी और उसके पिता गुलाब सोलंकी पर आरोप है कि उन्होंने कई लोगों से फ्लैट और मकान बनाने के नाम पर पैसे लिए और लंबे समय तक न तो निर्माण पूरा किया और न ही रकम लौटाई। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है, लेकिन दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं।
पुलिस ने मोहित सोलंकी के मैग्नेटो मॉल स्थित दफ्तर पर छापा मारा, जहां ताला लगा मिला। इसके बाद उनके घर पर भी तलाशी ली गई, लेकिन वहां भी दोनों नहीं मिले। पुलिस अब उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
कम कीमत और बड़े सपनों का झांसा देकर फंसाते थे ग्राहक
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहित सोलंकी लोगों को कम कीमत में मकान बनाने का आकर्षक प्रस्ताव देता था। वह दावा करता था कि वह बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है और उसके पास पर्याप्त संसाधन हैं।
वह कई मामलों में बड़े बिल्डर प्रोजेक्ट्स के नाम पर भी एग्रीमेंट करता था, जिससे लोगों को भरोसा हो जाता था। पीड़ितों के अनुसार, एग्रीमेंट के बाद वह धीरे-धीरे भुगतान लेता जाता था और काम शुरू करने में देरी करता रहता था। जब लोग निर्माण कार्य पूरा करने की मांग करते थे, तो वह बार-बार बहाने बनाकर टाल देता था।
भिलाई, दुर्ग और साजा तक फैला ठगी का नेटवर्क
यह मामला सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं है। जांच में यह भी सामने आया है कि बिल्डर पिता-पुत्र ने भिलाई, दुर्ग, धमधा और साजा जैसे कई इलाकों के लोगों से भी मकान के नाम पर पैसे लिए हैं।
अब इन क्षेत्रों के कई पीड़ित सामने आ रहे हैं और वे भी अलग से शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। साजा की शासकीय कॉलोनी में रहने वाले और सरकारी कार्यालय में कार्यरत एक व्यक्ति ने बताया कि उसने सेजबहार क्षेत्र में मकान बनाने के लिए मोहित सोलंकी को करीब सात लाख रुपए दिए थे।
इसके लिए 2023 में एग्रीमेंट हुआ था और बाद में भी संशोधित समझौता किया गया, लेकिन मकान आज तक अधूरा पड़ा है। पीड़ितों का कहना है कि पैसे लेने के बाद भी आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और न तो निर्माण पूरा किया और न ही कोई स्पष्ट जवाब दिया।
भरोसा जीतने के लिए अपनाए जाते थे कई तरीके
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लोगों का विश्वास जीतने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते थे। वे कई बार कंपनी के नाम पर चेक लेते थे ताकि लोगों को लगे कि पूरा लेनदेन आधिकारिक और सुरक्षित है।
इसके अलावा, वे खुद को बेहद प्रभावशाली और रसूखदार व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत करते थे। अपने ऑफिस में उन्होंने कथित तौर पर बड़े नेताओं के साथ खिंचवाई गई तस्वीरें लगाई थीं, जिससे लोगों पर प्रभाव पड़ता था।
सूत्रों के अनुसार, मोहित सोलंकी सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहता था और अपने विदेशी दौरों तथा महंगे लाइफस्टाइल की तस्वीरें साझा करता था। इससे वह लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करता था कि उसका कारोबार काफी बड़ा और स्थिर है।
करोड़ों के टर्नओवर का दावा, असलियत में अधूरे प्रोजेक्ट
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी खुद को करोड़ों के टर्नओवर वाला बिल्डर बताता था। वह कहता था कि मकान बनाना उसका मुख्य काम नहीं बल्कि लोगों की मदद के लिए किया जाने वाला अतिरिक्त कार्य है।
इसी भरोसे में आकर कई लोग बिना पूरी जांच किए बड़ी रकम एडवांस में दे देते थे। बाद में न तो निर्माण पूरा होता था और न ही पैसे वापस मिलते थे।
पुलिस जांच तेज, कई पीड़ितों के सामने आने की संभावना
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपी पिता-पुत्र की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं, क्योंकि ठगी का दायरा कई शहरों तक फैला हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार, बैंक ट्रांजेक्शन, एग्रीमेंट दस्तावेज और चेक की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे आर्थिक लेनदेन का पता लगाया जा सके।
लोगों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पीड़ितों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह मकान के नाम पर धोखाधड़ी न कर सके।फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
FAQ
- यह मामला किससे जुड़ा है?
यह मामला रायपुर के बिल्डर पिता-पुत्र से जुड़ा है, जिन पर मकान बनाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए ठगने का आरोप है। - किन-किन शहरों के लोग शिकार हुए हैं?
रायपुर के साथ-साथ भिलाई, दुर्ग, धमधा और साजा के कई लोग भी इस ठगी का शिकार हुए हैं। - पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने FIR के बाद बिल्डर के दफ्तर और घर पर छापेमारी की है, लेकिन दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
FAQ
- यह मामला किससे जुड़ा है?
यह मामला रायपुर के बिल्डर पिता-पुत्र से जुड़ा है, जिन पर मकान बनाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए ठगने का आरोप है। - किन-किन शहरों के लोग शिकार हुए हैं?
रायपुर के साथ-साथ भिलाई, दुर्ग, धमधा और साजा के कई लोग भी इस ठगी का शिकार हुए हैं। - पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने FIR के बाद बिल्डर के दफ्तर और घर पर छापेमारी की है, लेकिन दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
यह खबरें भी पढ़े...
अब बिल्डर की भूमिका में PWD: तीन अरब के रिडेंसिफिकेशन प्रोजेक्ट्स से हाउसिंग बोर्ड को देगा टक्कर
CG RERA का बड़ा एक्शन : 595 बिल्डरों को नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब
महिला यूट्यूबर के घर लाखों की चोरी, सोशल मीडिया पर दिखाती थी लग्जरी लाइफ