CG RERA का बड़ा एक्शन : 595 बिल्डरों को नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब

Umeshwari Baghel | Jun 09, 2026, 14:43 IST
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RERA छत्तीसगढ़ 595 बिल्डर नोटिस
RERA छत्तीसगढ़ 595 बिल्डर नोटिस

छत्तीसगढ़ RERA ने अविनाश ग्रुप, वालफोर्ट, सिंघानिया बिल्डकॉन समेत 595 बिल्डरों को नोटिस जारी किया। 989 परियोजनाओं में रहवासियों को प्रबंधन हस्तांतरण न करने पर 15 दिन में जवाब मांगा गया, न देने पर केस दर्ज होगा।

NEWS IN SHORT

  • 595 बिल्डरों को RERA का नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब
  • घर खरीदारों के हक के लिए RERA सख्त, 600 बिल्डर घेरे में
  • अविनाश ग्रुप समेत 595 बिल्डरों पर RERA का शिकंजा
  • मेंटेनेंस चार्ज वसूली पड़ी भारी, RERA ने थमाया नोटिस
  • 989 प्रोजेक्ट रडार पर, बिल्डरों को 15 दिन की मोहलत

NEWS IN DETAIL

Raipur 9 जून 2026। छत्तीसगढ़ में घर खरीदने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। राज्य की रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी RERA ने प्रदेशभर के 595 बिल्डरों और कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

यह कार्रवाई उन बिल्डरों के खिलाफ की गई है जिन्होंने आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं पूरी होने के बावजूद रहवासियों को उनका कानूनी अधिकार यानी कॉलोनी या अपार्टमेंट का प्रबंधन नहीं सौंपा।

989 परियोजनाएं RERA के रडार पर

RERA ने जो आंकड़े सामने रखे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों की कुल 989 आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं इस कार्रवाई के दायरे में हैं।

इन सभी परियोजनाओं को नगर निगम से पूर्णता प्रमाण पत्र यानी Completion Certificate मिल चुका है। इसका मतलब यह है कि ये परियोजनाएं कागजों पर तो पूरी हो चुकी हैं, लेकिन बिल्डरों ने इनका प्रबंधन और रखरखाव की जिम्मेदारी रहवासियों की समिति को आज तक नहीं सौंपी।

क्या है कानून और क्या होना चाहिए था?

भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 यानी RERA कानून स्पष्ट है। इसकी धारा 11(4)(ई) और धारा 17 के तहत हर बिल्डर का यह कानूनी दायित्व है कि परियोजना पूरी होने के बाद वह सामान्य क्षेत्रों, सुविधाओं और सभी जरूरी दस्तावेजों सहित पूरा प्रबंधन रहवासियों की समिति या संघ को सौंप दे।

इसके अलावा नगर निगम से पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने के बाद बिल्डर को कॉलोनी का रखरखाव खुद करने का कोई अधिकार नहीं रहता यह जिम्मेदारी स्वतः रहवासी समिति की हो जाती है।

लेकिन जो हकीकत सामने आई है, वह कानून के एकदम उल्टा है। कई बड़े बिल्डर न केवल प्रबंधन अपने पास बनाए हुए हैं, बल्कि वे रहवासियों से मनमाना मेंटेनेंस चार्ज भी वसूल रहे हैं। रहवासी समिति का गठन न कराना और जरूरी दस्तावेजों का हस्तांतरण न करना ये सब इसी अवैध व्यवस्था का हिस्सा है।

किन बड़े नामों पर गिरी गाज?

इस बार RERA ने किसी को नहीं बख्शा। रायपुर के नामी और चर्चित अविनाश ग्रुप, वालफोर्ट और सिंघानिया बिल्डकॉन को भी नोटिस मिला है। इनके अलावा श्री बिल्डकॉन, श्रीकृष्णा वाटिका महादेव घाट, सुमीत इंफ्रा, श्री विश्व भारती, पारस बिल्डकॉन, संसार बिल्डकॉन, संकल्प बिल्डकॉन, साईंनाथ बिल्डकॉन, नीलम होम्स और दीपक रहेजा जैसे बड़े नाम भी इस सूची में हैं। रायपुर के साथ-साथ भिलाई-दुर्ग और अन्य शहरों के बिल्डर भी इसमें शामिल हैं।
सबसे अहम बात यह है कि RERA ने केवल निजी बिल्डरों को ही नहीं, बल्कि हाउसिंग बोर्ड और नगर निगम को भी नोटिस थमाया है।

रहवासियों की भी है जिम्मेदारी

RERA ने यह भी साफ किया है कि इस पूरे मामले में सिर्फ बिल्डरों की ही नहीं, बल्कि रहवासियों की भी जिम्मेदारी है। RERA अधिनियम की धारा 19(9) के अनुसार हर आबंटी यानी फ्लैट या प्लॉट खरीदने वाले व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह अपनी रहवासी समिति, संघ या सहकारी समिति के गठन में सक्रिय रूप से सहयोग करे। अगर रहवासी खुद आगे नहीं आएंगे, तो बिल्डर इसी का फायदा उठाते रहेंगे।

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15 दिन में जवाब नहीं तो केस दर्ज

RERA ने सभी नोटिस पाने वाले बिल्डरों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित समयसीमा में जवाब नहीं आया या दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो संबंधित बिल्डर के खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई उन लाखों घर खरीदारों के लिए एक संदेश है जो वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे। RERA का यह फैसला रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

FAQ

  1. RERA ने यह नोटिस क्यों जारी किया?
    परियोजना पूरी होने और Completion Certificate मिलने के बाद भी बिल्डरों ने रहवासी समिति को प्रबंधन नहीं सौंपा और खुद मेंटेनेंस चार्ज वसूलते रहे।
  2. कितनी परियोजनाएं प्रभावित हैं?
    प्रदेशभर की कुल 989 आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं RERA के दायरे में हैं।
  3. कौन से बड़े बिल्डर शामिल हैं?
    अविनाश ग्रुप, वालफोर्ट, सिंघानिया बिल्डकॉन, पारस बिल्डकॉन, नीलम होम्स, दीपक रहेजा समेत कई नाम शामिल हैं।

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