सवालों में जिला शिक्षा कार्यालय की आग, स्कॉलरशिप, मिडडे मील और बजट फाइल समेत 10 हजार शिक्षकों की सर्विस बुक जलकर खाक

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की आग भले दो दिन बाद शांत हो गई हो लेकिन अब इस आग पर उठे सवाल सुलगने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह आग लगी या लगाई गई है। इस आग से बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर है।

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Arun Tiwari
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NEWS IN SHORT

. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रायपुर में लगी आग
. आग में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक
. 10 हजार से ज्यादा शिक्षकों की सर्विस बुक जलीं
. फायनेंस से जुड़ी फाइलें भी राख 

NEWS IN DETAIL

दिन भर धधकती रही आग : 

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में शनिवार देर शाम लगी आग रविवार को पूरे दिन धधकती रही। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने जांच समिति गठित की है। रविवार सुबह फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वीडियोग्राफी की।

आग किस तरह लगी, इसकी जांच जारी है। आग में 23 अलमारियां जलकर खाक हो गईं। इसके अलावा कर्मचारियों के कई व्यक्तिगत लेख भी जल गए। डीईओ कार्यालय की ओर से घटना की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है। कार्यालय में लगी आग में रायपुर जिले के 10 हजार से अधिक सेवारत और रिटायर्ड शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं जलकर नष्ट हो गईं।

जले हुए दस्तावेजों में इन्हें सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन्हीं सेवा पुस्तिकाओं के आधार पर नौकरी से जुड़े सभी कार्य निर्धारित होते हैं। अब इन दस्तावेजों को दोबारा तैयार करने में एक वर्ष से अधिक समय लग सकता है। 

महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक : 

रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के स्टोर रूम (भंडार कक्ष) में लगी आग में छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन, भंडार कक्ष के दस्तावेज एवं स्टॉक पंजी, अनुकंपा नियुक्ति, स्थापना, स्कूलों की मान्यता और अनुदान जैसे जरूरी दस्तावेज जलकर राख हो गए। इसी तरह 23 आलमारियों में रखे दस्तावेजों के 150 बस्ते पूरी तरह नष्ट हो गए, जिनमें इंस्पायर अवॉर्ड, वित्त कक्ष, बजट, अनुदान और मदरसों से संबंधित दस्तावेज भी शामिल हैं।

इन सभी दस्तावेजों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्टॉक पंजी भी जल जाने से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि भंडार कक्ष में क्या-क्या रखा हुआ था। मामले की जांच के लिए संभागीय संयुक्त संचालक समेत तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जांच समिति में संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव को अध्यक्ष बनाया गया है।

वहीं  बजरंग प्रजापति, सहायक संचालक लोक शिक्षण संचालनालय और सतीश नायर, सहायक संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को सदस्य नियुक्त किया गया है। समिति को पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट संचालक, लोक शिक्षण को प्रस्तुत करनी होगी।

ये अहम दस्तावेज जलकर खाक : 

अनुकंपा नियुक्ति और वित्त बजट अनुदान के कागजात नष्ट
दो अलमारियों में रखे छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति संबंधी दस्तावेज
तीन अलमारियों में रखे मध्याह्न भोजन से संबंधित दस्तावेज
तीन अलमारियों में रखे भंडार कक्ष के दस्तावेज एवं स्टॉक पंजी
तीन अलमारियों एवं 45 बस्तों में रखे अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित कागजात
चार अलमारियों एवं 80 बस्तों में रखे स्थापना पंजी, डी, तीन और चार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज
एक अलमारी एवं 25 बस्तों में रखे मान्यता से संबंधित दस्तावेज
एक अलमारी में रखे इंस्योरेंस अवार्ड से संबंधित दस्तावेज
दो अलमारियों में रखे विधि कक्ष से संबंधित दस्तावेज
दो अलमारियों में रखे वित्त, बजट, अनुदान एवं मदों से जुड़े दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप, टेबल, कुर्सी, अलमारी सहित अन्य सामग्री
इसके अलावा लगभग 23 अलमारियों और 150 बस्तों में रखे पुराने दस्तावेज भी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।

स्टाफ के खिलाफ हो सकती है विभागीय जांच : 

पुलिस ने आगजनी के पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया है। इसी के साथ स्टोर में तैनात जिम्मेदार अधिकारियों व स्टाफ की विभागीय जांच के संकेत भी मिले हैं। डीईओ हिमांशु भारती ने आग से नष्ट दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी है।

उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन, भंडार कक्ष के दस्तावेज एवं स्टॉक पंजी, अनुकंपा नियुक्ति, स्थापना, स्कूलों की मान्यता और अनुदान दस्तावेजों के साथ 23 आलमारियों में रखे दस्तावेजों के 150 बस्ते पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आग की घटना को लेकर सभी उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। 

डीपीआई द्वारा जांच समिति का गठन किया गया है। इसके अलावा कोतवाली थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। आगजनी से कोई जनहानि नहीं हुई है। संकेत दिए गए हैं कि मामले में सभी स्तर पर जांच होगी कि घटना में सीधे तौर पर किसी की लापरवाही या साजिश तो नहीं है।

IMP Points :

. डीईओ कार्यालय में 18 घंटे धधकती रही आग
. 23 अलमारियों के दस्तावेज खाक
. घटना पर संदेह 
. पाँच दिन में मिलेगी रिपोर्ट 
.डीईओ कार्यालय के स्टोर में आग की जांच करेगी तीन सदस्यीय टीम
. स्कूलों की मान्यता, छात्रवृत्ति, अनुकंपा नियुक्ति समेत 150 बस्तों की फाइलें खाक
.पुलिस ने साजिश की आशंका से नहीं किया इनकार**

    दस्तावेज : 

    सरकार ने तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है। यह टीम अपनी जांच में जुट गई है। अगले तीन चार दिन में रिपोर्ट सरकार को सबमिट होगी जिसके आधार पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

    Raipur DEO Office fire

    अब आगे क्या : 

    पुलिस फॉरेंसिक समेत कई स्तरों पर जांच करेगी। फायर ब्रिगेड व पुलिस भी अपने स्तर पर इस आगजनी की जांच करेगी। रविवार को चूंकि आग बुझाने का ही काम चलता रहा, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल के खास हिस्से को एक तरह से सील कर दिया है। रविवार होने के बाद भी पुलिस की फॉरेंसिक टीम डीईओ कार्यालय पहुंच गई थी।

    रह-रहकर धुआं उठता रहा, इसलिए पुलिस की फॉरेंसिक टीम जांच शुरू नहीं कर पाई। रविवार को पुलिस स्तर से तैनात जिम्मेदार लोगों का बयान दर्ज नहीं कर पाई है, लेकिन आने वाले दिनों में देखा जाएगा कि वहां चोरी और आग से बचाव के लिए क्या इंतजाम किए गए थे। फारेंसिक टीम ने जांच शुरु कर दी है साथ ही संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। सरकार की तरफ से बनाई गई जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही की जाएगी। 

    निष्कर्ष :

    सरकारी कार्यालयों में लगी आग कई सवाल पैदा करती है। खासतौर पर कड़कड़ाती सर्दियों में आग का लगना और ज्यादा संदेह पैदा करता है। अब सवाल यह है कि यह आग लगी है या लगाई गई है। महत्वपूर्ण दस्तावेजों का जलना भी कई बातों पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। 

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    छत्तीसगढ़ रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी जांच समिति Raipur DEO
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