रायपुर में 112 करोड़ से बनेगा देश का चौथा बड़ा ज्वेलरी पार्क

Aishwarya Dwivedi | Jun 20, 2026, 14:48 IST
36 रायपुर जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क प्रोजेक्ट
रायपुर के पंडरी में देश का चौथा सबसे बड़ा जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क बनेगा। सीएसआईडीसी ने पीपीपी मोड पर 112 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में सराफा कारोबार को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। रायपुर में राज्य का पहला जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क बनेगा। यह पार्क देश का चौथा सबसे बड़ा सराफा केंद्र होगा। सीएसआईडीसी ने इस बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। यह पूरा प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर बनेगा।



रायपुर में बनेगा ज्वेलरी पार्क

छत्तीसगढ़ के सराफा व्यापारियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। राज्य में पिछले 11 साल से अटका एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। रायपुर में छत्तीसगढ़ का पहला 'जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क' बनाया जाएगा। मुंबई, सूरत और कोलकाता के बाद यह देश का चौथा बड़ा ज्वेलरी पार्क होगा।



छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन (CSIDC) ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। इस पार्क का निर्माण रायपुर के पंडरी इलाके में किया जाएगा। पंडरी में मौजूद रायपुर मंडी की खाली जमीन पर यह पार्क आकार लेगा। इस बड़े प्रोजेक्ट से छत्तीसगढ़ के सराफा व्यापार को पूरी दुनिया में नई पहचान मिलेगी।



पीपीपी मोड पर होगा निर्माण

इस पार्क को बनाने की जिम्मेदारी अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड को दी गई है। यह पूरा प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर तैयार होगा। इसके लिए कंपनी सरकार को 112.40 करोड़ रुपए का प्रीमियम देगी। यह राशि जमीन के अलॉटमेंट और लीज के बदले में दी जाएगी।



कंपनी को प्रोजेक्ट का काम पूरा करने के लिए 5 साल का समय मिला है। लेटर मिलने के बाद कंपनी ने विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाना शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली पीपीपी एप्रेजल कमेटी ने भी इसे मंजूरी दे दी है। यह पार्क कुल 9.616 एकड़ जमीन पर फैला होगा।



आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस

रायपुर के इस नए पार्क में अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यहां नए और सुंदर आभूषण बनाने के लिए एक खास डिजाइन स्टूडियो होगा। सोने, चांदी और हीरों की शुद्धता जांचने के लिए असेसिंग लैब बनेगी। इसके अलावा यहां एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनाया जाएगा।



पार्क में सुरक्षा के लिए हाई-टेक सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक्स के इंतजाम होंगे। यहां रत्नों की पढ़ाई और ज्वेलरी डिजाइनिंग से जुड़े काम सिखाए जाएंगे। स्थानीय कारीगरों को हीरा और सोना तराशने की मुफ्त ट्रेनिंग मिलेगी। इससे राज्य के हजारों स्थानीय युवाओं को सीधा रोजगार मिल सकेगा।



शहर को ट्रैफिक जाम से राहत

अभी रायपुर का पूरा सराफा कारोबार बेहद तंग जगहों पर चल रहा है। सदर बाजार, हलवाई लेन और पंडरी की संकरी गलियों में दुकानें हैं। त्योहारों और शादियों के सीजन में इन इलाकों में भयंकर जाम लगता है। लोगों को आवाजाही में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।



नया ज्वेलरी पार्क बनने से शहर को इस बड़ी समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। शहर के बड़े-बड़े ज्वेलरी शोरूम इस नए पार्क में शिफ्ट हो जाएंगे। इससे ग्राहकों को भी गाड़ियां पार्क करने और शॉपिंग करने में आसानी होगी। शहर के भीतर का ट्रैफिक भी काफी हद तक साफ हो जाएगा।



बनेगा पहला वेडिंग शॉपिंग मॉल

यह नया प्रोजेक्ट सिर्फ गहनों की दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे छत्तीसगढ़ के पहले 'वेडिंग डेस्टिनेशन शॉपिंग मॉल' के रूप में बदला जा रहा है। इसका मतलब है कि शादी-ब्याह की खरीदारी के लिए यह एक वन-स्टॉप सेंटर होगा। ग्राहकों को शादी से जुड़ी हर चीज एक ही जगह मिल जाएगी।



इस खास मॉल में शादी के कपड़े और बेहतरीन आभूषण मिलेंगे। इसके साथ ही फोटोग्राफी जैसी जरूरी सेवाएं भी इसी परिसर में उपलब्ध होंगी। लोगों को शादी की खरीदारी के लिए अलग-अलग बाजारों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इससे ग्राहकों के समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत होगी।



FAQ

  1. देश का चौथा जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क कहाँ बन रहा है?
    उत्तर: देश का चौथा सबसे बड़ा जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पंडरी इलाके में बनने जा रहा है। रायपुर से पहले इस तरह के बड़े और आधुनिक सराफा केंद्र केवल मुंबई, सूरत और कोलकाता जैसे देश के चुनिंदा और बड़े व्यापारिक शहरों में ही स्थापित किए गए हैं।
  2. रायपुर ज्वेलरी पार्क को कौन सी संस्था विकसित कर रही है?
    उत्तर: इस पार्क को छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन यानी सीएसआईडीसी (CSIDC) की मंजूरी के बाद विकसित किया जा रहा है। सरकार इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी (PPP) मॉडल पर अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड कंपनी के साथ मिलकर अगले 5 साल के भीतर पूरी तरह तैयार करेगी।
  3. रायपुर ज्वेलरी पार्क के निर्माण से स्थानीय लोगों को क्या मुख्य लाभ होगा?
    उत्तर: इस हाईटेक पार्क के बनने से हीरा, सोना और कीमती पत्थरों का काम करने वाले स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मुफ्त स्किल ट्रेनिंग मिलेगी। इसके अलावा, संकरी जगहों से शोरूम यहाँ शिफ्ट होने से शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी और राज्य के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

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