रायपुर में इंटरनेशनल ठगी का भंडाफोड़; चीन से मिल रहा था डेटा, 42 गिरफ्तार; अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे शिकार
NEWS IN SHORT
- रायपुर में ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा, 42 लोग गिरफ्तार
- चीन से अमेरिकी नागरिकों का डेटा लेकर ठगी की साजिश पुलिस ने किया पर्दाफाश
- गिरोह के सदस्य कॉल सेंटर में काम कर रहे थे, युवकों को धोखा देने के लिए रखा था
- रायपुर में अब कॉल सेंटरों की सख्त जांच होगी, नई गाइडलाइन तैयार की जाएगी
- गुजरात के विकास शुक्ला और संजय शर्मा गिरोह के मुख्य सरगना गिरफ्तार
NEWS IN DETAIL
Raipur : रायपुर में पुलिस ने एक बड़े ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें गिरोह के सदस्य अमेरिका के नागरिकों को निशाना बना रहे थे। गिरोह ने कॉल सेंटर के जरिए लोगों से पैसे ठगने का काम किया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह अमेरिका के नागरिकों से जानकारी हासिल करने के बाद उनका शोषण कर रहा था। पुलिस ने 42 लोगों को गिरफ्तार किया है, और गुजरात, दिल्ली और बेंगलुरु में इसकी जांच जारी है।
गिरोह की तकनीकी टीम का चीन में संचालन
इस गिरोह की तकनीकी टीम चीन में बैठी हुई है, जो अमेरिकी नागरिकों का डेटा उपलब्ध कराती है। इसके अलावा, चीन में ही फर्जी चेक बनाने का काम भी होता है। गिरोह के बाकी सदस्य दिल्ली, गुजरात और बेंगलुरु में स्थित हैं। गिरोह के सदस्यों का कार्य स्पष्ट रूप से बांटा गया था, ताकि ठगी के हर हिस्से में नियंत्रण रखा जा सके।
कॉल सेंटर में काम करने वाले लोग भी बेखबर
इस गिरोह ने बेरोजगार युवकों को नौकरी देने का झांसा दिया था। यूपी, बिहार, पंजाब समेत कई राज्यों के युवकों को कॉल सेंटर में काम करने के लिए भर्ती किया गया था। इन युवकों को अंग्रेजी की लाइनें हिंदी में दी जाती थीं, जिन्हें वे अमेरिकी नागरिकों को पढ़कर धोखा देते थे। इन कर्मचारियों को 20-25 हजार रुपये वेतन मिलता था और उन्हें रहने-खाने की सारी सुविधाएं भी दी जाती थीं।
कॉल सेंटर के लिए नई गाइडलाइन बनेगी
पुलिस ने अब रायपुर के सभी कॉल सेंटरों की जांच करने का निर्णय लिया है। सभी थाना प्रभारियों और एसीपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में संचालित कॉल सेंटरों का रिकॉर्ड तैयार करें और उनकी जांच करें। इसके साथ ही एक्सपर्ट की मदद से कॉल सेंटर के लिए गाइडलाइन भी तैयार की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी की संभावना
पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना के तौर पर गुजरात के विकास शुक्ला और संजय शर्मा के नाम का खुलासा किया है। ये दोनों ही कॉल सेंटरों के संचालक थे और इस गिरोह के प्रमुख सदस्य माने जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों के पकड़े जाने के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिल पाएगी।
नए कानूनों का निर्माण और कार्रवाई की जाएगी
रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि गोपनीय जांच के बाद छापेमारी की गई थी और अब कॉल सेंटरों के लिए सख्त गाइडलाइन बनाई जाएगी। यह कदम इस तरह के अपराधों को भविष्य में रोकने के लिए उठाया जा रहा है।
समझें ठगी का नेटवर्क
यह गिरोह एक इंटरनेशनल ठगी नेटवर्क का हिस्सा है, जो तकनीकी मदद से अमेरिकी नागरिकों के डेटा का उपयोग करके उन्हें धोखा देता था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग शहरों में बैठकर इस काम को अंजाम देते थे, जबकि मुख्य डेटा और चेक बनाने का काम चीन में किया जा रहा था।
रायपुर पुलिस का सख्त कदम
रायपुर पुलिस ने इस ठगी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है और अब पूरी ताकत से इसकी जांच जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
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