रायपुर में अचानक हड़ताल पर सफाई अमला, पूरे प्रदेश में फैलेगा आंदोलन
Raipur sanitation workers strike : राजधानी रायपुर में नगर निगम का सफाई अमला अचानक हड़ताल पर चला गया। इस वजह से शहर के 70 वार्डों में सफाई का काम ठप हो गया। सफाई काम में लगे सभी ड्राइवरों ने टिकरापारा स्थित मोटर व्हीकल यार्ड में नारेबाजी की। हालांकि, निगम अफसरों ने इन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर महासंघ से जुड़े कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हुए।
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ठेका कर्मचारियों की ये है प्रमुख मांगें
- नगरीय निकायों में ठेका प्रथा को खत्म कर प्लेसमेंट पर काम कर रहे कर्मचारियों को सरकार के अन्य विभाग जैसे जल संसाधन, PWD, PHE की तर्ज पर सीधे वेतन दिया जाना चाहिए।
- ड्राइवर्स को मिलने वाले 15 हजार रुपए वेतन में से 4 हजार रुपए ठेकेदार रख लेते हैं। यह सिस्टम खत्म होना चाहिए।
- नगरीय निकाय में 5 से 10 साल से काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
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नगर निगम के पास वैकल्पिक व्यवस्था नहीं
ड्राइवर्स की इस हड़ताल को फिलहाल अफसर खत्म नहीं करवा पाए हैं। किसी तरह की वैकल्पिक व्यवस्था भी नगर निगम प्रशासन की ओर से नहीं की गई है। निगम के अफसरों ने हड़ताल को लेकर कमिश्नर अबिनाश मिश्रा से बात की है।
FAQ
- ड्राइवर्स की हड़ताल से रायपुर शहर पर क्या असर पड़ा है ?
हड़ताल के कारण शहर के 70 वार्डों में सफाई का काम ठप हो गया है। कचरा कलेक्शन, डंपिंग, स्ट्रीट लाइट मेंटेनेंस और जल आपूर्ति से जुड़ी गाड़ियां भी बंद हो गई हैं। इससे शहर में सफाई और अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। - रायपुर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं ?
सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांगें हैं: ठेका प्रथा को समाप्त कर कर्मचारियों को सीधे वेतन दिया जाए। ड्राइवरों के वेतन से ठेकेदार द्वारा काटे जाने वाले 4 हजार रुपए का सिस्टम खत्म किया जाए। 5 से 10 साल से काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए।