5 राइस मिलर्स की 11 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त, चावल जमा न करने पर बड़ा एक्शन
News In Short
- रायपुर में 19 राइस मिलर्स ने करोड़ों का चावल जमा नहीं किया।
- मार्कफेड ने 5 मिलर्स की 11.50 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त की।
- जिले में करीब 70 करोड़ रुपए का चावल बकाया है।
- चावल नहीं मिलने से राशन दुकानों की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
- प्रशासन ने बाकी मिलर्स पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
News In Details
रायपुर जिले में कस्टम मिलिंग का चावल जमा नहीं करने वाले राइस मिलर्स पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। कई नोटिस और अंतिम चेतावनी के बावजूद चावल जमा नहीं करने पर मार्कफेड ने 5 राइस मिलर्स की करीब 11.50 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जब्त कर ली है। विभाग अब बाकी मिलर्स के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
19 राइस मिलर्स ने नहीं जमा किया चावल
जानकारी के मुताबिक जिले के 19 राइस मिलर्स ने करीब 70 करोड़ रुपए मूल्य का कस्टम मिलिंग चावल जमा नहीं किया है। शासन की ओर से बार-बार नोटिस देने और तय समय सीमा खत्म होने के बाद भी मिलर्स ने धान के बदले चावल जमा नहीं किया।
इसके बाद मार्कफेड ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर बैंक गारंटी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जिन 5 मिलर्स की गारंटी जब्त की गई है, उनकी राशि विभाग के खाते में ट्रांसफर की जा रही है।
‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे’
मार्कफेड अधिकारियों ने साफ कहा है कि सरकारी धान और कस्टम मिलिंग चावल के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फाइनल नोटिस के बावजूद चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
डीएमओ मार्कफेड जसबीर सिंह बघेल ने कहा कि बाकी मिलर्स के खिलाफ भी बैंकों को चिट्ठी भेज दी गई है और जल्द ही आगे की कार्रवाई होगी।
32 मिलर्स अब भी जांच के दायरे में
जानकारी के अनुसार जिले में अभी भी 32 राइस मिलर्स ऐसे हैं जिन्होंने तय मात्रा में चावल जमा नहीं किया है। इन मिलर्स पर खाद्य विभाग और मार्कफेड की नजर बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही इनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
राशन दुकानों में सप्लाई प्रभावित
मिलर्स द्वारा चावल जमा नहीं करने का असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर भी पड़ रहा है। नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में चावल की कमी होने लगी है, जिसके कारण राशन दुकानों तक समय पर चावल नहीं पहुंच पा रहा।
सूत्रों के मुताबिक तीन महीने का चावल एक साथ वितरण करने में भी विभाग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन मिलर्स पर हुई कार्रवाई
मार्कफेड की कार्रवाई में प्रमुख रूप से अमित एग्रो प्रोसेसिंग राइस मिल, महालक्ष्मी धुरी प्रोसेसिंग कंपनी, एमएस इंडियन राइस इंडस्ट्रीज, कोहिनूर इंडस्ट्रीज और अन्य मिलर्स शामिल हैं।
प्रमुख कार्रवाई इस प्रकार:
अमित एग्रो प्रोसेसिंग राइस मिल पर लगभग 6.58 करोड़ का मामला
महालक्ष्मी धुरी प्रोसेसिंग कंपनी पर 3.39 करोड़ से ज्यादा का बकाया
अन्य मिलर्स की लाखों रुपए की बैंक गारंटी जब्त
मिलर्स एसोसिएशन में हड़कंप
मार्कफेड की इस कार्रवाई के बाद राइस मिलर्स एसोसिएशन में हड़कंप मच गया है। मिलर्स इस कार्रवाई का विरोध भी कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन फिलहाल सख्त रुख अपनाए हुए है।
प्रशासन का संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी धान और राशन व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
यह खबरें भी पढ़ें...
अब्बा हुजूर...के मालिक ने रायपुर के राइस मिलर्स को गिरफ्तार कराया
राइस मिलर्स सहित कई कारोबारियों के ठिकानों पर पड़े छापे, मचा हड़कंप
फर्जीवाड़े में शामिल राइस मिलर्स दे रहे मिल बंद करने की धमकी
कांग्रेसी ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड...30 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त