रायपुर–विशाखापट्टनम सिक्स-लेन कॉरिडोर से बस्तर को चमकाने की तैयारी, ग्लोबल मार्केट तक सीधा रास्ता
Raipur : छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के लिए बहुप्रतीक्षित रायपुर– विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (एनएच-130 सीडी) अब विकास की नई राह खोलने जा रहा है।
464 किलोमीटर लंबा यह सिक्स-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी (रायपुर–विशाखापट्टनम सिक्स-लेन कॉरिडोर)भारतमाला परियोजना के तहत तैयार किया जा रहा है।
इसके शुरू होने से बस्तर क्षेत्र को सीधे बंगाल की खाड़ी और विशाखापट्टनम पोर्ट से कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे यहां के उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे प्रोडक्ट
लंबे समय तक बस्तर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक संपदा, खनिज भंडार और समृद्ध जनजातीय संस्कृति के बावजूद भौगोलिक रूप से अलग-थलग रहा है।
दुर्गम पहाड़ी रास्तों और कमजोर संपर्क व्यवस्था के कारण यहां के किसानों, कारीगरों और व्यापारियों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब यह स्थिति बदलने वाली है।
बस्तर अपने खास उत्पादों के लिए जाना जाता है, जिनमें स्थानीय कॉफी, जैविक इमली, महुआ से बने उत्पाद और विश्व प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प शामिल हैं।
अब तक इन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में अधिक समय और लागत लगती थी, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो जाती थी। नए कॉरिडोर के बनने से परिवहन लागत में कमी आएगी और उत्पादों को तेज़ी से बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा।
अब 4 घंटे में तय होगा रास्ता
वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुंचने के लिए भारी वाहनों और यात्रियों को ओडिशा के कोरापुट और जेयपुर के घुमावदार और खतरनाक घाटी मार्गों से गुजरना पड़ता है।
यह यात्रा न केवल समय लेने वाली है, बल्कि ईंधन की अधिक खपत और वाहन की घिसावट के कारण महंगी भी पड़ती है।
नया कॉरिडोर इन सभी समस्याओं का समाधान करेगा। यह एक सीधा, समतल और हाई-स्पीड मार्ग प्रदान करेगा, जिससे यात्रा का समय घटकर लगभग 3.5 से 4 घंटे रह जाएगा।
यहां से गुजरेगा कॉरिडोर
(रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे)इस कॉरिडोर का मुख्य मार्ग रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव से होकर गुजरेगा, जबकि बस्तर मुख्यालय जगदलपुर को ओडिशा के नबरंगपुर जिले के दासपुर में बनने वाले इंटरचेंज के जरिए जोड़ा जाएगा।
Bastar :जगदलपुर से केवल 50-60 किलोमीटर की दूरी तय कर वाहन इस हाई-स्पीड नेटवर्क से जुड़ सकेंगे और सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुंच पाएंगे।
अब बिचौलियों की छुट्टी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से स्थानीय किसानों और कारीगरों को बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्हें अपने उत्पादों के लिए बेहतर कीमत मिल सकेगी और वे सीधे बड़े बाजारों से जुड़ पाएंगे।
इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस परियोजना को बस्तर के लिए विकास का नया द्वार बताया है।
यह खबरें भी पढ़े...
🔴 Sootrdhar Live | The Sootr Expose : भारतमाला में 500 करोड़+ का खेल, 25 राजस्व अधिकारी जाएंगे जेल !
एक पटवारी ने सरकार को लगाया 30 करोड़ का चूना, 3 ने मिलकर लगा दी 22 करोड़ की चपत, भारतमाला का घोटाला
🔴Sootrdhar Live | भारतमाला प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार : नेता-अफसरों के गिरेबान तक पहुंची जांच की आंच !