7 साल की बच्ची के साथ रेप- मर्डर रेयर ऑफ रेयरेस्ट केस नहीं..ये सजा माफ

Marut raj | Dec 04, 2024, 10:49 IST
Rajnandgaon minor rape murder case Bilaspur high court decision the sootr
Rajnandgaon minor rape murder case : हाईकोर्ट ने कहा है कि यह रेयर ऑफ रेयरेस्ट केस की श्रेणी में नहीं आता है। आरोपी को सुधार का अवसर भी दिया जा सकता है।

Rajnandgaon minor rape murder case : सात साल की मासूम के साथ रेप और उसके बाद बच्ची की हत्या के आरोपी की फांसी की सजा को होईकोर्ट ने माफ कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि ये बेहद क्रूर और जघन्य केस है, लेकिन इसे रेयर ऑफ रेयरेस्ट की केटेगरी में नहीं रखा जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अमितेंद्र किशोर की डिवीजन बैंच ने इस केस की सुनवाई की थी। कोर्ट ने आरोपी की फांसी की सजा पर रोक लगाते हुए उसे 10 साल उम्रकैद में बदल दिया।



IIM में 25 लाख रुपए कम रहा इस बार हाईएस्ट पैकेज, हर सेक्टर में गिरावट



90 करोड़ का रेल नीर प्लांट बंद, 3 राज्यों में होती थी पानी की सप्लाई



फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई थी फांसी की सजा

सात साल की मासूम के साथ रेप और हत्या कर उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंके जाने के मामल की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई थी। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी। इस केस की अपील हाईकोर्ट में की गई थी। वहीं,फास्ट ट्रैक कोर्ट ने भी सजा की पुष्टि के लिए मामला ऊपरी अदालत में भेजा था।


क्या था मामला


जानकारी के अनुसार घटना राजनांदगांव के सोमानी गांव में 8 फरवरी 2021 को हुई थी। गांव में रहने वाली सात साल की बच्ची और उसके पांच साल के भाई को आरोपी दीपक बघेल झांकी दिखाने के बहाने अपने साथ ले गया था। झांसी स्थल से आरोपी बच्ची को अपने साथ रेलवे ट्रैक के पास ले गया और वारदात को अंजाम दिया। बच्ची के साथ रेप के बाद उसने उसकी हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। ट्रैक पर कई ट्रेन गुजरने के कारण शव क्षत विक्षत हो गया था।



मणप्पुरम फाइनेंस की ब्रांच मैनेजर ने पार कर दिया लाखों का सोना



IAS Award : राज्य प्रशासनिक सेवा के ये 14 अफसर बने IAS



आरोपी को सुधार का अवसर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कोर्ट ने कहा है कि यह रेयर ऑफ रेयरेस्ट केस नहीं है। इसलिए आरोपी को सुधार का अवसर दिया जा सकता है। आरोपी का पुनर्वास भी किया जा सकता है। आरोपी के लिए 10 साल की उम्र कैद की सजा पर्याप्त है।



FAQ

  1. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में क्या सजा सुनाई थी ?
    फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने 10 साल की उम्रकैद में बदल दिया।
  2. हाईकोर्ट ने फांसी की सजा क्यों माफ की ?
    हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला "रेयर ऑफ रेयरेस्ट" की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए आरोपी को सुधार और पुनर्वास का अवसर दिया जा सकता है।
  3. यह घटना कब और कहां घटी थी ?
    यह घटना 8 फरवरी 2021 को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के सोमानी गांव में घटी थी। आरोपी ने सात साल की मासूम के साथ रेप और हत्या कर उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था।


Tags:
  • CG News
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • राजनांदगांव न्यूज
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला
  • Bilaspur High Court
  • बच्ची से रेप-मर्डर
  • cg news in hindi
  • bilaspur high court decision
  • रेप-मर्डर केस
  • cg news update
  • cg news hindi
  • cg news today