रामगढ़ को खतरा हुआ तो बंद होगा कोयला खनन, मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी चेतावनी
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कोयला खदानों की वजह से ऐतिहासिक रामगढ़ पर्वत को किसी तरह का खतरा हुआ तो कोयला उत्खनन बंद करा दिया जाएगा। रामगढ़ से सटे हसदेव जंगल में हो रही ब्लास्टिंग से रामगढ़ पहाड़ी में दरारें पड़ रही हैं और लैंड स्लाइडिंग की आशंका है। इस बीच 29 और 30 जून को रामगढ़ महोत्सव का आयोजन होगा।
ब्लास्टिंग से दरक रहा है रामगढ़
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने चिंता जताई थी कि हसदेव के जंगल में कोल ब्लॉक में हो रही ब्लास्टिंग के कारण रामगढ़ पहाड़ी के पत्थरों में दरारें आ रही हैं, और भूस्खलन यानी लैंड स्लाइडिंग का खतरा बन रहा है।
उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जिस समय कोल ब्लॉक को मंजूरी मिली थी, उस समय टीएस सिंहदेव विधायक थे और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।
लेकिन मंत्री ने यह भी साफ किया कि रामगढ़ को किसी भी तरह का खतरा होने पर चाहे कोई भी कंपनी या एजेंसी हो, कोयला खनन बंद कराया जाएगा।
29-30 जून को होगा रामगढ़ महोत्सव
मंत्री राजेश अग्रवाल ने बुधवार को रामगढ़ महोत्सव की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। आषाढ़ माह के पहले दिवस पर 29 और 30 जून 2026 को भव्य रामगढ़ महोत्सव का आयोजन होगा।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, स्कूली प्रस्तुतियां, कवि सम्मेलन, शास्त्रीय नृत्य और संगीत की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी। स्थानीय कलाकारों को मंच देने पर खास जोर रहेगा। आने वाले लोगों के लिए बस सेवा की भी व्यवस्था होगी।
रामगढ़ क्यों है इतना खास
रामगढ़ पहाड़ी उदयपुर विकासखंड मुख्यालय के पास स्थित है। समुद्र तल से करीब 3202 फीट ऊंची यह पहाड़ी दूर से किसी विशाल हाथी जैसी दिखती है।
महाकवि कालिदास की अमर रचना मेघदूतम की रचना-स्थली माना जाने वाला यह स्थल विश्व की सबसे प्राचीन शैल नाट्यशाला के रूप में प्रसिद्ध है।
रामगढ़ पर्वत की गोद में सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाएं हैं। इतिहासकार मानते हैं कि ये गुफाएं तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व यानी मौर्यकालीन युग की हैं।
2000 साल पुरानी मूर्तियां भी हैं यहां
जोगीमारा गुफा में लगभग 8 मूर्तियां संग्रहित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ये मूर्तियां करीब 2000 साल पुरानी हैं। जोगीमारा गुफा अपने भित्ति चित्रों और मौर्यकालीन ब्राह्मी लिपि के अभिलेखों के लिए भी मशहूर है।
सीताबेंगरा गुफा में गुप्तकालीन ब्राह्मी लिपि के शिलालेख पाए जाते हैं जो भारतीय इतिहास और साहित्य के अमूल्य प्रमाण हैं।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह स्थल आस्था, संस्कृति, नाट्य परंपरा और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
FAQ
- रामगढ़ पहाड़ी को लेकर विवाद क्या है?
रामगढ़ पहाड़ी के पास कोयला खनन में हो रही ब्लास्टिंग को लेकर चिंता जताई गई है। आशंका है कि इससे पहाड़ी में दरारें और लैंड स्लाइडिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसी को लेकर खनन और ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण पर चर्चा हो रही है। - रामगढ़ पर्वत का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
रामगढ़ को महाकवि कालिदास की मेघदूतम की रचना-स्थली माना जाता है। यहां विश्व की सबसे प्राचीन शैल नाट्यशाला है। सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाएं यहां हैं जो तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व की बताई जाती हैं। - रामगढ़ कोयला खनन पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने क्या कहा?
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा है कि यदि कोयला खनन से रामगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंचने का खतरा हुआ तो उत्खनन बंद करा दिया जाएगा, चाहे खनन किसी भी कंपनी या एजेंसी द्वारा किया जा रहा हो।
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