डिजिटल अरेस्ट कर रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर से 1.28 करोड़ की ठगी
NEWS IN SHORT
- रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर से 1.28 करोड़ की ठगी
- आरोपी सोमनाथ महतो हरियाणा से गिरफ्तार
- वीडियो कॉल पर 24 घंटे बंधक बना कर ठगी
- पुलिस ने कई खाते किए फ्रीज , 58 लाख लौटाए
- साइबर सुरक्षा चेतावनी: अनजान कॉल से सतर्क रहें
NEWS IN DETAIL
रायपुर में एक रिटायर्ड पशु चिकित्सक से डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है। जिसमे करीब 1 करोड़ 28 लाख रुपए की ठगी की गई हैं। वही पुलिस ने मुख्य आरोपी को हरियाणा के गुड़गांव के सोहना रोड से गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल ठगी का दौर करीब 24 दिनों तक वीडियो कॉल पर दबाव बनाकर चलता रहा, जिसमें ठग ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर रकम ऐंठी। मामला विधानसभा थाना क्षेत्र का है और अभियुक्त पर मनी लॉन्ड्रिंग तथा धोखाधड़ी का आरोप है।
रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर से ठगी
रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर सपन कुमार, जो पशुपालन विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उन्हें 31 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 12:15 बजे अपने मोबाइल के वॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से कॉल आया । कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और उन्हें एक FIR की नकल भेजी। आरोपियों ने बताया कि सपन कुमार के क्रेडिट कार्ड से कई लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है।
डराया-धमकाया लिया वित्तीय विवरण
पुलिस कहते हैं कि आरोपियों ने गिरफ्तारी व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप की धमकी देकर बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड, एफडी (Fixed Deposit) और अन्य वित्तीय विवरण देने को कहा। डर के कारण सपन कुमार ने सारी बैंक डिटेल्स, एफडी संबंधी जानकारी तक उन्हें वॉट्सऐप के माध्यम से भेज दी। इसके बाद ठगों ने दबाव बनाना शुरू किया और रकम की मांग तेज कर दी।
पहले 34 लाख, फिर 39 लाख रुपये ट्रांसफर
जांच के मुताबिक, 3 जनवरी 2026 को आरोपियों ने सपन कुमार से FIRST RTGS में 34 लाख रु. खाते में भेजवाने को कहा। डर के कारण उन्होंने वह रकम ट्रांसफर कर दी। लगभग 10 दिनों बाद, 13 जनवरी को उन आरोपियों ने फिर से दूसरा खाते में 39 लाख रुपये भेजने का दबाव डाला, जो की उन्होंने भेज दी।
एफडी तोड़कर दी लाखों की रकम
इसी बीच आरोपियों ने तीसरी मांग की – 55 लाख रुपये। इस रकम की आवश्यकता पूरी करने के लिए सपन कुमार ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तोड़वाई और वह रकम भी अपराधियों के बताये खाते में जमा करवा दी। इस प्रकार कुल मिलाकर 1 करोड़ 28 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हो गए।
जब तीसरी मांग के बाद भी पैसे भेजे गए, तो डॉक्टर को शक हुआ कि शायद वे ठगे जा रहे हैं। उन्होंने तुरंत विधानसभा थाना पहुंचकर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
ऑपरेशन साइबर शील्ड: पुलिस की तेजी से कार्रवाई
आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर ने तुरंत ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ शुरू किया। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और लेन‑देन का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम कई अलग‑अलग खातों में ट्रांसफर की गई थी।
पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए कई खातों को फ्रीज कराया और उनमें से कुछ अंश रकम को कब्जे में ले लिया। अब तक पीड़ित को लगभग 58 लाख रुपये वापस किए जा चुकें हैं और बाकी बचे धन को आरोपी के अन्य खातों में होल्ड कराया था।
गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी की लोकेशन लगातार दिल्ली‑हरियाणा के आसपास बदल रही थी। पुलिस टीम ने लगातार खंगाला और अंततः 27 वर्षीय सोमनाथ महतो को गुड़गांव के सोहना रोड से गिरफ्तार किया। वह आर मंगलम यूनिवर्सिटी के पास छिपा हुआ था।
मुख्य आरोपी को पकड़ कर रायपुर लाया गया, जहां उसे कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब बाकी सहयोगियों की पहचान और अन्य खातों में जमा धन की भी विस्तृत जांच कर रही है।
आवश्यक जानकारी
- किसी भी अनजान कॉलर को निजी या बैंक डिटेल्स साझा न करें
-संदेहास्पद कॉल की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या साइबर सेल को दें
- अपना OTP कभी भी साझा ना करे
-ऑनलाइन या मोबाइल बैंकिंग के दौरान हमेशा दोहरी जाँच करें
-साइबर अपराध की रिपोर्ट तुरंत करें
निष्कर्ष
रायपुर में एक रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.28 करोड़ रुपए की ठगी हुई। आरोपी सोमनाथ महतो ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बताया और वीडियो कॉल पर 24 घंटे तक दबाव बनाया। डर और मजबूरी में पीड़ित ने एफडी तोड़कर पैसे ट्रांसफर किए। पुलिस ने हरियाणा से आरोपी को गिरफ्तार कर कई खाते फ्रीज किए और अब तक 58 लाख रुपए पीड़ित को लौटाए हैं।
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