इंदौर में रिटायर्ड अफसर से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.15 करोड़ की ठगी
Rahul Dave | Feb 28, 2026, 17:51 IST
digital arrest
इंदौर में एक रिटायर्ड सरकारी अफसर और उनकी पत्नी को 15 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट किया गया। आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराया। उन्होंने 1.15 करोड़ रुपए ठग लिए।
News in Short
- इंदौर के एक रिटायर्ड अफसर को जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट किया।
- आरोपियों ने खुद को सीबीआई और ईडी का फर्जी अधिकारी बताया।
- दंपती को डराया कि उनके खाते में आतंकी फंडिंग का पैसा आया है।
- डर के मारे बुजुर्ग दंपती ने कुल 1.15 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए।
- 15 दिन बाद ठगी का अहसास होने पर पुलिस में शिकायत की गई।
News in Detail
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प्रॉपर्टी बेचकर आए पैसे पर थी ठगों की नजर
जालसाजों ने अधिकारी को फोन कर खुद को बड़ा अफसर बताया। उन्होंने कहा कि वे सीबीआई या ईडी विभाग से बोल रहे हैं। उन्होंने पीड़ित को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का डर दिखाया। घबराहट में आकर दंपती ने अपनी सारी जमा पूंजी गंवा दी।
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वीडियो कॉल पर वर्दी पहनकर दी गिरफ्तारी की धमकी
अपराधियों ने कहा कि आपके बैंक खातों की जांच करनी होगी। उन्होंने जांच के नाम पर पैसा सरकारी खाते में डालने को कहा। भरोसा दिलाया कि क्लीन चिट मिलने पर पैसा वापस मिल जाएगा। इसी झांसे में आकर दंपती ने खाते में पैसा भेज दिया।
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15 दिनों तक घर में ही कैद रहा बुजुर्ग दंपती
जब कई दिनों तक ठगों का फोन नहीं लगा तो शक हुआ। तब जाकर पीड़ित को अहसास हुआ कि वे ठगे जा चुके हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस की क्राइम ब्रांच से संपर्क किया। पुलिस ने अब इस मामले की ई-एफआईआर दर्ज कर ली है।
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पुलिस की सलाह
जालसाज अक्सर पढ़े-लिखे और बुजुर्ग लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। वे लोगों की निजी जानकारी जुटाकर उन्हें डराने का काम करते हैं। सतर्क रहकर ही आप अपनी मेहनत की कमाई बचा सकते हैं। किसी भी अंजान खाते में कभी भी पैसा ट्रांसफर न करें।
FAQ
- डिजिटल अरेस्ट क्या होता है?
डिजिटल अरेस्ट एक साइबर अपराध है जिसमें ठग खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हैं। वे पीड़ित को कैमरा ऑन रखकर घर में ही रहने को मजबूर करते हैं, ताकि वह किसी से मदद न मांग सके।
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