मध्यप्रदेश विधानसभा में निवेश, पत्रकार सुरक्षा और आवारा पशुओं पर सरकार घिरी

मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल में तीन मुद्दों पर बहस हुई। ये थे सहारा निवेशकों की फंसी रकम, पत्रकार सुरक्षा कानून और निराश्रित पशुओं की समस्या। विपक्ष ने सरकार से समाधान की मांग की।

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Ramanand Tiwari
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BHOPAL.मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल में तीन अहम मुद्दे उठे। ये मुद्दे थे सहारा समूह के निवेशकों की फंसी रकम, पत्रकार सुरक्षा कानून और निराश्रित पशुओं की समस्या। विपक्ष ने सरकार को आंकड़ों से घेरा। सरकार ने अदालत और प्रशासनिक प्रक्रिया का हवाला दिया।

सहारा निवेशक मामला: 6,689 करोड़ का सवाल

विपक्ष का आरोप क्या है?

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि सहारा समूह ने प्रदेश के निवेशकों के 6,689 करोड़ रुपए ले लिए। लेकिन अब तक सिर्फ 355 करोड़ रुपए ही वापस किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छोटे निवेशकों ने अपनी जीवनभर की कमाई निवेश की थी, लेकिन उन्हें पूरा पैसा नहीं मिला।

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सरकार का जवाब

राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया: मामले में 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सभी एफआईआर मुरैना में दर्ज कर मुख्य प्रकरण में जोड़ी गई हैं। अब तक 355 करोड़ रुपए निवेशकों को लौटाए जा चुके हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत चल रहा है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कहा कि सरकार न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ही कार्रवाई कर सकती है।

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विपक्ष का पलटवार

जयवर्धन सिंह ने दावा किया कि पिछले छह वर्षों में 123 एफआईआर दर्ज हुईं, जिनमें कई अभी लंबित हैं। उन्होंने सवाल उठाया: रिकवरी सिर्फ 5% क्यों? बाकी हजारों करोड़ की वसूली की योजना क्या है? गृह विभाग के पास पूरी जानकारी क्यों नहीं? मामला अब भी राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर गर्म है। पत्रकार सुरक्षा कानून: कब बनेगा कानून?

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पत्रकार सुरक्षा कानून कब?

कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने पूछा कि प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून कब तक लागू होगा? सरकार की स्थिति मंत्री धर्मेंद्र  लोधी ने कहा- सरकार पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अन्य राज्यों के कानूनों का अध्ययन किया जा रहा है। विशेषज्ञों से परामर्श जारी है। मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई गई। कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने कहा- आवारा पशुओं से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। किसान रातभर टॉर्च लेकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि कितनी गौशालाएं बंद हैं और सरकार ठोस समाधान कब देगी।

पशु मालिकों पर 25 लाख से ज्यादा जुर्माना

प्रदेश की गौशालाओं में 4 लाख से अधिक मवेशी आश्रित हैं। पशु मालिकों पर 25 लाख रुपए से ज्यादा जुर्माना लगाया गया है। हाईवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। चयनित स्थानों पर नई गौशालाएं चिन्हित की गई हैं। सरकार का दावा है कि निरंतर कार्रवाई जारी है। गौशालाओं और जुर्माने के जरिए नियंत्रण के प्रयास कर रहे हैं।

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जवाब मिले, लेकिन संतोष नहीं

विधानसभा में सरकार ने हर सवाल का जवाब दिया, लेकिन विपक्ष पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आया। सहारा निवेशकों की रकम, पत्रकारों की सुरक्षा और किसानों की फसल—तीनों मुद्दे सीधे जनता से जुड़े हैं। अब नजर इस बात पर है कि सरकार के आश्वासन जमीनी कार्रवाई में कब और कैसे बदलते हैं। क्योंकि सदन में बहस जरूरी है, लेकिन जनता को परिणाम चाहिए।

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