सक्ति पावर प्लांट हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच, पीएम ने किया मुआवजे का ऐलान
NEWS IN SHORT
- सक्ति में वेदांता पावर प्लांट में बड़ा हादसा हुआ जिसमे 10 मजदूरों की मौत हो गई हैं
- प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान
- हादसे में 23 मजदूर घायल, गंभीर घायलों का इलाज जारी हैं
- कलेक्टर और एसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की
- मुख्यमंत्री ने गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं
NEWS IN DETAIL
SAKTI : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए एक भीषण हादसे ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। मंगलवार, 14 अप्रैल को प्लांट के एक बॉयलर में विस्फोट हो गया।
यह धमाका इतना जबरदस्त था कि मौके पर काम कर रहे मजदूरों की जान पर बन आई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 23 मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें से 6 मजदूरों की हालत बेहद नाजुक है।
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
हादसे के तुरंत बाद, घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती किया गया। प्रशासन ने सभी घायल मजदूरों को हर संभव इलाज देने का दावा किया है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहा है।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा की। पीएम ने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है, और उन्होंने घायलों की जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
कलेक्टर और एसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
सक्ती पावर प्लांट हादसा :हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने राहत कार्यों की निगरानी की और प्रशासन को हर पहलू की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
कलेक्टर ने इस हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि यह हादसा किस कारण हुआ और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम साय का सख्त रुख
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस घटना पर दुख जताया और जिला प्रशासन को घायलों के इलाज के लिए सभी जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस घटना की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सवाल उठे, क्या थी इस हादसे की असल वजह?
इस हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार पावर प्लांट में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। प्रशासन और सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द जांच और कार्रवाई करने का वादा किया है।
क्या अब प्रशासन ने पावर प्लांट के सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ाई है?
सिंघीतराई पावर प्लांट :हादसे के बाद प्रशासन और सरकार की ओर से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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