सक्ती राजमहल की संपत्ति को लेकर राजपरिवार में खूनी संघर्ष,राजा-रानी और भूमाफिया आमने-सामने

Harrison Masih | Jun 29, 2025, 16:21 IST
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Sakti Rajmahal conflict in sakti royal family over property attack on queen the sootr
Sakti Rajmahal conflict in sakti royal family over property attack on queen the sootr

छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक सक्ती रियासत में राजमहल के भीतर खूनी संघर्ष छिड़ गया, जिसने वर्षों से चल रही संपत्ति विवाद की आंतरिक कलह को सार्वजनिक मंच पर ला दिया।

Sakti Rajmahal: छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक सक्ती रियासत में राजमहल के भीतर खूनी संघर्ष छिड़ गया है, जिसने वर्षों से चल रही संपत्ति विवाद की आंतरिक कलह को सार्वजनिक मंच पर ला दिया। यह हिंसक घटना उस समय हुई जब रानी शिल्पा सिंह पर उनके कक्ष में तलवार और लाठियों से लैस हमलावरों ने हमला कर दिया। हमले में रानी सहित दो अन्य कर्मचारी घायल हो गए हैं।

यह घटना महल के बाहर वर्षों से सुलग रही संपत्ति की लड़ाई की आग का विस्फोट थी, जिसमें भूमाफिया, रसूखदारों और राजपरिवार के भीतर के गुटों की भूमिका सामने आने लगी है।

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महल पर कब्जे की कोशिश, रानी पर हमला

जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम लगभग 4 बजे, बड़ी रानी कुछ समर्थकों और 10-12 हथियारबंद लोगों के साथ महल में जबरन प्रवेश करने पहुंचीं। क्योंकि इस समय राजा धर्मेंद्र सिंह जेल में बंद हैं, महल में केवल रानी शिल्पा सिंह और कुछ विश्वस्त कर्मचारी ही रह रहे थे। इसी का फायदा उठाकर हमलावरों ने रानी के कक्ष में घुसकर न केवल तोड़फोड़ की बल्कि उनके साथ हाथापाई कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। रानी को उपचार के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

राजा समर्थकों की एंट्री के बाद और बढ़ा बवाल

हमले की सूचना मिलते ही राजा धर्मेंद्र सिंह के समर्थक और महल के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों गुटों के बीच जोरदार मारपीट हुई, जिसमें दो अन्य लोगों को भी चोटें आईं। भारी हंगामे और झड़प की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां धर्मेंद्र सिंह के समर्थकों ने छह हमलावरों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।

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पुलिस की लापरवाही बनी जनता के गुस्से की वजह

घटना के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस को रियासत की आंतरिक कलह की जानकारी पहले से थी, लेकिन उन्होंने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की। सोशल मीडिया पर भी पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

घटनास्थल से लाठी, तलवार और बंदूक के खाली कारतूस बरामद किए गए, जिससे साफ है कि हमला पूर्वनियोजित और पूरी तैयारी के साथ किया गया था। यह भी गंभीर चिंता का विषय है कि इतनी भारी संख्या में हथियार पुलिस स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित महल तक कैसे पहुंचे?

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चार साल पुराना विवाद, जो अब बना खूनी संघर्ष

यह घटना सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि चार साल से चल रहे विवाद का विस्फोटक परिणाम है। बताया जाता है कि राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह और बड़ी रानी के बीच विवाद के बाद वह नेपाल चली गई थीं। जब राजा ने धर्मेंद्र सिंह को दत्तक पुत्र के रूप में राजतिलक किया, तब रानी वापस लौटीं और ताजपोशी का विरोध किया।

रानी तब से महल में नहीं रह रही थीं और अलग किराए के मकान में रहती थीं। अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने महल में प्रवेश की कोशिश की, जो हिंसक झड़प में तब्दील हो गई।

माफिया और रसूखदारों की साजिश?

संपत्ति विवाद की इस आग को लेकर अब चर्चा है कि यह विवाद केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि शहर के भूमाफिया और रसूखदारों की सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। इनका मकसद राजमहल की करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा जमाना और राजपरिवार के बीच दरार पैदा करना है। रानी गीता राणा सिंह पहले भी यह आरोप लगा चुकी हैं कि राजा को बरगला कर संपत्ति हड़पने की साजिश रची जा रही है।

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पुलिस का बयान

सक्ती एसडीओपी मनीष कुंवर ने कहा कि हमलावरों में से कुछ को गिरफ्तार किया गया है। मेडिकल जांच के बाद शुक्रवार को उन्हें जेल भेजा जाएगा और पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।

सक्ती रियासत की यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक झगड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और कानूनी व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गई है। राजपरिवार की आंतरिक कलह, भूमाफिया की घुसपैठ, पुलिस की निष्क्रियता और जनता का आक्रोश इन सबने मिलकर इस संघर्ष को एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा बना दिया है।

अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन सच्चाई तक पहुंच पाते हैं या यह घटना भी फाइलों में दबी रह जाती है।

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