कांग्रेस का डीएनए है दिमागी नक्सली एसोसिएशन, बीजेपी ने कहा ये लाल आतंक के प्रेमी

Arun Tiwari | Aug 19, 2026, 18:27 IST
दिमागी नक्सली कथन विवाद
रायपुर में दिमागी नक्सली मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। बीजेपी सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कांग्रेस नेताओं के डीएनए को दिमागी नक्सली एसोसिएशन बताया।

एक बार फिर दिमागी नक्सली के मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं पर हमला करते हुए कहा है कि कांग्रेसियों के तो डीएनए का मतलब दिमागी नक्सली एसोसिएशन यानी डी से दिमागी, एन से नक्सली और ए से एसोसिएशन है।



पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों को दिमागी नक्सलियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने बेशर्मी के साथ खुद को दिमागी नक्सली बताते हुए इस पर गर्व जताया है, उसने कांग्रेस के राष्ट्रविरोधी चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।



कांग्रेस को लाल आतंक से प्रेम :

संतोष पांडे ने कहा कि जिस छत्तीसगढ़ ने दशकों तक लाल आतंक का दंश झेला है, जहाँ हजारों निर्दोष ग्रामीणों, आदिवासियों और सुरक्षा बलों के वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी, जहां नक्सलियों ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की एक पूरी पीढ़ी की बलि ले ली, उसी छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रभारी और केंद्र में गृह मंत्री रह चुके नेता खुलेआम नक्सली सोच की वकालत कर रहे हैं।



जब देश का गृह मंत्री रहा व्यक्ति खुद को दिमागी नक्सली कहे, तो इससे बड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ और क्या हो सकता है। यह सीधे-सीधे उन वीर जवानों के बलिदान का खुला अपमान है जो बस्तर के जंगलों में तिरंगे की आन-बान-शान के लिए लड़ते हैं।



उन्होंने कहा कि कांग्रेस और नक्सलियों का यह वैचारिक और राजनीतिक भाईचारा कोई नया नहीं है। जब-जब सुरक्षा बल नक्सलियों पर कड़ा प्रहार करते हैं, तब-तब कांग्रेस के दिमागी नक्सली उनके मानवाधिकारों का ढोंग रचकर ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं।



कांग्रेस पार्टी अब विशुद्ध रूप से शहरी नक्सलियों और देश तोड़कर ताकतों का राजनीतिक मोर्चा बन चुकी है। छत्तीसगढ़ और देश के नागरिक अब कांग्रेस के इस राजनीतिक पाखंड को बर्दाश्त नहीं करेंगे।



कांग्रेस का पीएम पर हमला :

वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के लाल किले पर दिए भाषण पर निशाना साधा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को जो उद्बोधन दिया वह देश और प्रदेश की जनता को निराश करने वाला था।



प्रधानमंत्री ने अप्रत्यक्ष तौर पर युवाओं के आंदोलन को नक्सल विचारधारा से जोड़ा। यह देश की युवा पीढ़ी का अपमान है। पीएम देश के युवाओं को साफ निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली दे पा नहीं रहे।



आपके राज में नौकरियां बेची जा रही है। विरोध पर बच्चे सामने आ रहे तो वे नक्सली हो गये, देश के प्रधानमंत्री भारत की 65 प्रतिशत युवा आबादी से माफी मांगे। बैज ने कहा कि अपने हक और अधिकार की मांग करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।



देश के युवा बेहतर भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के लिए जंतर-मंतर से लेकर पूरे देश में सड़कों पर उतरे थे। युवाओं का आंदोलन पूरी तरह गांधीवादी और शांतिपूर्ण था, युवाओं ने तमाम उकसावे की कार्यवाही लाठीचार्ज, पैलेटगन, आंसू गैस, पानी की बौछार छात्राओं के साथ की गयी अभद्रता को भी सहा, लेकिन आंदोलन अहिंसक नहीं हुआ उसके बाद देश का प्रधानमंत्री अपने ही देश के युवाओं को नक्सलवादी बताये यह सर्वथा अस्वीकार्य है।



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