कांग्रेस नेता ने मांगी सरोज पांडेय की बैंक डिटेल्स, हाईकोर्ट ने भेजा नोटिस

Harrison Masih | Aug 13, 2026, 13:47 IST
2018 चुनाव विवाद सरोज पांडेय
2018 राज्यसभा चुनाव का पुराना मामला फिर चर्चा में है। कांग्रेस नेता लेखराम साहू ने सरोज पांडेय के कथित यूनियन बैंक खाते की पूरी जानकारी मांगते हुए हाईकोर्ट में आवेदन दिया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • लेखराम साहू ने सरोज पांडेय के बैंक खाते की जानकारी मांगी।
  • मामला 2018 के राज्यसभा चुनाव से जुड़ी चुनाव याचिका का है।
  • आरोप है कि शपथ पत्र में यूनियन बैंक खाते की जानकारी छिपाई गई थी।
  • हाईकोर्ट ने सरोज पांडेय को दो सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया।
  • बैंक रिकॉर्ड सामने लाने के लिए Bankers' Books Evidence Act का हवाला दिया गया।

मामले की सुनवाई जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच में हुई, जहां कोर्ट ने सरोज पांडेय को आवेदन पर दो सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।



दरअसल, लेखराम साहू ने वर्ष 2018 के राज्यसभा चुनाव को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस चुनाव में सरोज पांडेय भाजपा की उम्मीदवार थीं। लेखराम साहू का आरोप है कि चुनाव के दौरान सरोज पांडेय ने निर्वाचन आयोग को दिए अपने शपथ पत्र में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते की जानकारी छिपाई थी। इसी बैंक खाते की पूरी जानकारी सामने लाने के लिए अब कोर्ट में आवेदन दिया गया है।



यूनियन बैंक के खाते की जानकारी मांगने का मामला

याचिकाकर्ता लेखराम साहू की ओर से कोर्ट में बताया गया कि पहले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर को बतौर गवाह अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया था। इसका उद्देश्य बैंक खाते से जुड़ी जानकारी कोर्ट के सामने रखना था।



हालांकि, याचिका में कहा गया है कि बैंक अधिकारी ने कोर्ट में गवाही देने से इनकार कर दिया। इसके बाद अब याचिकाकर्ता ने सीधे सरोज पांडेय के बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।



याचिकाकर्ता का कहना है कि बैंक खाते से संबंधित जानकारी चुनाव याचिका में महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी वजह से खाते की पूरी डिटेल अदालत के सामने लाने की मांग की गई है।



सरोज पांडेय पहले ही गवाह बनने से कर चुकी हैं इनकार

मामले में सरोज पांडेय की ओर से पहले ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कहा जा चुका है कि वह इस केस में अपनी ओर से किसी गवाह को पेश नहीं करेंगी और न ही खुद गवाह के तौर पर अदालत में आएंगी।



बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सरोज पांडेय की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और सुदीप वर्मा ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जब सरोज पांडेय ने खुद गवाही देने से इनकार कर दिया है, तो उनसे क्रॉस-एग्जामिनेशन भी संभव नहीं है।



बैंक खाते की जानकारी कैसे सामने आएगी?

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि अब छिपे हुए बैंक खाते की जानकारी सामने लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत बैंक रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सकता है।



इस दौरान बैंकिंग से जुड़े कानून का भी उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक खाते की जानकारी को अदालत में पेश करने के लिए Bankers' Books Evidence Act, 1891 की धारा 6 का सहारा लेने की बात कही गई है।



इस प्रावधान के तहत बैंक के रिकॉर्ड और खातों से जुड़ी जानकारी को कुछ परिस्थितियों में अदालत के सामने साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सकता है।



पार्टी के निर्देश का भी दिया गया हवाला

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से यह भी बताया गया कि पार्टी स्तर से जानकारी उपलब्ध कराने से मना किया गया था। इसके बाद बैंक खाते से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया गया।



हालांकि, आरटीआई के जरिए मिली जानकारी में इस बैंक खाते के अस्तित्व से इनकार नहीं किया गया है। यानी मामले में बैंक खाते के होने को लेकर अलग-अलग स्तर पर जानकारी सामने आ चुकी है।



2018 राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है पूरा मामला

यह पूरा विवाद वर्ष 2018 के छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है। उस समय कांग्रेस उम्मीदवार लेखराम साहू ने भाजपा उम्मीदवार सरोज पांडेय के चुनाव को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी।



याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरोज पांडेय (saroj pandey) ने निर्वाचन आयोग को दिए गए अपने शपथ पत्र में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक बैंक खाते की जानकारी नहीं दी थी। अब इसी आरोप से जुड़े दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड अदालत में पेश किए जाने की मांग की जा रही है।



फिलहाल हाईकोर्ट ने सरोज पांडेय को आवेदन पर जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी और यह तय होगा कि बैंक खाते से संबंधित रिकॉर्ड किस तरह अदालत के सामने पेश किया जाएगा।



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