राज्यसभा चुनाव विवाद: कांग्रेस की आखिरी उम्मीद सुप्रीम कोर्ट, अब आगे क्या?
Ramanand Tiwari | Jun 12, 2026, 08:30 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव विवाद में कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। महेश केवट के मामले पर कानूनी लड़ाई जारी है। कांग्रेस चुनाव याचिका दायर करने की संभावना तलाश रही है।
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- राज्यसभा चुनाव विवाद में कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
- महेश केवट के निर्वाचन पर कांग्रेस सवाल उठा रही है।
- विवेक तन्खा कानूनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
- निर्वाचन आयोग ने भाजपा समर्थित तीनों उम्मीदवार घोषित किए।
- कांग्रेस चुनाव याचिका दायर करने की संभावना तलाश रही है।
अब पार्टी की निगाहें शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली संभावित सुनवाई पर टिकी हैं। इस पूरे विवाद के केंद्र में राज्यसभा सदस्य घोषित किए गए महेश केवट का मामला है, जिस पर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है।
क्या है पूरा मामला?
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस की आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया और गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा समर्थित तीनों उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर दिया।
इसी बीच कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। गुरुवार को तत्काल सुनवाई की मांग की गई, लेकिन शीर्ष अदालत ने मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध करने का संकेत दिया।
कांग्रेस के सामने अब क्या विकल्प?...
- कानूनी जानकारों का कहना है कि चुनाव परिणामों को चुनौती देने के लिए चुनाव याचिका ही स्थापित संवैधानिक प्रक्रिया मानी जाती है।
- निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा के तीनों उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर दिया।
- कांग्रेस ने पहले चुनाव आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई।
- आयोग से राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।
- गुरुवार को तत्काल सुनवाई नहीं हो सकी।
- शुक्रवार को सुनवाई की संभावना बनी हुई है।
- महेश केवट के निर्वाचन को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है। जरूरत पड़ने पर कांग्रेस चुनाव याचिका दायर कर सकती है।
विवेक तन्खा की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तन्खा की कानूनी विशेषज्ञता कांग्रेस को इस मामले में मजबूती दे सकती है। वहीं दूसरी ओर यह भी तय है कि अदालत में केवल राजनीतिक तर्क नहीं, बल्कि ठोस संवैधानिक आधार ही निर्णायक साबित होंगे।
मीनाक्षी नटराजन और महेश केवट का नाम क्यों चर्चा में?
वहीं कांग्रेस संगठन की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन भी इस पूरे घटनाक्रम पर पार्टी के रुख को मजबूती से रखने वालों में शामिल रही हैं। ऐसे में यह विवाद केवल चुनावी नहीं, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक साख से भी जुड़ गया है।
कांग्रेस के लिए चुनौती और अवसर दोनों
शुक्रवार की सुनवाई यह तय कर सकती है कि यह मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट में आगे बढ़ेगा या फिर चुनाव याचिका के रास्ते नई कानूनी लड़ाई शुरू होगी। फिलहाल, कांग्रेस की उम्मीदें विवेक तन्खा की कानूनी दलीलों पर टिकी हैं, जबकि भाजपा इसे संपन्न चुनावी प्रक्रिया का स्वाभाविक निष्कर्ष बता रही है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
MP में राज्यसभा का रण: मीनाक्षी की उम्मीदवारी पर फैसला अटका, इधर... BJP के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध जीते
मीनाक्षी नामांकन विवाद पर सुप्रीम सुनवाई कल, कांग्रेस बोली- रिजल्ट घोषित न करें
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले में कल सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: कांग्रेस देर रात पहुंची सुप्रीम कोर्ट
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari