घूसखोर डिप्टी कलेक्टर रंगेहाथ पकड़ा तो लोगों ने पटाखे फोड़ मनाया जश्न
Bemetara SDM Reached Jail : बेमेतरा जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। रिश्वतखोर डिप्टी कलेक्टर ( प्रभारी एसडीएम) के गिरफ्तार होने से लोग जश्न मनाने लगे। जिले के साजा में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) रायपुर की टीम ने एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर टेकराम माहेश्वरी को 10,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई में उनके साथ एक होम गार्ड सिपाही भी पकड़ा गया था। वह रिश्वत देने वाले और एसडीएम के बीच मीडियेटर का काम कर रहा था।
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लोगों ने पटाखा फोड़कर मनाया जश्न
एसीबी ने गुरुवार देर रात दस्तावेज कार्रवाई पूरी कर ली। शुक्रवार को आरोपी एसडीएम और होम गार्ड सिपाही को बेमेतरा जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसडीएम की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।
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इलाके के लोगों का कहना है कि एसडीएम टेकराम माहेश्वरी काम के बदले पैसे मांगने के लिए कुख्यात थे। इससे पहले वे कई विवादों में फंसे थे। अक्टूबर में साजा के शासकीय कॉलेज के छात्र धरने पर बैठे थे, और माहेश्वरी ने छात्राओं से बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था।
कलेक्टर से पहले ही दी थी चेतावनी
टेकराम माहेश्वरी को इसी माह काम में लापरवाही के चलते कलेक्टर ने शो-कॉज नोटिस दिया था। तीन महीने पहले बेमेतरा के तत्कालीन कलेक्टर रणबीर शर्मा ने उन्हें साजा एसडीएम की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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FAQ
- एसीबी ने एसडीएम को क्यों गिरफ्तार किया?
एसीबी ने एसडीएम टेकराम माहेश्वरी को 10,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वे काम के बदले पैसे मांगने के लिए कुख्यात थे। - एसडीएम के खिलाफ पहले भी विवाद क्यों हुए थे?
अक्टूबर में उन्होंने साजा के शासकीय कॉलेज के छात्रों से अभद्र भाषा में बात की थी। इसके अलावा, काम में लापरवाही के कारण उन्हें कलेक्टर से शो-कॉज नोटिस भी मिला था। - जनता ने गिरफ्तारी के बाद कैसे प्रतिक्रिया दी?
एसडीएम की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। लोगों का कहना है कि उनकी भ्रष्टाचार और अभद्र व्यवहार से वे लंबे समय से परेशान थे।
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