महासमुंद टोन्ही कांड : कोर्ट के आदेश पर 23 लोगों पर FIR दर्ज

Aishwarya Dwivedi | Jul 26, 2026, 10:43 IST
महादेव-ब्लैक-मनी-पत्नियों-के-बैंक-खाते
महासमुंद के पिथौरा में एक परिवार को 'टोन्ही' बताकर सामाजिक बहिष्कार और राशन बंद करने का मामला सामने आया है। पुलिस की अनदेखी के बाद कोर्ट के आदेश पर 23 दबंगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • टोन्ही बताकर परिवार का सामाजिक बहिष्कार, 23 पर प्राथमिकी दर्ज।
  • पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद, कोर्ट के आदेश पर हुई एफआईआर।
  • राशन तक बंद कराया, अब आरोपियों पर कसता जा रहा शिकंजा।
  • अंधविश्वास के चक्कर में बेगुनाह पीड़ित, अदालत से मिली बड़ी राहत।
  • टोन्ही प्रताड़ना के खिलाफ सख्त कार्रवाई, कानूनी शिकंजे में 23 नामजद।

टोन्ही के नाम पर अत्याचार

महासमुंद के पिथौरा चौक वार्ड-9 का यह बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक परिवार को लंबे समय से टोन्ही-टोनहा कहकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। दबंगों द्वारा परिवार को जान से मारने की धमकी देकर मोहल्ला छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा था। स्थानीय दुकानदारों को ताकीद की गई थी कि वे इस परिवार को दैनिक जरूरत का राशन न दें।



कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

पीड़ित महिला ने सबसे पहले स्थानीय थाने में जाकर अपनी आपबीती सुनाई। शिकायत के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो पीड़िता ने न्याय के लिए अदालत की शरण ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, बागबाहरा ने पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए।



न्यायालय के निर्देश मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने 24 जुलाई को कुल 23 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज कर ली। आरोपियों में पुनाराम मरकाम, सुशील, देव कुमार, जयपवन उर्फ तेली, भगवान दास, भारत, कुलेश मरकाम, केशर, सोनिया, बुग्गी सोनवानी, तुलसी मरकाम, पुष्पा मरकाम, आरती, फिरन मरकाम, पायल, रूबी, जयकुमारी, रितेश, घनश्याम मरकाम उर्फ ढेकला, देवदास, भेखराम, लव और कुश शामिल हैं।



टोन्ही कुप्रथा पर सख्ती

इन सभी आरोपियों पर छत्तीसगढ़ टोन्ही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, 2005 (Act) की धारा 4 व 5 लगाई गई है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS – Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 115(2), 296, 351, 74, 79 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।



छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास से जुड़े मामले लगातार चिंता का कारण बने हुए हैं। प्रदेश में 2021 से 2025 के बीच जादू-टोने और अंधविश्वास के चक्कर में 83 लोगों की जान जा चुकी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB – National Crime Records Bureau) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में देश में तंत्र-मंत्र से जुड़ी हत्याओं के कुल 54 मामले सामने आए। इनमें से अकेले छत्तीसगढ़ में 10 मामले दर्ज हुए थे, जिससे राज्य पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहा। वहीं साल 2025 में भी ऐसे 12 मामले दर्ज किए गए थे।



टोन्ही हिंसा पर कड़ा कानून

सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, प्रदेश में साल 2017 से 2025 के बीच टोन्ही के संदेह में प्रताड़ना और मारपीट के करीब 1,350 मामले दर्ज हो चुके हैं। यदि पुराने अनसुने मामलों को भी जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा 3,000 के पार पहुंच जाता है। राज्य सरकार ने टोन्ही प्रताड़ना को रोकने के लिए सख्त कानून लागू किए हैं, जिनमें भारी जुर्माने से लेकर कड़ी सजा तक का प्रावधान शामिल है।



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