रायपुर के अल्दा में विशाल किसान महापंचायत, उद्योगों और किसानों के मुद्दों पर होगा मंथन

Arun Tiwari | May 30, 2026, 14:51 IST
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रायपुर के तिल्दा क्षेत्र के ग्राम अल्दा में 30 मई को विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इस महापंचायत में क्षेत्र के किसान, मजदूर और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होकर खेती, पानी, पर्यावरण और प्रस्तावित मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

Raipur : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा क्षेत्र के ग्राम अल्दा में 30 मई को विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इस महापंचायत में क्षेत्र के किसान, मजदूर और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होकर खेती, पानी, पर्यावरण और प्रस्तावित उद्योगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। आयोजकों का कहना है कि क्षेत्र की जमीन, जल स्रोत और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह महापंचायत आयोजित की जा रही है।



यह हैं प्रमुख मुद्दे

कुहारी और मानपुर जलाशय, जिन पर लगभग 20 से 25 गांवों की निर्भरता है, प्रस्तावित स्पंज आयरन उद्योगों के कारण संकट में पड़ सकते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि देवरी और अल्दा क्षेत्र में प्रस्तावित उद्योगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए जलाशयों से पाइपलाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है।



इसके अलावा उद्योगों द्वारा बड़े पैमाने पर भूजल दोहन किए जाने की आशंका भी जताई गई है। किसानों का कहना है कि इससे आने वाले समय में सिंचाई, निस्तारी और पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है तथा खेती-किसानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।



उद्योगों की मुखालफत

आयोजकों के अनुसार तिल्दा-खरोरा क्षेत्र में लगातार बड़े उद्योगों और खदानों की स्थापना की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभाओं और पंचायतों में जनविरोध के बावजूद परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने के लिए कथित रूप से फर्जी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।



ग्राम अल्दा में प्रस्तावित बालाजी स्पंज आयरन उद्योग तथा देवरी में प्रस्तावित अय्यरसेन स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ग्रामीण पिछले एक वर्ष से आंदोलन कर रहे हैं। वे इन परियोजनाओं की जांच कर उन्हें निरस्त करने की मांग उठा रहे हैं।



क्यों हो रही : महापंचायत

महापंचायत के आयोजन के पीछे हाल की घटनाएं भी प्रमुख कारण बताई जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 7 मई 2026 को ग्राम देवरी में प्रस्तावित उद्योग के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे करीब 100 ग्रामीणों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।



इसके बाद से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि उद्योगपतियों के हित में गांवों की जमीन, जल स्रोत, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को खतरे में डाला जा रहा है।



किसानों के मुद्दे भी उठेंगे

महापंचायत में केवल उद्योगों के विरोध का मुद्दा ही नहीं उठेगा, बल्कि किसानों की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा होगी। किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, खाद वितरण में लागू लिमिट व्यवस्था समाप्त करने, कृषि कार्य के लिए पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने तथा डीजल को टैक्स मुक्त करने की मांग रखी है। इसके अलावा धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि की राशि जोड़कर इस खरीदी वर्ष में किसानों को 3358 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।



भूपेश होंगे शामिल

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं हसदेव जंगल बचाओ आंदोलन से जुड़े आलोक शुक्ला, किसान नेता तुकाराम चंद्रवंशी और समाजसेवक योगेश साहू भी मौजूद रहेंगे।



किसानों को किया आमंत्रित

आयोजकों ने किसान, मजदूर और ग्रामीणों से बड़ी संख्या में महापंचायत में शामिल होकर जल, जंगल, जमीन और किसानों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बनाने की अपील की है।



FAQ

  1. किसान महापंचायत कब और कहाँ हो रही है?
    यह 30 मई 2026 को रायपुर जिले के तिल्दा क्षेत्र, ग्राम अल्दा में आयोजित की जा रही है।
  2. महापंचायत में मुख्य मुद्दे क्या होंगे?
    जल-संसाधन, प्रस्तावित उद्योगों का विरोध, भूजल दोहन, पर्यावरण और किसानों के अधिकार प्रमुख मुद्दे हैं।
  3. कौन-कौन शामिल होंगे?
    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, किसान नेता तुकाराम चंद्रवंशी, आलोक शुक्ला, समाजसेवक योगेश साहू और क्षेत्र के किसान और मजदूर शामिल होंगे।
  4. किसानों की अन्य मांगें क्या हैं?
    पर्याप्त खाद की उपलब्धता, खाद वितरण में सुधार, डीजल टैक्स में छूट, धान का समर्थन मूल्य 3358/क्विंटल और सिंचाई व पेयजल सुरक्षा।

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