छत्तीसगढ़ में दो अलग-अलग सर्वे, घर-घर जाकर यात्रा खर्च पूछ रहे सर्वेयर
Aishwarya Dwivedi | Apr 22, 2026, 13:41 IST
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छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार द्वारा जनगणना से पहले ट्रेवल सर्वे कराया जा रहा है। लोग यात्रा से जुड़े सवालों से असमंजस में हैं, सुरक्षा के लिए सावधानियां बरतने की सलाह।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों केंद्र सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे दो अलग-अलग सर्वेक्षणों ने आम जनता के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। एक ओर जहाँ नागरिक आगामी 1 मई से शुरू होने वाली बहुप्रतीक्षित जनगणना की तैयारी में हैं। वहीं दूसरी ओर उससे ठीक पहले नेशनल ट्रेवल सर्वे (NHTS) के लिए सर्वेयरों ने दस्तक देना शुरू कर दिया है।
अचानक घरों की घंटियाँ बजने और निजी यात्राओं के साथ-साथ खर्चों का ब्योरा मांगे जाने से लोग भ्रमित हैं। अक्सर लोगों को लगता है कि जनगणना का कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन असल में यह एक विशिष्ट सांख्यिकीय अध्ययन है जो पर्यटन और आवाजाही के पैटर्न को समझने के लिए किया जा रहा है।
सर्वेक्षण दल घर-घर जाकर परिवार के मुखिया और सदस्यों के कामकाज के अलावा पिछले एक वर्ष के भीतर की गई यात्राओं का विस्तृत विवरण मांग रहे हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित जानकारियां एकत्रित की जा रही हैं:
यात्रा का साधन: क्या आपने बस, ट्रेन या विमान का उपयोग किया?
अवधि: यात्रा कितने दिनों की थी और आपने रात कहाँ बिताई?
आर्थिक पक्ष: यात्रा पर कुल कितना खर्च हुआ?
उद्देश्य: यात्रा का मुख्य कारण क्या था (धार्मिक,व्यावसायिक या निजी)?
यह सर्वेक्षण भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसे 'घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण' (DTS) और 'राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण' (NHTS) के रूप में जाना जाता है।
1. नीति निर्धारण: सरकार यह जानना चाहती है कि देश में लोग पर्यटन पर कितना खर्च कर रहे हैं, ताकि भविष्य में पर्यटन और परिवहन से जुड़ी नीतियां बेहतर बनाई जा सकें।
2. बुनियादी ढांचा: यात्रा पैटर्न के आधार पर ही रेलवे और सड़क परिवहन की सुविधाओं का विस्तार किया जाता है।
3. आर्थिक डेटा: यह सर्वे देश की जीडीपी में पर्यटन के योगदान को मापने का एक सशक्त जरिया है।
जनता के बीच सबसे बड़ा भ्रम इन दोनों प्रक्रियाओं के बीच के अंतर को लेकर है। जनगणना एक व्यापक प्रक्रिया है जिसमें जनसंख्या, शिक्षा और आर्थिक स्थिति का समग्र विवरण लिया जाता है, जो 1 मई से प्रस्तावित है। वहीं, ट्रेवल सर्वे वर्तमान में चल रहा है और इसका दायरा केवल यात्रा और उससे जुड़े खर्चों तक सीमित है।
सर्वेक्षण के नाम पर धोखाधड़ी से बचने के लिए प्रशासन ने नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
आईडी कार्ड की जाँच: घर आए सर्वेयर से उसका आधिकारिक पहचान पत्र जरूर मांगें।
संवेदनशील जानकारी: सरकारी सर्वे में कभी भी बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन, मोबाइल ओटीपी या आमदनी का सटीक पासवर्ड नहीं मांगा जाता। ऐसी मांग होने पर तुरंत मना करें।
संतुष्टि अनिवार्य: यदि आपको सर्वेयर के व्यवहार या पूछे जा रहे सवालों पर संदेह हो, तो जानकारी साझा करने से पहले स्थानीय वार्ड पार्षद या पुलिस को सूचित करें।
हालांकि ये सर्वेक्षण देश के विकास और भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन लोगों में जागरूकता की कमी और जनगणना के साथ इसकी टाइमिंग ने भ्रम फैला दिया है। नागरिकों से अपील है कि वे पहचान की पुष्टि के बाद सहयोग करें, परंतु डिजिटल सुरक्षा का ध्यान अवश्य रखें।
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अचानक घरों की घंटियाँ बजने और निजी यात्राओं के साथ-साथ खर्चों का ब्योरा मांगे जाने से लोग भ्रमित हैं। अक्सर लोगों को लगता है कि जनगणना का कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन असल में यह एक विशिष्ट सांख्यिकीय अध्ययन है जो पर्यटन और आवाजाही के पैटर्न को समझने के लिए किया जा रहा है।
सर्वे में पूछे जा रहे हैं यात्रा से जुड़े निजी सवाल
यात्रा का साधन: क्या आपने बस, ट्रेन या विमान का उपयोग किया?
अवधि: यात्रा कितने दिनों की थी और आपने रात कहाँ बिताई?
आर्थिक पक्ष: यात्रा पर कुल कितना खर्च हुआ?
उद्देश्य: यात्रा का मुख्य कारण क्या था (धार्मिक,व्यावसायिक या निजी)?
क्या है ट्रेवल सर्वे और इसका उद्देश्य
महत्व
2. बुनियादी ढांचा: यात्रा पैटर्न के आधार पर ही रेलवे और सड़क परिवहन की सुविधाओं का विस्तार किया जाता है।
3. आर्थिक डेटा: यह सर्वे देश की जीडीपी में पर्यटन के योगदान को मापने का एक सशक्त जरिया है।
जनगणना और ट्रेवल सर्वे में अंतर
क्या करें और क्या न करें
आईडी कार्ड की जाँच: घर आए सर्वेयर से उसका आधिकारिक पहचान पत्र जरूर मांगें।
संवेदनशील जानकारी: सरकारी सर्वे में कभी भी बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन, मोबाइल ओटीपी या आमदनी का सटीक पासवर्ड नहीं मांगा जाता। ऐसी मांग होने पर तुरंत मना करें।
संतुष्टि अनिवार्य: यदि आपको सर्वेयर के व्यवहार या पूछे जा रहे सवालों पर संदेह हो, तो जानकारी साझा करने से पहले स्थानीय वार्ड पार्षद या पुलिस को सूचित करें।
निष्कर्ष
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