टाइफाइड का इंजेक्शन लगाते ही मुंह से निकलने लगा झाग... 10 मिनट में मौत
कांकेर जिले के पखांजूर इलाके के गांव कापसी में मेडिकल संचालक द्वारा बीमार महिला को इंजेक्शन लगाने से उसकी मौत हो गई। मेडिकल स्टोर्स का संचालक ही महिला का इलाज कर रहा था। इस घटना के बाद संचालक मेडिकल दुकान बंद कर फरार हो गया। साथ ही अपना मोबाइल भी बंद कर दिया, जिसकी तलाश की जा रही है।
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संचालक मेडिकल स्टोर्स के आड़ में अपनी झोलाछाप डॉक्टर की दुकानदारी भी चलाता है। परलकोट इलाके के गांव पीवी 34 निवासी मालति डकुआ पति बलराम उम्र 55 साल विगत तीन दिनों से बुखार से पीड़ित थी। सोमवार को वह अपने दामाद वरूण सिकदार के साथ इलाज कराने झोलाछाप डॉक्टर मेडिकल संचालक जगदीश विश्वास के पास पहुंची। कापसी में झोलाछाप डॉक्टर बस्तर मेडिकल के नाम से एक मेडिकल स्टोर चलाता है।
इंजेक्शन लगाने के बाद मुंह से निकलने लगा झाग
इसी की आड़ में अपनी झोलाछाप डॉक्टरी भी करता है। साथ ही एक लैब भी चलाता है। महिला इलाज के लिए पहुंची तो मेडिकल स्टोर संचालक ने पहले महिला का खून जांच किया। रिपोर्ट में महिला को टायफायड होना बताया। इसके बाद मेडिकल संचालक ने महिला को एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के महज आठ से दस मिनट बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और वह मेडिकल स्टोर में ही बैठे-बैठे बेसुध हो गई। मुंह से झाग निकलने लगा।
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फरार हुआ संचालक
परिजन उसे पखांजूर के निजी अस्पताल ले आए। यहां डॉक्टरों ने महिला की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों ने मेडिकल संचालक पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते कार्रवाई की मांग की। महिला को मृत घोषित किए जाने की खबर लगते ही मेडिकल स्टोर संचालक दुकान बंद कर फरार हो गया।
दूसरे दिन भी उसने अपनी दुकान नहीं खोली। घटना के बाद से संचालक का मोबाइल भी बंद है। इधर महिला की मौत के बाद निजी अस्पताल द्वारा सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पखांजूर ने पुलिस पंचनामा तैयार कर शव को अपने कब्जे में लिया। महिला के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया। रिपोर्ट का इंतजार है।
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FAQ
- कांकेर जिले के कापसी गांव में महिला की मौत कैसे हुई?
कापसी गांव में 55 वर्षीय महिला मालति डकुआ की मौत एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा दिए गए इंजेक्शन के बाद हो गई। मेडिकल स्टोर संचालक जगदीश विश्वास ने टायफायड बताकर महिला को इंजेक्शन लगाया, जिसके 8-10 मिनट बाद महिला की हालत बिगड़ गई और मुंह से झाग निकलने लगा। अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। - महिला को इलाज के लिए कहां ले जाया गया था और वहां क्या हुआ?
महिला को इलाज के लिए उसके दामाद के साथ बस्तर मेडिकल नामक मेडिकल स्टोर पर ले जाया गया था, जहां संचालक जगदीश विश्वास झोलाछाप डॉक्टर की तरह इलाज करता था। वहीं पर उसने इंजेक्शन लगाया, जिससे महिला की हालत गंभीर हो गई। बाद में पखांजूर के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। - मेडिकल संचालक के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
घटना के बाद मेडिकल स्टोर संचालक फरार हो गया और उसका मोबाइल भी बंद है। पुलिस को अस्पताल द्वारा सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है और संचालक की तलाश जारी है।
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