छत्तीसगढ़ में VIP और कॉमनमैन के लिए अलग-अलग कानून, MLA का मोबाइल 8 घंटे में मिला, आम आदमी के 1 लाख महीनों से गायब

Arun Tiwari | May 19, 2026, 15:57 IST
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छत्तीसगढ़ में कानून वीआईपी और आम आदमी के लिए अलग लागू होता है। धरमलाल कौशिक का मोबाइल चोरी हुआ, पुलिस ने 8 घंटे में आरोपी पकड़ लिया। आम नागरिकों के 1,53,000+ मोबाइल चोरी/गुम, सिर्फ 48,960 बरामद।

Raipur : छत्तीसगढ़ में वीआईपी और आम आदमी के लिए कानून अलग अलग काम करता है। यानी यहां पर कानून हैसियत के हिसाब से लागू होता है। एक दिन पहले की बात जब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और बीजेपी एमएलए धरमलाल कौशिक का मोबाइल कोई छीनकर ले गया। पुलिस ने पूरी ताकत लगाकर 8 घंटे में लुटेरे को पकड़ लिया। लेकिन आम लोगों के एक लाख से ज्यादा फोन महीनों से गायब हैं लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। सवाल यही उठता है कि क्या कानून कॉमनमैन के लिए नहीं है।



वीआईपी का लुटेरा 8 घंटे में धराया

रायपुर में सोमवार सुबह करीब 8 बजे धरमलाल कौशिक मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान शंकर नगर स्थित भारत माता चौक के पास बाइक सवार बदमाश उनका मोबाइल झपटकर फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामला वीआईपी से जुड़ा था इसलिए पूरी पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट मोड पर आ गई। घटना के बाद पुलिस ने शहरभर में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया और करीब 8 घंटे के भीतर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच में 2 DCP , 2 ADCP , 3 ACP, 3 थाना प्रभारी और क्राइम ब्रांच समेत करीब 30 पुलिसकर्मियों की टीम लगी रही। पुलिस ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे 150 से अधिक आईटीएमएस कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।



ये कॉमनमैन का कानून

केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय और दूरसंचार विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अब तक 1 लाख 53 हजार 374 मोबाइल फोन चोरी या गुम होने के मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 1 लाख 9 हजार 89 मोबाइल फोन की ट्रैकिंग की जा रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 48 हजार 960 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में लोगों को उनके खोए या चोरी हुए मोबाइल वापस नहीं मिल सके हैं। कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आम लोगों के मोबाइल चोरी या गुम होने के मामलों में इतनी तेजी क्यों नहीं दिखाई जाती। आम नागरिकों को अक्सर सिर्फ शिकायत दर्ज होने का नंबर, तारीख और लंबे इंतजार का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि जिस तरह विशेष मामलों में त्वरित कार्रवाई होती है, उसी तरह आम लोगों के खोए या चोरी हुए मोबाइल भी जल्द वापस दिलाने के प्रयास होने चाहिए। यहां पर आम आदमी और वीआईपी के लिए अलग अलग कानून क्यों हैं।



डायल 112 और चोर 9-2-11

इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए तंज कसा। उन्होंने मुख्यमंत्री के डायल-112 सेवा के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि सरकार “डायल-112” को हरी झंडी दिखाती रही और उधर चोर धरमलाल कौशिक का मोबाइल लेकर “9-2-11” हो गए। उन्होंने कहा कि 2 DCP, 2 ADCP, 3 ACP, 3 TI और 30 जवानों ने पसीना बहाते हुए धरमलाल कौशिक जी का मोबाइल छीनने वाले चोर को दबोच लिया। अगली बार जब आपका मोबाइल, पर्स, चैन या कुछ और छिन जाए तब आवेदन के साथ इस खबर का प्रिंट जरूर संलग्न करें। याद कीजिए जब आपका या आपके जानने वाले किसी का फ़ोन या कुछ और सामान चोरी हुआ था, वो मिला है या नहीं। छत्तीसगढ़वासी अपनी सुरक्षा स्वयं करें।



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