मिडिल क्लास महिलाएं बन रहीं क्रिमिनल, स्टेटस सिंबल बना सबसे बड़ी वजह

Arun Tiwari | Jun 11, 2026, 18:48 IST
महिला DSP का बड़ा खुलासा
रायपुर की महिला डीएसपी डॉ. रोशनी वासनिक के शोध में सामने आया है कि मध्यम वर्ग की महिलाएं भी अपराध की ओर बढ़ रही हैं। दिखावटी जीवनशैली, सोशल मीडिया दबाव, जल्दी पैसा कमाने की चाह और सामाजिक प्रतिष्ठा की होड़ अपराध का प्रमुख कारण बन रही हैं।

Raipur : कभी यह धारणा थी कि अपराध का सबसे बड़ा कारण गरीबी और मजबूरी होती है। लेकिन बदलते दौर में यह सोच तेजी से बदल रही है। अब अपराध सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर तबके तक सीमित नहीं रह गया है।



दिखावटी जीवनशैली, सामाजिक प्रतिष्ठा की होड़, जल्दी पैसा कमाने की चाह और सोशल मीडिया पर बेहतर दिखने की मानसिकता ने मध्यम वर्ग की महिलाओं को भी अपराध के रास्ते पर धकेलना शुरू कर दिया है।



छत्तीसगढ़ पुलिस में पदस्थ महिला डीएसपी डॉ. रोशनी वासनिक के शोध में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं। उनके अध्ययन के अनुसार महिलाओं में बढ़ते अपराध के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत लालच नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक और मनोवैज्ञानिक कारणों का जटिल मिश्रण काम कर रहा है।



क्या है रिपोर्ट में

समाज में लंबे समय तक अपराध को पुरुषों से जोड़कर देखा जाता रहा, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। चोरी, साइबर ठगी, आर्थिक धोखाधड़ी, डिजिटल ब्लैकमेलिंग, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराधों में महिलाओं की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है।



कई मामलों में महिलाएं खुद अपराध की शिकार बनती हैं और बाद में परिस्थितियों के दबाव में अपराध का हिस्सा बन जाती हैं। जबकि कुछ मामलों में त्वरित सफलता और आलीशान जीवन की चाह उन्हें गलत रास्ता चुनने के लिए प्रेरित करती है। समाज शास्त्र में शोध के दौरान रायपुर जिले की 800 महिलाओं से विस्तृत बातचीत की गई।



व्यक्तिगत अध्ययन, इंटरव्यू और फोकस समूह चर्चाओं के जरिए उन्होंने महिलाओं के जीवन, उनकी पारिवारिक परिस्थितियों और सामाजिक चुनौतियों को समझने का प्रयास किया।



रिसर्च में ये आया सामने

शोध में सामने आया कि बदलती जीवनशैली, आर्थिक दबाव, बेरोजगारी, परिवारों में बढ़ती दूरियां, सोशल मीडिया का दुरुपयोग, गलत संगति और कम समय में अधिक सफलता पाने की मानसिकता अपराध की जमीन तैयार कर रही है। खास तौर पर मध्यम वर्ग में सामाजिक तुलना और दिखावे की संस्कृति ने कई महिलाओं पर अतिरिक्त दबाव पैदा किया है।



रिसर्च में साइबर अपराध को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं। फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाना, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल ब्लैकमेलिंग और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे मामलों में महिला आरोपियों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ती दिखाई दे रही है। वहीं मानव तस्करी और नशे के कारोबार जैसे संगठित अपराधों में भी महिलाओं का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं।



तनाव और शिक्षा की कमी

अध्ययन यह भी बताता है कि कई महिलाओं के अपराध से जुड़ने के पीछे घरेलू तनाव, आर्थिक असुरक्षा, शिक्षा की कमी और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यानी हर महिला अपराधी की कहानी केवल कानून तोड़ने की नहीं, बल्कि कई सामाजिक और व्यक्तिगत संघर्षों की भी कहानी होती है।



डॉ. रोशनी वासनिक का मानना है कि इस चुनौती का समाधान केवल सख्त कानून या दंड से नहीं निकलेगा। महिलाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार के अवसर, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, पारिवारिक संवाद और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराना उतना ही जरूरी है।



उनका कहना है कि यदि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण मजबूत होगा, तो अपराध की ओर बढ़ने की संभावनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



FAQ

  1. मध्यम वर्ग की महिलाएं अपराध क्यों करने लगी हैं?
    सामाजिक प्रतिष्ठा, दिखावटी जीवनशैली, जल्दी पैसा कमाने की चाह और सोशल मीडिया दबाव मुख्य कारण हैं।
  2. महिलाओं के अपराध में सबसे ज्यादा किस प्रकार के मामले हैं?
    साइबर ठगी, डिजिटल ब्लैकमेलिंग, आर्थिक धोखाधड़ी और संगठित अपराधों में बढ़ोतरी हुई है।
  3. अपराध रोकने के लिए क्या उपाय सुझाए गए हैं?
    शिक्षा, रोजगार, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, पारिवारिक संवाद और सामाजिक सहयोग जरूरी हैं।

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