पति-पत्नी और बेटे के सुसाइड केस का आरोपी फरार, सुसाइड नोट के इस शब्द में उलझी पुलिस
BP Shrivastava | Jan 29, 2024, 13:06 IST
पति-पत्नी और बेटे के सुसाइड केस का आरोपी फरार, सुसाइड नोट के इस शब्द में उलझी पुलिस
शहर में पति-पत्नी और बेटे का सनसनीखेज सुसाइड ने पुलिस को भी उलझा दिया है। आरोपी देवेंद्र पाठक परिवार समेत गायब है। सुसाइड नोट में प्रॉपर्टी डीलर का यह लिखना- 'बेटे को इंन्होंने बहुत परेशान किया है।
GWALIOR. शहर में पति-पत्नी और बेटे का सनसनीखेज सुसाइड ने पुलिस को भी उलझा दिया है। आरोपी देवेंद्र पाठक परिवार समेत गायब है। सुसाइड नोट में प्रॉपर्टी डीलर का यह लिखना- 'बेटे को इंन्होंने बहुत परेशान किया है। देवेंद्र को कड़ी सजा दी जाए।' इससे यह तो समझ आ रहा है कि देवेंद्र के दिल में पास कोई बेहद गंभीर राज छिपा है। जिसका जिक्र मरते वक्त भी प्रॉपर्टी डीलर जीतू नहीं कर सका।
प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी त्रिवेणी आर्मी स्कूल में थीं प्रिंसिपल
जाहिर है, रविवार सुबह हुरावली रोड हारखेड़ा, सिरोल में स्थित घर में जीतू उर्फ जितेंद्र झा (50), उनकी पत्नी त्रिवेणी झा (47) और बेटा अचल झा (17) के शव मिले थे। तीनों ने फांसी लगा ली थी। त्रिवेणी आर्मी स्कूल की ऑफिशियल ब्रांच शाहबाज स्कूल में प्रिंसिपल थीं। जीतू पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे।
![WhatsApp Image 2024-01-29 at 12.58.22 PM.jpeg]()
सुसाइड नोट में प्रॉपर्टी डीलर ने क्या लिखा ?
"मेरे बेटे की मौत का जिम्मेदार देवेंद्र है। यह कोई आत्महत्या नहीं है। देवेंद्र साक्षी अपार्टमेंट के सामने कॉलोनी में रहता है। मेरे बेटे को इन्होंने बहुत परेशान किया है, इसलिए उसने फांसी लगा ली। मेरा सिर्फ यह अनुरोध है कि देवेंद्र को कड़ी सजा दी जाए।'
दो दिन से टेंशन में थी फैमली
पुलिस जांच में पता चला कि प्रॉपर्टी डीलर जीतू ने सुसाइड नोट फांसी लगाने से पहले और हाथ की नस काटने के बाद लिखा है, क्योंकि कागज पर सबसे नीचे ब्लड लगा है। बताया जाता है कि दो दिन से प्रॉपर्टी डीलर का परिवार टेंशन में था। जिसके कारण झा परिवार का मुख्य दरवाजा भी दो दिन से नहीं खुला था। इसकी तस्दीक घर के बाहर दो दिन से नहीं उड़ाए गए अखबार और एक्टिवा में लटकी दूध की पॉलीथिन बता रही है।
... यानी फैमली ने खाना भी नहीं खाया था
प्रॉपर्टी डीलर का बेटा अचल झा उर्फ शिवा और देवेंद्र पाठक उर्फ बैटल ( आरोपी ) के बीच कोई गहरा राज था। इसके कारण प्रॉपर्टी डीलर के घर में दो दिन से टेंशन था। यहां तक कि किसी ने खाना तक नहीं खाया था। पुलिस को किचन में रोटी के डिब्बे में रोटियां और सब्जी रखी मिली हैं। किचन में शराब की बोतल और गिलास भी मिले हैं। किचन में खून के निशान भी मिले हैं।
दो दिन से किसी से बातचीत नहीं हुई
प्रॉपर्टी डीलर के ससुर शिवचरण झा ने बताया कि दो दिन से उससे या बेटी से बात नहीं हुई थी। दामाद के दोस्त भी लगातार कॉल कर रहे थे, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुए। दो दिन से घर पर काम करने आने वाली बाई भी अंदर से ताला लगा देखकर लौट गई थी। रविवार सुबह जब जितेंद्र (प्रॉपर्टी डीलर) के दोस्त घर पहुंचे। अंदर से बंद दरवाजा और ताला देखा, तो सूचना दी। इसके बाद पूरी घटना का पता चला।
आरोपी देवेंद्र पाठक परिवार समेत गायब
सुसाइड नोट में प्रॉपर्टी डीलर ने जिस देवेंद्र पाठक उर्फ बैटल का नाम लिखा है, वह खुद भी प्रॉपर्टी डीलर है। वह एक किलोमीटर की दूरी पर साक्षी अपार्टमेंट के सामने स्थित कॉलोनी में रहता है। संदेही देवेंद्र पाठक का नाम करीब 20 साल पहले एक हत्याकांड में आया था, लेकिन बाद में भूमिका नहीं सामने आने पर बाहर भी हो गया था। उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं मिला है। जब पुलिस उसके घर पहुंची, तो देवेंद्र पत्नी, बच्चों समेत गायब है। पुलिस उसके छोटे भाई के घर पहुंची, तो उसके घर पर भी कोई नहीं मिला।
ऐसा क्या राज था, जिसे दिल में दफन रहने दिया
पुलिस ने तीनों के मोबाइल भी निगरानी में लिए हैं। उनकी भी फॉरेंसिक जांच करवाई जाएगी। पुलिस पता लगा रही है कि ऐसा क्या राज था, जिससे पढ़ा-लिखा परिवार ऐसे घुट रहा था कि जान तक दे दी, लेकिन उस राज का जिक्र दिल में दफन रहने दिया। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
सुसाइड नोट में ‘इन्होंने' का मतलब ?
पुलिस को एक बात और खटक रही है। सुसाइड नोट में ‘मेरे बेटे को इन्होंने बहुत परेशान किया है' यह बात भी समझ नहीं आ रही। ‘इन्होंने’ का मतलब आरोपी एक से ज्यादा भी हो सकते हैं। इसी को लेकर पुलिस पड़ताल कर रही है।
प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी त्रिवेणी आर्मी स्कूल में थीं प्रिंसिपल
जाहिर है, रविवार सुबह हुरावली रोड हारखेड़ा, सिरोल में स्थित घर में जीतू उर्फ जितेंद्र झा (50), उनकी पत्नी त्रिवेणी झा (47) और बेटा अचल झा (17) के शव मिले थे। तीनों ने फांसी लगा ली थी। त्रिवेणी आर्मी स्कूल की ऑफिशियल ब्रांच शाहबाज स्कूल में प्रिंसिपल थीं। जीतू पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे।
WhatsApp Image 2024-01-29 at 12.58.22 PM.jpeg
सुसाइड नोट में प्रॉपर्टी डीलर ने क्या लिखा ?
"मेरे बेटे की मौत का जिम्मेदार देवेंद्र है। यह कोई आत्महत्या नहीं है। देवेंद्र साक्षी अपार्टमेंट के सामने कॉलोनी में रहता है। मेरे बेटे को इन्होंने बहुत परेशान किया है, इसलिए उसने फांसी लगा ली। मेरा सिर्फ यह अनुरोध है कि देवेंद्र को कड़ी सजा दी जाए।'
दो दिन से टेंशन में थी फैमली
पुलिस जांच में पता चला कि प्रॉपर्टी डीलर जीतू ने सुसाइड नोट फांसी लगाने से पहले और हाथ की नस काटने के बाद लिखा है, क्योंकि कागज पर सबसे नीचे ब्लड लगा है। बताया जाता है कि दो दिन से प्रॉपर्टी डीलर का परिवार टेंशन में था। जिसके कारण झा परिवार का मुख्य दरवाजा भी दो दिन से नहीं खुला था। इसकी तस्दीक घर के बाहर दो दिन से नहीं उड़ाए गए अखबार और एक्टिवा में लटकी दूध की पॉलीथिन बता रही है।
... यानी फैमली ने खाना भी नहीं खाया था
प्रॉपर्टी डीलर का बेटा अचल झा उर्फ शिवा और देवेंद्र पाठक उर्फ बैटल ( आरोपी ) के बीच कोई गहरा राज था। इसके कारण प्रॉपर्टी डीलर के घर में दो दिन से टेंशन था। यहां तक कि किसी ने खाना तक नहीं खाया था। पुलिस को किचन में रोटी के डिब्बे में रोटियां और सब्जी रखी मिली हैं। किचन में शराब की बोतल और गिलास भी मिले हैं। किचन में खून के निशान भी मिले हैं।
दो दिन से किसी से बातचीत नहीं हुई
प्रॉपर्टी डीलर के ससुर शिवचरण झा ने बताया कि दो दिन से उससे या बेटी से बात नहीं हुई थी। दामाद के दोस्त भी लगातार कॉल कर रहे थे, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुए। दो दिन से घर पर काम करने आने वाली बाई भी अंदर से ताला लगा देखकर लौट गई थी। रविवार सुबह जब जितेंद्र (प्रॉपर्टी डीलर) के दोस्त घर पहुंचे। अंदर से बंद दरवाजा और ताला देखा, तो सूचना दी। इसके बाद पूरी घटना का पता चला।
आरोपी देवेंद्र पाठक परिवार समेत गायब
सुसाइड नोट में प्रॉपर्टी डीलर ने जिस देवेंद्र पाठक उर्फ बैटल का नाम लिखा है, वह खुद भी प्रॉपर्टी डीलर है। वह एक किलोमीटर की दूरी पर साक्षी अपार्टमेंट के सामने स्थित कॉलोनी में रहता है। संदेही देवेंद्र पाठक का नाम करीब 20 साल पहले एक हत्याकांड में आया था, लेकिन बाद में भूमिका नहीं सामने आने पर बाहर भी हो गया था। उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं मिला है। जब पुलिस उसके घर पहुंची, तो देवेंद्र पत्नी, बच्चों समेत गायब है। पुलिस उसके छोटे भाई के घर पहुंची, तो उसके घर पर भी कोई नहीं मिला।
ऐसा क्या राज था, जिसे दिल में दफन रहने दिया
पुलिस ने तीनों के मोबाइल भी निगरानी में लिए हैं। उनकी भी फॉरेंसिक जांच करवाई जाएगी। पुलिस पता लगा रही है कि ऐसा क्या राज था, जिससे पढ़ा-लिखा परिवार ऐसे घुट रहा था कि जान तक दे दी, लेकिन उस राज का जिक्र दिल में दफन रहने दिया। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
सुसाइड नोट में ‘इन्होंने' का मतलब ?
पुलिस को एक बात और खटक रही है। सुसाइड नोट में ‘मेरे बेटे को इन्होंने बहुत परेशान किया है' यह बात भी समझ नहीं आ रही। ‘इन्होंने’ का मतलब आरोपी एक से ज्यादा भी हो सकते हैं। इसी को लेकर पुलिस पड़ताल कर रही है।
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