इंदौर में दृश्यम मूवी जैसे हुए टिंवकल डागरे हत्याकांड के आरोपी अजय को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

Sanjay Gupta | Apr 11, 2025, 22:44 IST
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इंदौर में कांग्रेस नेत्री ट्विंकल डागरे हत्याकांड के आरोपी अजय करोतिया को सुप्रीम कोर्ट से साढ़े पांच साल बाद जमानत मिल गई। अजय का मामला "दृश्यम" फिल्म जैसा बताया गया। जेल से रिहाई पर समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया।

INDORE. इंदौर में कांग्रेस नेत्री टिवंकल डागरे के चर्चित हत्याकांड के आरोपी बीजेपी नेता व पूर्व पार्षद जगदीश उर्फ कल्लू करोतिया के बेटे अजय (जो खुद भी एल्डरमैन रहा है) को आखिरकार साढ़े पांच साल बाद जमानत मिल गई है। अजय देवगन की चर्चित मूवी दृश्यम की तर्ज पर इस हत्याकांड के कई सीन हुए थे। जमानत के बाद अजय सेंट्रल जेल इंदौर से बाहर आ गया और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया।



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यह है चर्चित हत्याकांड

16 अक्तूबर 2016 में 22 साल की टिंवकल के गायब होने पर उनके पिता संजय डागरे ने बाणगंगा थाने में केस दर्ज कराया था। पिता ने बताया था कि वह घर से सुबह नाश्ता लाने का बोलकर निकली थी। फिर नहीं लौटी। जांच के बाद 2017 फरवरी में बाणगंगा के ही बीजेपी नेता कल्लू करोतिया, उनके बेटे अजय, विजय, विनय पर अपहरण का केस हुआ। इन्हीं आरोपियों ने उसे अपने साथ टिगरिया बादशाह क्षेत्र से ले जाकर साथी नीलू कश्यप के खेत के पास ले जाकर हत्या कर दी और शव को दो कचरा गाड़ी नगर निगम से बुलवाकर लकड़ियों में दबाकर जला दिया। बाद में नाले में बहा दिया। पुलिस ने 12 जनवरी 2019 को हत्याकांड का खुलासा किया। डागरे पहले बीजेपी में शामिल थी बाद में कांग्रेस में आ गई थी। आपसी विवाद के बाद कल्लू और उनके परिजनों ने उसकी हत्या कर दी।



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सुप्रीम कोर्ट में इस आधार पर दी जमानत

इस हत्याकांड को लेकर जेल में बंद अजय ने तर्क दिए कि उन्हें पुलिस ने केवल इस आधार पर आरोपी बनाया था कि मृतक की राख में उनके द्वारा पहने गए सामन मिले थे और उनकी ब्रेन मैपिंग रिपोर्ट थी। सुप्रीम कोर्ट में इस आधार पर जमानत का विरोध हुआ था कि आरोपी बाहर आकर गवाहों को धमकाएंगे, लेकिन इस मामले में कोई केस और शिकायत दर्ज नहीं होने के चलते सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। फरवरी 2023 में हाईकोर्ट में जमानत मंजूर हो गई।



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इस तरह दृश्यम मूवी से यह सीखा

परिवार की इज्जत की खातिर विवाद हुआ और बाद में सभी ने मिलकर उसका अपहरण किया और हत्या कर दी। करोतिया परिवार ने खुद को बचाने के लिए कुत्ते को मारकर टिगरिया बादशाह क्षेत्र में गाड़ दिया। पुलिस के पास टिवंकल के शव की जानकारी पहुंची तो वहां खुदाई हुई लेकिन कुत्ता मिला। जगदीश ने टिंवकल का मोबाइल बेटों को दिया, दृश्यम मूवी की तरह ही उन्होंने यह बदनावर में फेंक दिया। बदनावर के अमित से टिवंकल की शादी परिजनों ने तय की थी वहां मोबाइल लोकेशन मिलने से अमित से भी पूछताछ हुई।



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शव के नाम पर यह मिला था पुलिस को

पुलिस को शव के नाम पर केवल राख की छानबीन में सिर्फ राख, बिछिया और कान के पैंडल मिले हैं। आरोपितों ने ट्विंकल की हत्या और शव जलाने के दो दिन बाद अवशेष बोरे में भर कर घटना स्थल से सौ मीटर दूर नाले में फेंकने की बात कही थी। पुलिस ने ट्विंकल की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करने के बाद आसपास के जिलों में करीब 3 हजार शवों की पहचान कराई थी। इसमें भी पुलिस को ट्विंकल का शव तलाशने में सफलता नहीं मिली थी।



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मोबाइल से किए थे अलग मैसेज

पुलिस के अनुसार कल्लू करोतिया और उसके बेटों ने हत्या को आत्महत्या में बदलने के लिए ट्विंकल के मोबाइल से तीन अलग-अलग लोगों को मैसेज किया था। मैसेज पढ़कर यह साफ हो रहा था कि ट्विंकल ने अपने माता-पिता से परेशान होकर आत्महत्या कर ली है। इसी वजह से प्राथमिक तौर पर उसके माता-पिता पर हत्या करने की शंका थी, हालांकि पुलिस की पूछताछ में हत्यारों ने मैसेज भेजने की बात कबूल कर ली है।



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