उज्जैन में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान, रविंद्र पुरी के नेतृत्व में कुंभ में भाग लेने की बात
News In Short
- उज्जैन में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पद को लेकर विवाद।
- रविंद्र पुरी का कुंभ में नेतृत्व में शामिल होने का दावा।
- दो गुटों में मतभेद, एक गुट रविंद्र पुरी को अध्यक्ष मानता है।
- रविंद्र पुरी ने हरिद्वार में बहुमत से अध्यक्ष चुने जाने का दावा किया।
- पद विवाद को लेकर संतों और महंतों के बीच मतभेद बढ़े।
News In Detail
उज्जैन के मंगलनाथ रोड स्थित श्री पंच रामानंदीय निर्वाणी अखाड़े में रविवार को एक अहम बैठक हुई, जिसमें आठ अखाड़ों के संत-महंतों ने भाग लिया। इस बैठक में महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष बताया गया। हालाँकि, इस मुद्दे पर विवाद गहरा गया है, क्योंकि दूसरे गुट के रविंद्र पुरी ने खुद को अध्यक्ष बताया है।
उज्जैन में बैठक के बाद स्थिति और भी स्पष्ट हुई
उज्जैन के मंगलनाथ रोड स्थित श्री पंच रामानंदीय निर्वाणी अखाड़े में रविवार को आठ अखाड़ों के संत-महंतों और पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी महाराज को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष बताते हुए आगामी सिंहस्थ कुंभ में उनके नेतृत्व में भाग लेने का प्रस्ताव रखा गया।
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रविंद्र पुरी का दावा और संतों का समर्थन
बैठक में बड़ी संख्या में संत मौजूद थे और सभी ने एक स्वर में रविंद्र पुरी महाराज का स्वागत किया। संतों के उत्साह को देखते हुए यह स्पष्ट हुआ कि उनके नेतृत्व में आगामी कुंभ में बड़ी संख्या में संत शामिल होंगे। रविंद्र पुरी महाराज ने इस बात का दावा किया कि उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया था और उनका नेतृत्व स्वीकार किया गया है।
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निरंजनी अखाड़े से जुड़ा विवाद
इसी बीच निरंजनी अखाड़े से जुड़े रविंद्र पुरी महाराज ने आरोप लगाया कि कुंभ के आयोजन को लेकर कई संत अपने आप को अध्यक्ष बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया था, तो महानिर्वाणी अखाड़े के रविंद्र पुरी को कैसे अध्यक्ष माना जा सकता है। इससे स्थिति और भी जटिल हो गई है।
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अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पद पर दो गुटों के बीच खींचतान
प्रयागराज कुंभ के बाद से अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई थी, जो अब उज्जैन में और भी बढ़ गई है। 13 अखाड़ों में दो प्रमुख गुट नजर आ रहे हैं। एक गुट निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी को अध्यक्ष मानता है, जबकि दूसरा महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी को अध्यक्ष मानता है।