साल के अंत तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-पर्यवेक्षक परीक्षा के अभ्यर्थियों को मिलेंगे नियुक्ति पत्र

Sanjay Sharma | Dec 24, 2025, 20:11 IST
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों के 628 पदों पर भर्ती प्रक्रिया एक साल से अटकी हुई है। महिला एवं बाल विकास विभाग दस्तावेज सत्यापन के बाद नियुक्ति पत्र देने में देरी कर रहा है। अभ्यर्थी विभाग मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

BHOPAL. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों के 628 पदों पर भर्ती प्रक्रिया सालभर बाद भी अटकी हुई है। भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा और रिजल्ट में देरी की। महिला एवं बाल विकास विभाग तीन माह से दस्तावेज सत्यापन के बाद नियुक्ति पत्र देने में टालमटोल कर रहा है।



अभ्यर्थी नियुक्ति में देरी को लेकर विभाग मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें न तो वजह बताई जा रही है, न ही नियुक्ति पत्र जारी करने का समय दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक भर्ती महीनों बाद भी पूरी नहीं हो पाई है।



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भर्ती प्रक्रिया में बीत गया पूरा साल

महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों के 628 पदों के लिए जनवरी 2025 में नोटिफिकेशन जारी किया था। विभाग ने परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को दी थी। 9 जनवरी से आवेदन लिए गए और 7 मार्च से 13 अप्रैल के बीच परीक्षा हुई। कर्मचारी चयन मंडल ने दो महीने बाद परिणाम जारी कर दिए, लेकिन इसके बाद विभाग का रवैया ढीला पड़ गया।



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चयन सूची मिलने के बाद भी पिछड़े

कर्मचारी चयन मंडल से जून में चयनित अभ्यर्थियों की सूची मिलने के नियुक्ति प्रक्रिया धीमी हो गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की स्थापना शाखा तीन महीने तक चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन ही नहीं कर पाई।



सत्यापन की प्रक्रिया अक्टूबर तक चलती रही और उसके बाद से अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र मिलने का इंतजार कर रहे हैं। दो माह बीतने के बावजूद विभाग की ओर से किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति के संबंध में सूचना पत्र नहीं भेजा गया है।



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विभाग के चक्कर काट रहे अभ्यर्थी

ऑनलाइन परीक्षा और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अभ्यर्थी दो महीनों से नियुक्ति की आस लगाए बैठे हैं। इनमें से कई अभ्यर्थी तो महिला एवं बाल विकास विभाग संचालनालय और मुख्यालय के चक्कर भी लगाते आ रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है। इस वजह से अभ्यर्थी नियुक्ति को लेकर असमंजस में उलझे हुए हैं।



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सत्यापन प्रक्रिया की वजह से हुई देरी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक परीक्षा के अभ्यर्थियों के असमंजस को लेकर द सूत्र ने महिला एवं बाल विकास विभाग से बात की। विभाग के संयुक्त संचालक एचके शर्मा ने कहा कि नियुक्ति में कोई संशय नहीं है। दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण होने के कारण अधिक समय लगा। एहतियात बरतने की वजह से किसी कमी की संभावना नहीं है। चयनित अभ्यर्थियों का इंतजार जल्द समाप्त होगा। विभाग की कोशिश है कि दिसंबर अंत तक नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएं।





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