पशुपालन विभाग में सौदेबाजी, पहले मंत्री की कुर्सी गई, अब रुक गए 166 ट्रांसफर!
Amresh Kushwaha | Aug 02, 2026, 10:37 IST
पशुपालन विभाग के ट्रांसफर में खेल
मध्य प्रदेश के पशुपालन विभाग में 166 ट्रांसफर संदेह के घेरे में आ गए हैं। मंत्री लखन पटेल से पहले ही विभाग वापस लिया जा चुका है। अब सभी तबादलों पर रोक लगाकर जांच शुरू की गई है, फाइलें सीएम तक जाएंगी।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मप्र पशुपालन विभाग के 166 ट्रांसफर संदेह के घेरे में आए हैं।
- इन तबादलों में सौदेबाजी की गंभीर शिकायतें मिली हैं।
- इससे पहले मंत्री लखन पटेल से विभाग वापस लिया गया था।
- प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव भी हाल ही में रिटायर हुए हैं।
- अब सभी ट्रांसफर पर रोक लगाकर जांच शुरू की गई है।
166 ट्रांसफर पर शक क्यों
यह मामला अचानक सामने नहीं आया। जमीन आवंटन में कथित सौदेबाजी के आरोपों के 18 दिन बाद यह विवाद उठा है। 14 जुलाई को पशुपालन मंत्री लखन पटेल से यह विभाग वापस ले लिया गया था। अब ट्रांसफरों में भी सौदेबाजी की शिकायतें सामने आई हैं। ये सभी तबादले प्रशासनिक स्तर पर किए गए थे।
एक और संयोग भी सामने आया है। 31 जुलाई को विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव सेवानिवृत्त हुए। उसी दिन ट्रांसफर आदेशों पर रोक लगाने का फैसला लिया गया। उच्च स्तर के निर्देश के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। कई अफसरों ने शिकायत की है कि उनका तबादला जानबूझकर किया गया। उन्होंने इन आदेशों को निरस्त करने की मांग की है।
पहले भी रहा विवादों में
विभाग में एक बड़ा डेयरी प्रोजेक्ट भी लंबित है। एनडीडीबी (National Dairy Development Board) के साथ मिलकर पांच साल में एक हजार 500 करोड़ रुपए का दुग्ध उत्पादन प्रोजेक्ट शुरू होना है। सीएम (Chief Minister) की नाराजगी और साफ निर्देश के बावजूद अब तक इस पर सहमति नहीं बन पाई है। कर्ज और परियोजना से जुड़े मसले अभी भी अटके हुए हैं।
डेयरी संघों के प्रबंधन का मामला भी ठंडे बस्ते में है। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी डेयरी संघ और उससे जुड़े 6 दुग्ध संघों का प्रबंधन एनडीडीबी को सौंपा जाना है। यह फैसला भी अभी तक लंबित पड़ा है।
दो आदेशों पर रोक की वजह
उच्च स्तर से यह भी कहा गया है कि कुछ जगहों पर एकतरफा रिलीव करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसलिए निर्देश दिया गया है कि ट्रांसफर आदेश से पहले जो अफसर जहां पदस्थ था, उसे फिलहाल वहीं रहने दिया जाए। इससे साफ है कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
आगे क्या होगा अब
अब सभी फाइलें सीएम के अनुमोदन के लिए भेजी जाएंगी। मंजूरी मिलने के बाद ही तबादला आदेशों पर आगे कार्रवाई होगी। इसी के बाद अफसरों की रिलीविंग की प्रक्रिया शुरू होगी। गौशालाओं के लिए जमीन आवंटन से जुड़ी एलओआई पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है। यानी विभाग से जुड़े सभी बड़े फैसले अब सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर होंगे।
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava