असम विधानसभा चुनाव में BJP का बूथ मैनेजमेंट प्लान: एमपी के सांसद-मंत्री संभालेंगे कमान
Pawan Modiya | Mar 07, 2026, 24:10 IST
Photograph: (the sootr)
असम विधानसभा चुनाव में BJP का बूथ मैनेजमेंट संभालेंगे एमपी के नेता। लक्ष्य हर बूथ पर 50% से अधिक मतदान और ‘बूथ जीता, चुनाव जीता’ रणनीति। अनुभवी नेताओं को बूथ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी।
असम में होने वाले असम विधानसभा चुनाव (Assam Assembly Election) को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पार्टी ने मध्य प्रदेश के कई अनुभवी नेताओं को BJP बूथ मैनेजमेंट (BJP Booth Management) की जिम्मेदारी सौंपी है।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि मध्य प्रदेश का संगठनात्मक मॉडल और बूथ स्तर का प्रबंधन (Booth Level Management) देशभर में सफल माना जाता है। इसी वजह से पार्टी ने तीन सांसदों, एक मंत्री और कई वरिष्ठ नेताओं को असम में चुनावी मोर्चा संभालने के लिए भेजने का फैसला किया है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार अप्रैल में होने वाले चुनाव से पहले ये सभी नेता 10 मार्च 2026 के बाद असम पहुंचकर अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
भाजपा ने मध्य प्रदेश के कई प्रमुख नेताओं को असम में चुनावी रणनीति को जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी दी है। इनमें प्रमुख नाम हैं:
भाजपा की चुनावी रणनीति का सबसे अहम हिस्सा हर बूथ पर 50 प्रतिशत से अधिक मतदान (50% Voting Target) सुनिश्चित करना है।
पार्टी का मानना है कि अगर बूथ स्तर पर संगठन मजबूत रहेगा और मतदाताओं तक सीधा संपर्क स्थापित किया जाएगा, तो चुनावी परिणाम पार्टी के पक्ष में जा सकते हैं।
भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में बूथ प्रबंधन (Booth Management) को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी कारण पार्टी ने ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी दी है जिनके पास जमीनी स्तर पर काम करने का लंबा अनुभव है।
भाजपा ने मध्य प्रदेश में पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में जिस रणनीति से जीत हासिल की थी, उसी ‘बूथ जीता, चुनाव जीता’ (Win the Booth, Win the Election) मॉडल को अब असम में लागू करने की तैयारी की जा रही है।
इस मॉडल के तहत
असम चुनाव के लिए भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत नेतृत्व तय किया है। चुनाव प्रबंधन की कमान बैजयंत पांडा के हाथ में है, जो पूरे चुनाव अभियान की रणनीति का संचालन करेंगे। उनके नेतृत्व में विभिन्न राज्यों के अनुभवी नेताओं को असम में तैनात किया जा रहा है, ताकि चुनावी प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा सके।
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भाजपा नेतृत्व का मानना है कि मध्य प्रदेश का संगठनात्मक मॉडल और बूथ स्तर का प्रबंधन (Booth Level Management) देशभर में सफल माना जाता है। इसी वजह से पार्टी ने तीन सांसदों, एक मंत्री और कई वरिष्ठ नेताओं को असम में चुनावी मोर्चा संभालने के लिए भेजने का फैसला किया है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार अप्रैल में होने वाले चुनाव से पहले ये सभी नेता 10 मार्च 2026 के बाद असम पहुंचकर अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
सम विधानसभा चुनाव में एमपी के नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी
- सांसद आलोक शर्मा
- सांसद विवेक साहू
- सांसद दर्शन सिंह चौधरी
- मंत्री राकेश सिंह
- पूर्व सांसद केपीएस यादव
असम चुनाव में एमपी के नेताओं की प्रमुख जिम्मेदारियां
| नेता का नाम | जिम्मेदारी |
|---|---|
| आलोक शर्मा | गुवाहाटी और शहरी क्षेत्रों में बूथ प्रबंधन |
| राकेश सिंह | चुनाव प्रबंधन और रणनीति |
| विनोद गोटिया | समन्वय और संगठनात्मक प्रभारी |
| कविता पाटीदार | कछार जिले में चुनावी जिम्मेदारी |
| केपीएस यादव | प्रवासी और हिंदी भाषी मतदाताओं से संवाद |
BJP का लक्ष्य: हर बूथ पर 50% से अधिक मतदान
पार्टी का मानना है कि अगर बूथ स्तर पर संगठन मजबूत रहेगा और मतदाताओं तक सीधा संपर्क स्थापित किया जाएगा, तो चुनावी परिणाम पार्टी के पक्ष में जा सकते हैं।
भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में बूथ प्रबंधन (Booth Management) को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी कारण पार्टी ने ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी दी है जिनके पास जमीनी स्तर पर काम करने का लंबा अनुभव है।
‘बूथ जीता, चुनाव जीता’ मॉडल असम में लागू करने की तैयारी
इस मॉडल के तहत
- हर बूथ पर सक्रिय कार्यकर्ता तैनात किए जाते हैं
- मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क किया जाता है
- मतदान के दिन अधिकतम मतदान सुनिश्चित किया जाता है
राष्ट्रीय स्तर पर बैजयंत पांडा के हाथ में कमान
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