कुएं में उतरे दो किसानों की दम घुटने से मौत, जहरीली गैस बनी जानलेवा
समझें क्या है पूरा मामला
- कुएं में जहरीली गैस से दो किसानों की मौत।
- मोटर सुधारने कुएं में उतरे थे दोनों।
- SDERF टीम ने शव बाहर निकाले।
- किरनापुर थाना क्षेत्र में हुआ हादसा।
- 15 दिन में चार लोगों की मौत।
दो किसानों की मौत हो गई
बालाघाट जिले के पिपरटोला गांव में कुएं की जहरीली गैस से दो किसानों की मौत हो गई। दोनों किसान मोटर सुधारने के लिए कुएं में उतरे थे। गैस की चपेट में आने से दोनों बेहोश हो गए और दम घुटने से उनकी जान चली गई।
कुएं में हुआ हादसा
बालाघाट कुआं हादसा (Balaghat Well Accident) गुरुवार शाम किरनापुर थाना क्षेत्र में हुआ। पिपरटोला गांव में यह दर्दनाक घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार किसान युवराज बिसेन के खेत के पास कुआं था। कुएं की मोटर खराब होने के कारण उसे सुधारना था। इसके लिए युवराज अपने परिचित महेश चौधरी के साथ कुएं में उतरे। कुएं के अंदर जहरीली गैस होने से दोनों बेहोश हो गए। दम घुटने से दोनों किसानों की मौत हो गई।
ग्रामीणों में फैली दहशत
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने दोनों किसानों को बचाने की कोशिश की। लेकिन कुएं में जहरीली गैस का खतरा बना हुआ था। इस कारण कोई भी व्यक्ति अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। किरनापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
SDERF ने निकाले शव
कुएं में गैस होने के कारण रेस्क्यू चुनौतीपूर्ण था। सुरक्षित बचाव के लिए SDERF टीम को बुलाया गया। बालाघाट से रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने सावधानी के साथ दोनों शव बाहर निकाले। इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
15 दिन में चौथा हादसा
बालाघाट जहरीली गैस हादसा का यह पहला मामला नहीं है। पिछले 15 दिनों में जिले में ऐसे कई हादसे हो चुके हैं। कुएं की गैस से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। 25 जून को सितकुटोला में लक्ष्मण लिल्हारे की मौत हुई थी। 8 जुलाई को मरारीटोला में अशोक कावरे भी जान गंवा चुके थे। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके में चिंता बढ़ गई है।
सुरक्षा को लेकर सवाल
कुएं में उतरने से पहले सुरक्षा उपायों की अनदेखी जानलेवा साबित हो रही है। ग्रामीण इलाकों में ऐसे हादसे अक्सर सामने आते हैं। कुओं में जहरीली गैस बनने का खतरा रहता है। बिना जांच और सुरक्षा उपकरणों के अंदर जाना खतरनाक होता है। विशेषज्ञ हमेशा सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। प्रशासन भी लोगों से सतर्क रहने की अपील करता है।
परिवार में पसरा मातम
हादसे के बाद दोनों किसानों के परिवारों में मातम छा गया। गांव में भी शोक का माहौल है। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में डर बढ़ गया है। लोग प्रशासन से सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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