एमपी के 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर, भोपाल-उज्जैन में जमकर प्रदर्शन
News in Short
- मध्य प्रदेश में करीब 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि हफ्ते में सिर्फ 5 दिन काम हो।
- प्रदेश की 7 हजार से ज्यादा बैंक शाखाएं बंद हैं, जिससे एटीएम में भी कैश की दिक्कत आ सकती है।
- भोपाल में बैंककर्मियों ने वित्त मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को जोर-शोर से रखा।
- उज्जैन में करीब 4 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर हैं, सभी की मुख्य मांग पांच दिवसीय कार्य सप्ताह है।
- बैंक यूनियनें 2015 से यह मांग करती आ रही हैं। अब सरकार से इसे लागू करने की अपील कर रही हैं।
News in Detail
मध्य प्रदेश में आज (27 जनवरी) करीब 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि हफ्ते में सिर्फ पांच दिन ही काम कराया जाए। इस हड़ताल की वजह से प्रदेश की 7 हजार से ज्यादा बैंक शाखाएं बंद हैं। बैंकों के बाहर ताले लटके हैं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने यह विरोध शुरू किया है। भोपाल, इंदौर समेत पूरे प्रदेश में बैंक का कामकाज ठप पड़ा है। हड़ताल से करोड़ों रुपए के लेन-देन पर असर पड़ेगा।
चेक क्लियरेंस में देरी होगी और पैसों के लेन-देन में भी दिक्कत आएगी। एटीएम में भी कैश की कमी हो सकती है। कई जिलों में इसका असर साफ नजर आ रहा है।
भोपाल में जमकर नारेबाजी
भोपाल के एमपी नगर (MP News) में बैंककर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया है। सरकारी प्रेस के पास पीएनबी शाखा के सामने कर्मचारियों ने रैली निकाली है।
रैली के बाद वहीं एक बड़ी सभा भी हुई, जिसमें बड़ी संख्या में बैंककर्मी बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे हैं। महिला बैंककर्मियों ने भी खुलकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई है।
एसबीआई की महिला प्रतिनिधि भारती शर्मा भी वहां मौजूद थीं। उन्होंने भी बैंक कर्मचारियों के लिए 5 डे वीक की मांग की है। कर्मचारी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए विरोध जता रहे हैं। इस प्रदर्शन के कारण इलाके में काफी भीड़ जमा हो गई थी।
उज्जैन में 4 हजार बैंक कर्मी कर रहे हड़ताल
उज्जैन में 290 बैंकों के कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं। इसमें 4 हजार से ज्यादा बैंक कर्मी शामिल हुए हैं। मंगलवार सुबह कर्मचारियों ने केनरा बैंक के बाहर नारेबाजी की है। उनकी भी मुख्य मांग हफ्ते में पांच दिन काम करना है।
स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के कर्मी भी साथ आए हैं। कर्मचारियों और सरकार के बीच काफी समय पहले समझौता हुआ था। अब तक 690 दिन बीतने पर भी फैसला नहीं हुआ है।
इसी नाराजगी में पूरे देश के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यूनाइटेड यूनियन ऑफ बैंक फोरम के सयोंजकविपिन सतोरिया ने मांगों को जल्द पूरा करने को कहा है। हड़ताल से बैंकों का कामकाज काफी ज्यादा प्रभावित हुआ है।
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संगठनों ने की मांग
देशभर में बैंक हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने किया है, जिसमें बैंक सेक्टर के सभी नौ अधिकारी और कर्मचारी संगठन शामिल हैं। बैंककर्मियों की इस हड़ताल की एक ही मांग है। बैंकों में हफ्ते में पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू की जाए।
बाकी जगह तो पांच दिन का ही है वर्किंग
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, इंदौर के संयोजक मोहन कृष्ण शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकारऔर राज्य सरकार के दफ्तरों के अलावा वित्तीय क्षेत्र के कई संस्थान जैसे रिजर्व बैंक, एलआईसी, जीआईसी, स्टॉक एक्सचेंज, मनी मार्केट और फॉरेन एक्सचेंज पहले से ही शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर में भी हफ्ते में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
2015 से हो रही मांग
बैंक यूनियन काफी समय से यह मांग कर रही हैं कि बैंकों में हफ्ते में सिर्फ पांच दिन काम हो। साल 2015 में इस पर पहली बार सहमति बनी थी। तब महीने के दो शनिवार की छुट्टी तय हुई थी और बाकी शनिवारों को पूरा दिन काम करने का फैसला हुआ था। सरकार ने आगे चलकर बाकी शनिवारों पर भी विचार करने का भरोसा दिया था, लेकिन मामला कई साल तक लटका रहा।
इसके बाद साल 2022 में इस मुद्दे पर फिर से बातचीत शुरू हुई। शनिवार की छुट्टी के बदले नए नियम बनाए गए, जिसमें सोमवार से शुक्रवार तक काम का समय बढ़ा दिया गया। तय हुआ कि रोजाना ड्यूटी करीब 40 मिनट ज्यादा होगी। इस पर यूनियन और आईबीए के बीच सहमति भी बन गई थी।
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KNOWLEDGE
बैंक हड़ताल के दौरान आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है। शाखाएं बंद होने पर भी आपकी बैंकिंग लाइफ नहीं रुकेगी। एसबीआई और पीएनबी जैसे बड़े बैंकों में ताला लगा होगा। लेकिन आप घर बैठे अपने सारे जरूरी काम कर सकेंगे।
बैंक हड़ताल के दौरान आप इन तरीकों से अपने काम निपटा सकते हैं।
- यूपीआई और ऑनलाइन पेमेंट: पैसे भेजने के लिए गूगल-पे या फोन-पे का इस्तेमाल करें। ऑनलाइन सर्वर चालू रहने से डिजिटल लेनदेन में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
- एटीएम से कैश सुविधा: नकद की जरूरत होने पर अपने पास के एटीएम जा सकते हैं। आउटसोर्स एजेंसियों की वजह से एटीएम में कैश मौजूद रहेगा।
- मोबाइल और नेट बैंकिंग: फंड ट्रांसफर के लिए एनईएफटी या आईएमपीएस का सहारा लें। बैलेंस चेक और चेकबुक रिक्वेस्ट जैसे काम घर बैठे करें।
- बिल भुगतान और रिचार्ज: बिजली बिल और मोबाइल रिचार्ज ऑनलाइन ऐप्स के जरिए करें। ये सेवाएं ऑटोमेटेड मोड में हड़ताल के दौरान भी चलती रहेंगी।
- कार्ड का इस्तेमाल: शॉपिंग या पेट्रोल पंप पर अपना कार्ड स्वाइप कर सकते हैं। पीओएस मशीनें और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे पूरी तरह एक्टिव रहेंगे।
आगे क्या
हड़ताल के बाद अब सबकी नजर सरकार और बैंक प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी है। बैंक यूनियन पांच दिन काम की मांग पर अड़ी हुई है, ऐसे में आने वाले दिनों में फिर से बैंक सेवाएं (Bank Strike in mp) प्रभावित हो सकती हैं।
अगर सरकार और बैंक संघ के बीच जल्दी कोई सहमति नहीं बनी, तो ग्राहकों को आगे भी हड़ताल और लंबी छुट्टियों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल बेहतर यही है कि लोग अपनी बैंकिंग जरूरतों के लिए डिजिटल माध्यमों का ज्यादा इस्तेमाल करें।
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