रेरा का बड़ा एक्शन: बैंक ऑफिसर्स कॉलोनी में प्लॉट बिक्री पर रोक, समृद्धि बिल्ड पर गलत जानकारी देने का आरोप

राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने सांगानेर की बैंक ऑफिसर्स कॉलोनी में प्लॉट बिक्री और बुकिंग पर रोक लगा दी है। यह एक्शन समृद्धि बिल्ड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड पर गलत जानकारी और झूठा हलफनामा देने पर किया गया।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

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News In Short 

  • राजस्थान रेरा ने सांगानेर की बैंक ऑफिसर्स कॉलोनी में प्लॉट बिक्री पर रोक लगाई।
  • रेरा ने समृद्धि बिल्ड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को गलत जानकारी देने पर नोटिस जारी किया।
  • बिल्डर ने पंजीकरण के दौरान झूठा हलफनामा और आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाई।
  • रेरा ने 27 जनवरी तक बिल्डर से जवाब मांगते हुए जांच पूरी होने तक बिक्री पर रोक लगाई।
  • रेरा ने धारा 60 के तहत जुर्माने की संभावना भी जताई है।

News In Detail 

राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में एक रिहायशी परियोजना पर सख्त कदम उठाया है। रेरा ने श्योसिंहपुरा स्थित बैंक ऑफिसर्स कॉलोनी में भूखंडों की बिक्री और बुकिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई तथ्यों को छिपाने और गलत जानकारी देने के आरोपों के आधार पर की गई है। रेरा ने इस मामले में समृद्धि बिल्ड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस भी जारी किया है।

प्रोजेक्ट पर लगी रोक

रेरा रजिस्ट्रार राजीव जैन की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई बैंक ऑफिसर्स कॉलोनी प्रोजेक्ट पर की गई है। इस प्रोजेक्ट का रेरा पंजीकरण नंबर RAJ/P/2025/3525 बताया गया है। रेरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, परियोजना के पंजीकरण के समय समृद्धि बिल्ड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड ने गलत तथ्य प्रस्तुत किए। जांच में सामने आया कि बिल्डर ने न केवल अधूरी जानकारी दी, बल्कि झूठा हलफनामा भी दाखिल किया।

गलत  तथ्य छिपाने का आरोप 

रेरा की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि समृद्धि बिल्ड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड ने गंभीर तथ्य छिपाए। रेरा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान डेवलपर ने दावा किया था कि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। बिल्डर ने यह भी कहा था कि जिस भूमि पर प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है, वह पूरी तरह विवाद-मुक्त है। हालांकि, रेरा की जांच में यह दावा गलत पाया गया।

प्रोजेक्ट पर पहले भी एफआईआर 

रेरा जांच में सामने आया कि बिल्डर और संबंधित प्रोजेक्ट भूमि पर पहले से कई आपराधिक और सिविल मामले लंबित हैं। इनमें FIR नंबर 540/13 और 425/17 जैसे गंभीर प्रकरण शामिल हैं। इन मामलों की जानकारी रेरा से छिपाई गई, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। रेरा ने इसे निवेशकों के हितों के साथ धोखाधड़ी मानते हुए सख्त रुख अपनाया।

बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

रेरा रजिस्ट्रार राजीव जैन ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक इस प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की यूनिट या प्लॉट की बिक्री नहीं की जा सकेगी। न ही किसी नई बुकिंग की अनुमति होगी। इस आदेश का उद्देश्य संभावित खरीदारों को आर्थिक नुकसान से बचाना है। रेरा का मानना है कि अधूरी और गलत जानकारी के आधार पर निवेश कराना गंभीर अपराध है।

धारा 60 के तहत जुर्माना 

रेरा ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट की धारा 60 के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो बिल्डर पर भारी आर्थिक दंड के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी संभव है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता का संदेश जाएगा।

बिल्डर को जवाब देने का मौका

रेरा ने समृद्धि बिल्ड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को 27 जनवरी तक अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। इस अवधि में बिल्डर को सभी तथ्यों और दस्तावेजों के साथ जवाब पेश करना होगा। रेरा के अनुसार, जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। यह फैसला आने वाले समय में रियल एस्टेट बाजार पर असर डाल सकता है। 

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