बड़वानी में युवती का अपहरण, खेत से घसीट ले गए करीब 30 युवक, जानें मामला
समझें क्या है पूरा मामला
- बड़वानी के राजपुर में युवती ले जाने का वीडियो सामने आया।
- 25 से 30 युवकों पर जबरन ले जाने का आरोप है।
- परिजन से 2 लाख रुपए लेने की बात कही गई।
- युवती को खेत से बाइक पर बैठाकर ले गए।
- पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आदिवासी नेता ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष राहुल सोलंकी ने इस घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर वीडियो में दिख रही घटना सच है, तो यह कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। सोलंकी ने पुलिस से 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर सच्चाई सामने लाने की मांग की।
पुलिस बोली, अब तक शिकायत नहीं
राजपुर थाना प्रभारी माधव सिंह ठाकुर ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। हालांकि पुलिस ने जांच के लिए एक टीम गांव भेज दी है।
जानकारी के मुताबिक युवती का रिश्ता निहाली गांव के हुकुम रावत से तय हुआ था। बेजा प्रथा के तहत हुकुम की ओर से युवती के परिजन को 2 लाख रुपए दिए गए थे। लेकिन लड़की पक्ष उसे हुकुम के घर नहीं भेज रहा था।
इसके बाद हुकुम अपने साथ 25 से 30 लोगों को लेकर इंद्रपुर गांव पहुंचा। वहां खेत में मौजूद युवती को जबरन बाइक पर बैठाकर ले गया। वीडियो में दो लोग आपस में बात करते सुनाई दे रहे हैं।
वे कह रहे हैं कि युवती का बेजा हो चुका है, फिर भी परिजन रुपए लेकर उसे नहीं भेज रहे। इसी वजह से युवती को जबरन ले जाया गया।
शादीशुदा निकला मंगेतर
गांववालों के मुताबिक हुकुम का रिश्ता युवती से तय हुआ था। दोनों तीन दिन तक साथ भी रहे। बाद में युवती को पता चला कि हुकुम पहले से शादीशुदा है। यह जानकर वह हुकुम को छोड़कर वापस इंद्रपुर आ गई।
हुकुम दो बार उसे लेने गया, लेकिन युवती ने जाने से मना कर दिया। इसके बाद वह अपनी बुआ के घर जलगोन चली गई। लेकिन हुकुम 25 से 30 लोगों के साथ वहां पहुंचा और उसे जबरन उठा ले गया। उसका कहना था कि उसने बेजा दिया है, इसलिए युवती पर उसका अधिकार है।
महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
वहीं मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष राहुल सोलंकी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि वीडियो में दिख रही घटना सही है तो यह कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
थाना प्रभारी बोले नहीं मिली शिकायत
राजपुर थाना प्रभारी माधव सिंह ठाकुर ने बताया कि मामले में अब तक किसी पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं दी है। पुलिस ने वीडियो को गंभीरता से लिया है। जांच के लिए टीम को गांव भेजा गया है। पुलिस वीडियो की सत्यता और घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई
फिलहाल मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद सामने आएगी। युवती की सहमति थी या नहीं यह स्पष्ट होना बाकी है। वायरल वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया इसकी भी जांच होगी। घटना से जुड़े वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है बेजा प्रथा ?
निमाड़ क्षेत्र में बेजा प्रथा आदिवासी समाज से जुड़ी एक पुरानी परंपरा है। इसके तहत युवक-युवती आपसी सहमति से घर से भागकर विवाह कर लेते हैं। जब लड़की अपनी मर्जी से लड़के के घर आ जाती है, तो पंच और समुदाय इस रिश्ते को मान्यता दे देते हैं।
इसके बाद दोनों परिवारों के बीच आपसी समझाइश और जुर्माने के जरिए रिश्ता अंतिम रूप लेता है। इस मामले में सवाल यह उठता है कि क्या पैसों के लेनदेन के बाद किसी युवती को जबरन ले जाना इस परंपरा का हिस्सा माना जा सकता है। पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।
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