बेटियों की बोली नहीं लगेगी, सूचना आयोग ने नाता प्रथा पर MP-UP और राजस्थान से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
Manya Jain | Apr 05, 2026, 06:30 IST
nata pratha suchan aayog order
केंद्रीय सूचना आयोग ने मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को नाता प्रथा पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। इस प्रथा में लड़कियों को 50 हजार से 3 लाख रुपए तक में बेचा जाता है। पोक्सो मामलों पर भी ध्यान देने को कहा।
NEWS IN SHORT
- मध्यप्रदेश, राजस्थान और UP में नाता प्रथा के नाम पर लड़कियां बेची जाती हैं।
- इस प्रथा में लड़कियों की कीमत 50 हजार से 3 लाख रुपए तक होती है।
- केंद्रीय सूचना आयोग ने तीनों राज्यों को नोटिस दिया है।
- आयोग ने कार्रवाई रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आदेश दिया है।
- पोक्सो मामलों में बार-बार बेल मिलने पर भी आयोग ने नाराजगी जताई।
NEWS IN DETAIL
नाता प्रथा: बिकती हैं बेटियां
यह परंपरा खासतौर पर कुछ आदिवासी और पिछड़े समुदायों में आज भी जिंदा है। केंद्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission) ने अब इस मुद्दे पर तीनों राज्यों को जवाबदेह बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
आयोग के पास RTI (Right to Information Act) के तहत एक याचिका पहुंची थी। इस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकार को आदेश दिया कि वे नाता प्रथा के खिलाफ हुई कार्रवाई की "कार्रवाई रिपोर्ट" (Action Taken Report) सार्वजनिक करें।
50 हजार से 3 लाख में बिकती हैं लड़कियां
आयोग ने माना कि इस शोषण के सामने आने के बाद भी राज्य सरकारों ने इसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। यही वजह है कि अब आयोग ने रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आदेश दिया है ताकि पारदर्शिता आ सके।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को निर्देश
सुनवाई में आयुक्त अनुराग रमेश ने कहा कि RTI याचिकाकर्ता इस जानकारी को अभी नहीं पा सकते, लेकिन खामोश शिकायतकर्ता को ढूंढने और परिवारों से निजी जानकारी लेने में यह रिपोर्ट मददगार हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस प्रथा की कार्रवाई रिपोर्ट सार्वजनिक हो। आयोग ने इस मुद्दे को रियल टाइम यानी तत्काल महत्व का विषय माना।
पॉक्सो मामलों पर बार-बार बेल पर आपत्ति
आयोग का यह भी मानना है कि जब तक इन मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक नाता प्रथा जैसी कुरीतियां बंद नहीं होंगी।
मानव तस्करी और पॉलिसी पर विशेष ध्यान
राजस्थान में तो इससे पहले भी एनएचआरसी (National Human Rights Commission) और संबंधित राज्य सरकारों के बीच इस मुद्दे पर पत्राचार हो चुका है। राजस्थान में बार-बार ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें एनएचआरसी ने नाबालिगों से जुड़े एक गंभीर मामले का जिक्र किया।
खबर क्यों जरूरी है?
लड़कियों को पैसे में बेचना उनकी गरिमा और मानवाधिकारों का हनन है। डिजिटल युग में जब सूचना का अधिकार एक शक्तिशाली हथियार बन चुका है, तब सूचना आयोग का यह आदेश बताता है कि पारदर्शिता और जवाबदेही से ही बदलाव आएगा।
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