नर्सिंग ऑफिसर की हत्या कर मगरमच्छों वाली नदी में फेंका शव, लिव-इन पार्टनर ने रची साजिश, फिर दर्ज कराई गुमशुदगी
शॉपिंग के बहाने रची हत्या की साजिश
भिंड की नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता अपने लिव-इन पार्टनर सत्यप्रकाश के साथ रहती थी। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। इसी बीच सत्यप्रकाश ने स्नेहलता को कानपुर घुमाने की बात कही।
उसने बताया कि कानपुर में कॉलेज का कुछ काम है। साथ ही वह स्नेहलता को शॉपिंग भी कराएगा। इसके बाद दोनों वापस लौट आएंगे। सत्यप्रकाश अपने साथ एंबुलेंस चालक राजवीर खत्रा और एक अन्य व्यक्ति को भी ले गया था।
घर से निकलने से पहले स्नेहलता ने अपनी महिला दोस्त को फोन किया। दोनों एक ही नर्सिंग होम में काम करती थीं। स्नेहलता ने दोस्त को कानपुर जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला।
50 किलोमीटर दूर ले जाकर घोंटा गला
पुलिस के मुताबिक, सत्यप्रकाश स्नेहलता को भिंड से करीब 50 किलोमीटर दूर ले गया था। आरोप है कि वहां उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद शव उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पचनदा नदी क्षेत्र में फेंक दिया। पचनदा वह स्थान है, जहां पांच नदियां मिलती हैं।
पुलिस की पूछताछ में सत्यप्रकाश ने हत्या करने की बात स्वीकार की है। हालांकि, शव अभी तक नहीं मिला है।
हत्या के बाद खुद पहुंचा थाने
इस Crime Case में आरोपी की एक और चाल सामने आई। स्नेहलता के लापता होने के बाद सत्यप्रकाश खुद पुलिस थाने पहुंच गया।
उसने भिंड सिटी कोतवाली में स्नेहलता की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया। महिला को तलाशने के नाम पर पर्चे भी छपवाए।
लेकिन जांच के दौरान पुलिस को सत्यप्रकाश की भूमिका पर शक हुआ। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि स्नेहलता का गला घोंटने के बाद शव पचनदा में पुल से नदी में फेंक दिया था।
बेटे को पहली पत्नी के पास छोड़ने से विवाद
सत्यप्रकाश भिंड के जोशी नगर का रहने वाला है। वह एक निजी कॉलेज में नौकरी करता था। इसी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसकी पहचान बिहार की रहने वाली स्नेहलता से हुई थी।
दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसके बाद कई साल तक उनके संबंध रहे। सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था। उसकी पहली पत्नी से कोई संतान नहीं थी। बाद में वह स्नेहलता के साथ Live-in Relationship में रहने लगा।
करीब 10 महीने पहले स्नेहलता ने एक बेटे को जन्म दिया। लेकिन 8 अक्टूबर को सत्यप्रकाश ने बच्चे को अपनी पहली पत्नी के पास छोड़ दिया।
इसके बाद दोनों के बीच बेटे को लेकर विवाद बढ़ गया। स्नेहलता चाहती थी कि सत्यप्रकाश उसे पत्नी के रूप में स्वीकार करे। लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं था।
बताया जा रहा है कि इसी विवाद के बीच हत्या की वारदात हुई।
नदी में मगरमच्छ, शव मिलने की चुनौती
गुरुवार को भिंड कोतवाली पुलिस आरोपी को लेकर उत्तर प्रदेश के पचनदा पहुंची। आरोपी की निशानदेही पर नदी में Search Operation शुरू किया गया।
पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने शव तलाशने की कोशिश की। हालांकि, अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
भिंड कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, शव की तलाश जारी है। मामले की जांच भी की जा रही है।
पचनदा का इलाका बीहड़ क्षेत्र में आता है। यहां पांच नदियों का संगम है। नदी में मगरमच्छ और घड़ियाल भी पाए जाते हैं।
पुलिस को आशंका है कि इन जलीय जीवों से शव को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, शव मिलने के बाद ही उसकी वास्तविक स्थिति पता चलेगी।
पिता बोले- बेटी को धोखे से फंसाया
स्नेहलता मूल रूप से बिहार के नालंदा की रहने वाली थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसके परिजन भिंड पहुंच गए।
स्नेहलता के पिता संजय पांडेय ने सत्यप्रकाश पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि सत्यप्रकाश ने खुद को ब्राह्मण बताकर उनकी बेटी को अपने जाल में फंसाया था। इसके बाद कई साल तक उसके साथ रहा।
पिता का आरोप है कि सत्यप्रकाश ने उनकी बेटी की हत्या कर दी। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अब शव मिलने का इंतजार
पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती स्नेहलता का शव बरामद करना है। आरोपी की निशानदेही पर नदी और आसपास के इलाके में तलाश की जा रही है।
वारदात के समय सत्यप्रकाश के साथ गए अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके खिलाफ किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव मिलने और आगे की जांच के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।