यूथ कांग्रेस की समीक्षा बैठक में बवाल, ऐप पर सवाल से धक्का-मुक्की तक पहुंचा विवाद
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल में यूथ कांग्रेस की राज्य कार्यकारिणी की बैठक हुई।
- संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा के दौरान विवाद शुरू हुआ।
- प्रदर्शन मापने वाले ऐप को लेकर सवाल उठाए गए।
- दो पदाधिकारियों के बीच बहस धक्का-मुक्की तक पहुंची।
- प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
संगठन की मजबूती और पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा के लिए बुलाई गई यूथ कांग्रेस की राज्य कार्यकारिणी बैठक विवादों में घिर गई। संगठनात्मक प्रदर्शन मापने वाले ऐप की विश्वसनीयता पर सवाल उठते ही माहौल गर्मा गया और दो पदाधिकारियों के बीच तीखी बहस धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस के अंदर अनुशासन और कार्यप्रणाली दोनों पर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। संगठन ने अनुशासनहीनता पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
कामकाज की समीक्षा में कई पदाधिकारी निशाने पर
बैठक में प्रदेशभर से आए उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, जिला अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्षों के संगठनात्मक कार्यों का मूल्यांकन किया गया। जिन पदाधिकारियों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिला, उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदारी वापस भी ली जा सकती है।
ऐप की विश्वसनीयता पर सवाल और बढ़ा विवाद
समीक्षा के दौरान मऊगंज विधानसभा अध्यक्ष आशुतोष ने संगठनात्मक गतिविधियों के मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ऐप पर सवाल उठाते हुए उसे "फर्जी" बताया। इसके बाद बैठक का माहौल अचानक बदल गया और चर्चा तीखी बहस में बदल गई।
मर्यादा की नसीहत से शुरू हुई कहासुनी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रदेश सचिव सलमान गौरी और मऊगंज के जिला अध्यक्ष आशुतोष के बीच पहले बातचीत के तरीके को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैठक में मौजूद अन्य पदाधिकारी भी बीच-बचाव के लिए आगे आ गए।
प्रदेश अध्यक्ष ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ती देख यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया तुरंत अपनी सीट से उठे और दोनों पक्षों के बीच पहुंचकर विवाद शांत कराया। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी हस्तक्षेप किया। बाद में दोनों नेताओं को बैठक कक्ष से बाहर भेजा गया, जिसके बाद समीक्षा बैठक दोबारा शुरू हो सकी।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी सियासी चर्चा
घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई। हालांकि, यूथ कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से इस मामले में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया तो दोनों ने कोई टिप्पणी नहीं की।
युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया का पक्ष
मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने 'द सूत्र' से बातचीत में कहा कि बैठक के दौरान दो पदाधिकारियों के बीच मामूली गलतफहमी हो गई थी। समय रहते वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करा दिया।
घनघोरिया ने बताया कि बाद में दोनों कार्यकर्ताओं ने आपस में गले मिलकर विवाद खत्म कर दिया। घनघोरिया के अनुसार, यह कोई बड़ा विवाद नहीं था और बैठक की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे जारी रही।
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