इस दिवाली बच्चों को कार्बाइड गन से रखें दूर, पलभर में छिन सकती है आंखों की रोशनी, पिछले साल भी कई बच्चे हुए थे शिकार
Aman Vaishnav | Oct 26, 2026, 12:23 IST
दिवाली पर प्रतिबंधित कार्बाइड गन की अवैध बिक्री से गंभीर हादसों और आंखों की रोशनी जाने का खतरा बढ़ गया है।
Madhya Pradesh: दिवाली का त्योहार जैसे-जैसे पास आ रहा है, वैसे-वैसे भोपाल में खतरनाक और बैन पटाखों का काला कारोबार भी तेज होने लगा है। इस गन से पिछले साल कई बड़े हादसे हुए थे। इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। धड़ल्ले से प्रतिबंधित कार्बाइड गन (Banned Carbide Gun) खरीद रहे हैं।
कार्बाइड गन से सावधान
दूसरी ओर पटाखा कारोबारियों का कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर लगने वाली सामान्य दुकानों पर यह गन बिल्कुल नहीं मिल रही है। कुछ लोग अब भी इसे गलत तरीकों से बेच रहे हैं।
बच्चों को लुभाती है कार्बाइड गन
इसके साथ ही पिछले साल आग लगाकर आसमान में उड़ाए जाने वाले बैलून की वजह से भी कई जगहों पर आगजनी की घटनाएं हुई थीं। इन गंभीर हादसों को देखते हुए प्रशासन ने ऐसे उड़ने वाले गुब्बारों पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी थी।
देसी विस्फोटकों से तुरंत दूरी बनाएं
- आंख और चेहरे को नुकसान: गन के फटने या चिंगारी निकलने से आंख और चेहरे पर गहरी चोट लग सकती है।
- हाथ और कान पर असर: धमाके के तेज दबाव से हाथ जल सकता है और कान के पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है।
- स्थायी शारीरिक अक्षमता: हादसे की वजह से व्यक्ति को जीवनभर के लिए कोई शारीरिक अपंगता (Permanent Disability) झेलनी पड़ सकती है।
- तुरंत डॉक्टर से मिलें: अगर किसी के साथ ऐसी कोई अनहोनी हो जाए, तो बिना एक पल भी गंवाए सीधे आंख के डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
शमशाबाद के मासूम ने गंवा दी आंख की रोशनी
ऋतिक के पिता जसवंत सिंह ने बताया कि पिछली दिवाली पर एक दूसरा बच्चा बारूद वाली कार्बाइड गन चला रहा था। उसी दौरान अचानक गन का मुंह ऋतिक की आंख की तरफ घूम गया और जोरदार धमाका हो गया। इस विस्फोट से ऋतिक की आंख बुरी तरह जख्मी हो गई। परिवार ऋतिक को इलाज के लिए भोपाल एम्स, आनंदपुर और चित्रकूट तक लेकर गया। अब डॉक्टरों ने उन्हें आगे के इलाज के लिए चेन्नई ले जाने की सलाह दी है।
कार्बाइड गन-सेहत के लिए गंभीर खतरा
सुनने की क्षमता पर असर और हाथों में गंभीर जलन
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