जयपुर डिस्कॉम की बड़ी पहल, 96 हजार घरों में मुफ्त लगेंगे रूफटॉप सोलर, 10 साल तक रखरखाव भी मुफ्त
Ashish Bhardwaj | Oct 26, 2026, 12:16 IST
जयपुर डिस्कॉम की मुफ्त सोलर रूफटॉप योजना
बिजली बिल से परेशान परिवारों के लिए राहत की खबर है। जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में अगले महीने से करीब 96 हजार घरों की छतों पर मुफ्त सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने का काम शुरू करने की तैयारी है। योजना में उन उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है, जिनकी मासिक बिजली खपत 150 यूनिट से कम है।
जयपुर डिस्कॉम (JVVNL) मुफ्त सोलर रूफटॉप योजना पर काम कर रही है। इस योजना में उन उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है, जिनकी मासिक बिजली खपत 150 यूनिट से कम है। इन घरों में 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। जयपुर डिस्कॉम ने इसके लिए अपने सभी 18 सर्कल में इंस्टॉलेशन की कार्ययोजना तैयार कर ली है। नौ फर्मों को कार्यादेश भी जारी किए जा चुके हैं। काम मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इस योजना की खास बात यह है कि उपभोक्ता को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करना होगा। सिस्टम लगाने के बाद उसका रखरखाव भी तय अवधि तक किया जाएगा। इससे कम बिजली खपत वाले परिवारों को सोलर लगाने की शुरुआती लागत और मरम्मत के खर्च की चिंता से राहत मिल सकती है।
इस परियोजना के तहत राजस्थान (Rajasthan) के तीनों बिजली वितरण निगमों में कुल तीन लाख घरों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में काम शुरू होगा। इसके बाद अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम के चिन्हित उपभोक्ताओं के घरों पर इंस्टॉलेशन किया जाएगा।
जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में करीब एक लाख घरों का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 96,500 उपभोक्ताओं को इंस्टॉलेशन के लिए चिन्हित किया गया है। सिस्टम लगाने से पहले संबंधित उपभोक्ताओं की सहमति भी ली जाएगी। यानी केवल पात्रता के आधार पर किसी घर की छत पर सिस्टम लगाने का काम पूरा नहीं माना जाएगा, इसके लिए उपभोक्ता की सहमति जरूरी होगी।
योजना के तहत लगाए जाने वाले सोलर सिस्टम की क्षमता 1.1 किलोवाट होगी। सरकारी टेंडर में इंस्टॉलेशन के साथ पांच साल के संचालन और रखरखाव तथा अतिरिक्त पांच साल के रखरखाव का प्रावधान है। इस तरह कुल दस साल तक रखरखाव की व्यवस्था रखी गई है।
इससे उपभोक्ताओं को सिस्टम लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल के लिए अलग से खर्च नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, बिजली बिल में कितनी बचत होगी, यह घर की वास्तविक खपत, सोलर से बनने वाली बिजली और लागू नेट मीटरिंग व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
योजना में लगाए जाने वाले सोलर रूफटॉप सिस्टम में करीब 80 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित करने की योजना है। इसकी वजह यह है कि शहरों में हर महीने 150 यूनिट से कम बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या ज्यादा होने से वहां अधिक सिस्टम लगाए जाने की संभावना है।
जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में इस परियोजना से 106 मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इससे घरों की छतों का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए होगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
डिस्कॉम ने 18 सर्कल में काम की तैयारी की है और नौ फर्मों को कार्यादेश जारी किए हैं। अब इंस्टॉलेशन की रफ्तार इस बात पर निर्भर करेगी कि चिन्हित घरों में काम कब शुरू होता है और कितने उपभोक्ता सहमति देते हैं। मार्च 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य तय है, इसलिए अगले कुछ महीनों में बड़े स्तर पर इंस्टॉलेशन करना होगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह व्यवस्था सामान्य घरेलू सोलर सब्सिडी से अलग है। इस परियोजना में डिस्कॉम के जरिए चिन्हित घरों पर सिस्टम लगाया जाना है। उपभोक्ताओं को अपनी पात्रता और इंस्टॉलेशन की स्थिति की जानकारी संबंधित डिस्कॉम से ही लेनी चाहिए। जयपुर डिस्कॉम की वेबसाइट पर सोलर रूफटॉप से जुड़े सवालों के लिए 0141-2209533 और 0141-2203300 नंबर भी उपलब्ध हैं।
अब सबसे अहम सवाल यह है कि चिन्हित परिवारों के घरों पर इंस्टॉलेशन कितनी जल्दी शुरू होता है। यदि तय समय पर काम पूरा हुआ, तो हजारों परिवारों को सोलर बिजली का लाभ मिल सकेगा और राजस्थान के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को भी मदद मिलेगी।
इस योजना की खास बात यह है कि उपभोक्ता को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करना होगा। सिस्टम लगाने के बाद उसका रखरखाव भी तय अवधि तक किया जाएगा। इससे कम बिजली खपत वाले परिवारों को सोलर लगाने की शुरुआती लागत और मरम्मत के खर्च की चिंता से राहत मिल सकती है।
तीनों डिस्कॉम में लगेंगे 3 लाख सिस्टम
जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में करीब एक लाख घरों का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 96,500 उपभोक्ताओं को इंस्टॉलेशन के लिए चिन्हित किया गया है। सिस्टम लगाने से पहले संबंधित उपभोक्ताओं की सहमति भी ली जाएगी। यानी केवल पात्रता के आधार पर किसी घर की छत पर सिस्टम लगाने का काम पूरा नहीं माना जाएगा, इसके लिए उपभोक्ता की सहमति जरूरी होगी।
दस साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी
इससे उपभोक्ताओं को सिस्टम लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल के लिए अलग से खर्च नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, बिजली बिल में कितनी बचत होगी, यह घर की वास्तविक खपत, सोलर से बनने वाली बिजली और लागू नेट मीटरिंग व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
ग्रामीण इलाकों में ज्यादा सिस्टम
जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में इस परियोजना से 106 मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इससे घरों की छतों का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए होगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
सहमति के बाद होगा इंस्टॉलेशन
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह व्यवस्था सामान्य घरेलू सोलर सब्सिडी से अलग है। इस परियोजना में डिस्कॉम के जरिए चिन्हित घरों पर सिस्टम लगाया जाना है। उपभोक्ताओं को अपनी पात्रता और इंस्टॉलेशन की स्थिति की जानकारी संबंधित डिस्कॉम से ही लेनी चाहिए। जयपुर डिस्कॉम की वेबसाइट पर सोलर रूफटॉप से जुड़े सवालों के लिए 0141-2209533 और 0141-2203300 नंबर भी उपलब्ध हैं।
अब सबसे अहम सवाल यह है कि चिन्हित परिवारों के घरों पर इंस्टॉलेशन कितनी जल्दी शुरू होता है। यदि तय समय पर काम पूरा हुआ, तो हजारों परिवारों को सोलर बिजली का लाभ मिल सकेगा और राजस्थान के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को भी मदद मिलेगी।
FAQs
- जयपुर डिस्कॉम मुफ्त सोलर रूफटॉप योजना क्या है?
जयपुर डिस्कॉम की मुफ्त सोलर रूफटॉप योजना 150 यूनिट से कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए है, जिसमें 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम लगेंगे और उपभोक्ताओं को अपनी जेब से खर्च नहीं करना होगा। - जयपुर डिस्कॉम मुफ्त सोलर रूफटॉप योजना में इंस्टॉलेशन का काम कब तक पूरा होगा?
इस योजना का इंस्टॉलेशन मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। - मुफ्त सोलर रूफटॉप योजना में क्या उपभोक्ता को सोलर सिस्टम इंस्टॉलेशन के लिए सहमति देनी होगी?
हाँ, उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने के लिए अपनी सहमति देनी होगी; केवल पात्रता के आधार पर सिस्टम नहीं लगाया जाएगा।
इस दिवाली बच्चों को कार्बाइड गन से रखें दूर, पलभर में छिन सकती है आंखों की रोशनी, पिछले साल भी कई बच्चे हुए थे शिकार
By Aman Vaishnav
MPPSC में 7 साल बाद देखने को मिलेगी उत्तरपुस्तिकाएं, ट्रायल रन जारी, नवंबर में होगी शुरूआत
By Sanjay Gupta
जयपुर SMS हॉस्पिटल में अब बिना सूचना रेफर नहीं होंगे गंभीर मरीज, नई SOP बनाने की तैयारी
By Jyoti Mahender Bhardwaj
स्मृति ईरानी का संगठन के नेताओं को सख्त संदेश, न होर्डिंग न हार, स्वागत-सत्कार छोड़िए, बूथ संभालिए
By Arun Tiwari
राजस्थान क्रिकेट में उम्र का अजब खेल, बोन टेस्ट के नतीजे बेमेल; सालभर बाद उम्र घटी, चयन पर उठे गंभीर सवाल
By Jageshwar Prasad
पहली बार देशभर की 250 महिला और 300 युवा विधायकों का जुटेगा महाकुंभ, राजस्थान विधानसभा में होंगे बड़े आयोजन
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: गोवाड़ी में 3 बार हुई मतगणना, रात में जीता कोई, सुबह बाजी पलट गई
By Jyoti Mahender Bhardwaj