भोपाल के बड़ा तालाब में हर दिन जा रहा है इतने लीटर गंदा पानी, जानकर रह जाएंगे हैरान, अगली सुनवाई में कलेक्टर तलब

Dablu Kumar | Sept 18, 2025, 08:43 IST
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मध्य प्रदेश के भोपाल का बड़ा तालाब पिछले पांच साल से गंदगी और अतिक्रमण से जूझ रहा है। इसमें हर रोज गंदी पानी लगातार जा रहा है। जिससे गंदगी का खतरा लगातार बना हुआ है।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का बड़ा तालाब पिछले पांच साल से गंदगी और अतिक्रमण का सामना कर रहा है। हर रोज तालाब में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से ज्यादा गंदा पानी जा रहा है। नगर निगम और प्रशासन अभी तक इस समस्या का सही हल नहीं निकाल पाया है। इसके चलते हर रोज लाखों लीटर गंदा पानी लगातार बड़ा तालाब में जा रहा है। इससे तालाब में गंदगी का खतरा बढ़ गया है।



इस पूरे मामले पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त कदम उठाते हुए भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण को अगली सुनवाई में खुद आकर जवाब देने का आदेश दिया है।



2021 में दायर हुई थी याचिका

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बड़ा तालाब में गंदगी वाली खबर पर एक नजर



  • बड़ा तालाब पिछले पांच साल से गंदगी और अतिक्रमण का सामना कर रहा है, और हर रोज़ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से ज्यादा गंदा पानी तालाब में जा रहा है।
  • पर्यावरण कार्यकर्ता आर्या श्रीवास्तव ने 2021 में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि नगर निगम बिना शुद्ध किए हुए गंदे पानी को रामसर साइट और भोज वेटलैंड में डाल रहा है।
  • झील के किनारे तेजी से अतिक्रमण हो रहा है, जो इसके अस्तित्व के लिए खतरे की वजह बन गया है। मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गया, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकला।
  • एनजीटी की रिपोर्ट में यह बताया गया कि भोपाल में हर रोज 130 मिलियन लीटर गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के तालाब में जा रहा है, और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता अपर्याप्त है।
  • 16 सितंबर की सुनवाई में एनजीटी के न्यायिक सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य ने नाराजगी जताई और राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर लंबित आवेदन निपटाने का आदेश दिया।

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झील के किनारे तेजी से अतिक्रमण जारी

झील के किनारे तेजी से अतिक्रमण हो रहा है, जो उसके अस्तित्व के लिए खतरा बन गया है। यह मामला पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक गया था। जहां आदेश भी दिए गए, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस हल नहीं निकला। तीन साल में कई सुनवाई हो चुकी हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं आया।



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130 मिलियन लीटर गंदा पानी हर दिन बड़ा तलाब में

एनजीटी में पेश की गई रिपोर्ट में यह बताया गया कि भोपाल में रोजाना करीब 130 मिलियन लीटर (एमएलडी) गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे तालाब में जा रहा है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बहुत कम है।



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16 सितंबर को हुई सुनवाई में न्यायिक सदस्य जस्टिस श्यो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने नाराजगी जताई और कहा कि बार-बार आदेश देने के बावजूद न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही गंदा पानी रुक सका। राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर लंबित आवेदन निपटाने का निर्देश दिया है।



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