त्योहारी सीजन में मुसीबत बना केंद्र का नया नियम, आम आदमी के अटके करोड़ों रुपए
Bhopal. केंद्र सरकार ने बैंकों के चेक क्लीयरेंस को आसान बनाने के लिए नया सिस्टम लागू किया है। अब यही सिस्टम बड़ी समस्या बन गया है। इससे आम लोगों को त्योहारी सीजन में परेशानी हो रही है, क्योंकि उनके पैसे बैंक में फंसे हुए हैं।
इस नए सिस्टम के मुताबिक, 4 अक्टूबर से अगर कोई चेक शाम 4 बजे से पहले डाला जाता है, तो वह उसी दिन शाम 7 बजे तक क्लीयर हो जाएगा। इसका मकसद चेक क्लीयरेंस की प्रक्रिया को तेज करना था, ताकि लोगों के चेक जल्दी क्लियर हो जाएं।
भोपाल के बैंकों में चेक क्लीयर नहीं हो पा रहे
मध्यप्रदेश में इसनई व्यवस्था की वजह से तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। सिस्टम सही से काम नहीं कर पा रहा है। 4 अक्टूबर के बाद से भोपाल के बैंकों में चेक क्लियर नहीं हो पा रहे हैं। भोपाल में 12 सरकारी और 7 निजी बैंकों की 400 शाखाएं हैं, जहां रोजाना औसतन 25 हजार चेक डाले जाते हैं।
नया सिस्टम लागू करने का समय गलत
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बैंकों में चेक क्लीयर नहीं हो पा रहे वाली खबर पर एक नजर
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पुराने सिस्टम को अपग्रेड किया जाना चाहिए
बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के वीके शर्मा का कहना है कि नए सिस्टम को लागू करने से पहले पुराने सिस्टम को अपग्रेड करना चाहिए था। इसके अलावा, कर्मचारियों को नई ट्रेनिंग मिलनी चाहिए थी, ताकि वे सही तरीके से नए सिस्टम को चला सकें और कोई तकनीकी समस्या न हो।
लोहा निर्माता व्यवसायी संघ के अध्यक्ष बलदेव खेमानी ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्योंकि यह त्योहारी सीजन है, चेक के अमाउंट का सेटेल न होना व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। इस समय व्यापार में तेजी आती है, लेकिन पेमेंट न मिलने से बहुत दिक्कत हो रही है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार और बैंक जल्द ही इस समस्या का हल निकालेंगे, ताकि उनका व्यापार बिना किसी रुकावट के चल सके।
पैसा समय पर नहीं मिल पा रहा
यह समस्या सिर्फ सरकारी और प्राइवेट बैंकों तक ही सीमित नहीं है। सहकारी बैंकों में भी यह दिक्कत देखने को मिल रही है। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और अपेक्स बैंक की शाखाओं में भी वही तकनीकी समस्या सामने आ रही है। इससे बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को बहुत परेशानी हो रही है। एक शाखा के मैनेजर ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से उनके बैंक में भी चेक क्लियर नहीं हो पा रहे हैं। इससे पेमेंट सेटल नहीं हो पा रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर व्यापारियों पर पड़ रहा है। क्योंकि, उनका पैसा समय पर नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति सभी बैंकों में एक जैसी है। चाहे वह सरकारी, निजी या सहकारी बैंक हो।
इन चीजों का निकालना होगा हल
परेशानी की मुख्य वजह यह है कि बैंकों का पुराना सिस्टम अपडेट नहीं किया गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों को इस नए सिस्टम के बारे में जानकारी नहीं है। उन्हें सही तरीके से काम करने के लिए कोई ट्रेनिंग भी नहीं दी गई है। इसके अलावा सरकारी बैंकों में कर्मचारियों की कमी भी एक बड़ी समस्या बन गई है। इससे काम में और भी दिक्कतें आ रही हैं।