सेंट्रल पार्क प्रोजेक्ट पर बोले भूपेंद्र सिंह, इसमें गलत क्या है

Ravi Singh | Jan 06, 2025, 20:45 IST
Bhopal IT Raid Rajesh Sharma Central Park Project Bhupendra Singh Photograph: (the sootr)
भोपाल सेंट्रल पार्क परियोजना में नेताओं और अफसरों की जमीनें शामिल हैं। कांग्रेस नेता पटवारी ने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इसके बाद भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह ने पटवारी पर पलटवार किया है।

भोपाल में सेंट्रल पार्क प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें कई बड़े अधिकारियों और नेताओं की जमीनें शामिल पाई गई हैं। आयकर विभाग की कार्रवाई में पता चला है कि इस प्रोजेक्ट में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के बेटे हर्ष देवड़ा, पूर्व मंत्री और विधायक भूपेंद्र सिंह, सीहोर विधायक सुदेश राय और अन्य की जमीनें शामिल हैं। इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हां, यह मेरा प्लॉट है, इसमें गलत क्या है....



क्या बोले भूपेंद्र सिंह

बीजेपी नेता भूपेंद्र सिंह ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा अज्ञानतावश लगाए गए मनगढ़ंत, तथ्यहीन और असत्य आरोपों के संबंध में मैं उन्हें अवगत कराना चाहता हूं कि भोपाल में यह हमारी एकमात्र अचल संपत्ति है। हमने इस जमीन की पूरी कीमत बैंक के माध्यम से चेक के माध्यम से चुकाई है और मैं स्वयं इसका भूमि स्वामी हूं। हमने कोई तथ्य नहीं छिपाया है और मेरा मानना ​​है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यह हमारी घोषित संपत्ति है, जिसे हमने 2023 के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग के समक्ष घोषित किया है।



पटवारी ने लगाए थे आरोप

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स पर लिखा है कि मध्यप्रदेश में अब भाजपा के भ्रष्टाचार का कद महानायक से भी ऊंचा हो गया है। जहां अमिताभ बच्चन जी को निर्माण की अनुमति नहीं मिली, वहां भ्रष्टाचार की गोली मार दी गई। भोपाल के सेंट्रल पार्क में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, पूर्व परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह और भाजपा विधायक सुदेश राय के बेटों, कई वरिष्ठ अफसरों की जमीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहन सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। यह तथ्य बार-बार स्थापित हो रहा है।



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2021 में राजेश शर्मा ने किया एग्रीमेंट

सेंट्रल पार्क को लेकर कांग्रेस पहले ही गंभीर सवाल उठा चुकी है। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने हाल ही में आरोप लगाया था कि ''जिस जमीन पर सेंट्रल पार्क प्रोजेक्ट लाया गया, वह कम घनत्व वाला क्षेत्र था, इसलिए 10 साल तक कई बार अनुमति निरस्त होती रही। 2021 में राजेश शर्मा ने इस प्रोजेक्ट में एग्रीमेंट किया और इसके बाद इस प्रोजेक्ट में अनुमतियां दी जाने लगीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस प्रोजेक्ट में पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस और उनके रिश्तेदारों के नाम पर भी जमीन खरीदी गई।



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300 करोड़ की संपत्ति हो चुकी अटैच

आयकर विभाग ने 18 दिसंबर को आयकर विभाग ने त्रिशूल कंस्ट्रक्शन, ईशा और क्वालिटी बिल्डर्स के ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान आयकर विभाग को राजेश शर्मा और दूसरे प्रॉपर्टी डीलरों के पास कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये की नकदी भी बरामद हुई थी। आयकर विभाग ने त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के मालिक और राजेश शर्मा की 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है। दूसरी तरफ आयकर विभाग ने रजिस्ट्रार विभाग को पत्र लिखकर राजेश शर्मा के स्वामित्व वाली संपत्ति का पंजीकरण रोकने को कहा है।



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