भोपाल मास्टर प्लान में हंगामा, विधायक आरिफ मसूद और जनपद अध्यक्ष में तू-तू, मैं-मैं
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल कलेक्ट्रेट में दिशा समिति की बैठक हुई।
- मास्टर प्लान लागू नहीं होने का मुद्दा उठा।
- विधायक और जनपद अध्यक्ष में बहस हुई।
- दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर उंगली दिखाई।
- विवाद के बाद बैठक का माहौल गरमा गया।
विधायक और अध्यक्ष में तीखी बहस
फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बीच में टोका। उन्होंने उंगली दिखाते हुए बात की। इस पर विधायक मसूद नाराज हो गए। विधायक मसूद ने कहा, तुम बनाओगे क्या... तुम क्या हो? अब तुम हमें सिखाओगे? हम सांसद जी से बात कर रहे हैं। इस पर प्रमोद सिंह राजपूत ने भी पलटकर जवाब दिया। उन्होंने कहा, तुम औकात में रहकर बात करो। तेज आवाज में बात करने से कुछ नहीं होगा। यह बहस करीब 10 मिनट तक चली। बाद में आरिफ मसूद ने कहा कि वे सांसद से बात कर रहे थे, अध्यक्ष से नहीं। उन्होंने मास्टर प्लान में देरी को विकास में रुकावट बताया।
मास्टर प्लान लागू न होने पर हंगामा
भोपाल कलेक्ट्रेट में दिशा की बैठक हुई। इसमें मास्टर प्लान लागू न होने पर हंगामा हुआ। विधायक आरिफ मसूद और जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत में तीखी बहस हुई। दोनों ने एक-दूसरे को उंगली दिखाई। बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना पर भी सवाल उठाए गए।
स्मार्ट सिटी पर भी उठे सवाल
बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को घेरा। भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि स्मार्ट सिटी ने भोपाल का नाश कर दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी इमारतें तो बना दी गईं, लेकिन उनमें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं।
सबनानी ने आगे कहा कि लिफ्ट में लोग फंस चुके हैं। कम्युनिटी हॉल तक नहीं बनाया गया। दशहरा मैदान का भी हाल खराब कर दिया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी के बड़े व्यावसायिक प्लॉट छोटे किए जाएं। इससे खरीदार बढ़ेंगे और आय भी बढ़ेगी।
कांग्रेस ने भी की भाजपा नेता की बात का समर्थन
आरिफ मसूद ने भगवानदास सबनानी की बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सबनानी वरिष्ठ नेता हैं। अगर वे समस्याएं बता रहे हैं, तो उनमें गंभीरता जरूर है। उन्होंने अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग की।
महापौर मालती राय ने भी स्मार्ट सिटी की खामियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइटों की समस्या तक समय पर दूर नहीं हो पाती। इससे लोगों को परेशानी होती है। स्मार्ट सिटी बोर्ड के चेयरमैन और कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि सभी समस्याओं की अलग से समीक्षा होगी। जल्द समाधान कराया जाएगा।
सांसद बोले, नोडल एजेंसी बनाई जाए
भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में कई विभागों के बीच तालमेल की कमी है। इससे टकराव की स्थिति बनती है। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने का सुझाव दिया।
बैठक के बाद सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान जल्दी लागू होना जरूरी है। वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे मास्टर प्लान लागू कराने की मांग रखेंगे।
वेटलैंड प्राधिकरण का प्रस्ताव पास
बैठक में भोजपाल वेटलैंड प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव भी पास किया गया। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि इसका अध्यक्ष संभागायुक्त को बनाया जाए। इसमें भोपाल और सीहोर के कलेक्टर भी शामिल हों। साथ ही जिला पंचायत सीईओ (CEO – Chief Executive Officer) और जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए। यह प्रस्ताव अब मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। सांसद ने भोपाल को वेटलैंड शहर घोषित करने की मांग भी की। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने सभी सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
FAQ
- दिशा बैठक में क्या विवाद हुआ?
भोपाल कलेक्ट्रेट में मास्टर प्लान न लागू होने पर विधायक और जनपद अध्यक्ष में तीखी बहस हुई। दोनों ने एक-दूसरे को उंगली दिखाई। यह बहस करीब 10 मिनट तक चली। - स्मार्ट सिटी परियोजना पर क्या आरोप लगे?
भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि स्मार्ट सिटी ने भोपाल का नाश कर दिया। उन्होंने मूलभूत सुविधाओं की कमी बताई। कांग्रेस विधायक ने भी उनकी बात का समर्थन किया।
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