170 दुकानें सील होने के बाद बवाल, व्यापारियों का विरोध तेज, CM से मिले जनप्रतिनिधि

Atul Dwivedi | Sept 02, 2026, 22:37 IST
170 दुकानें सील होने के बाद बवाल
भोपाल सीलिंग कार्रवाई (Bhopal Sealing Action) को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। नगर निगम ने अब तक करीब 170 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भोपाल में नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई तेज हो गई है।
  • कोलार में व्यापारियों ने बाजार बंद कर विरोध जताया।
  • अब तक करीब 170 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग कार्रवाई हुई।
  • जनप्रतिनिधियों ने सीएम मोहन यादव से मुलाकात की।
  • व्यापारियों ने राहत और समाधान की मांग रखी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल में नगर निगम सीलिंग की कार्रवाई कर रहा है। ये कार्रवाई अब और तेज हो गई है। लेकिन जैसे जैसे निगम की कार्रवाई तेज हो रही है, उतनी ही तेजी से व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। 2 सितंबर को भी भोपाल में कारोबारियों ने कोलार में प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरा बाजार बंद रहा।



जनप्रतिनिधि ने की सीएम से मुलाकात

सीलिंग कार्रवाई के बीच भोपाल के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बैठक में मास्टर प्लान, मिक्स लैंड यूज और भूमि विकास अधिनियम जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार जल्द ही मास्टर प्लान से जुड़े मामलों पर आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।



सीलिंग की कार्रवाई गलत तरीके से

कोलार व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई से व्यापारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीलिंग की कार्रवाई गलत तरीके से की जा रही है, जिससे कई दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। व्यापारियों ने प्रशासन से कार्रवाई पर दोबारा विचार करने और प्रभावित दुकानदारों को राहत देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।



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अब तक 170 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई

इधर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। अब तक करीब 170 प्रतिष्ठानों को सील किया जा चुका है। कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बनी हुई है। इससे पहले मंगलवार को व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया था।



बुधवार को कोलार क्षेत्र में बाजार बंद रहने से मुख्य सड़कों और व्यापारिक इलाकों में सन्नाटा नजर आया। व्यापारियों का कहना है कि बिना उचित समाधान के की जा रही कार्रवाई से छोटे और बड़े दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है।



बता दें कि कोलार व्यापारी महासंघ के बुलावे पर 2 सितंबर को पूरा बाजार बंद रहा। कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक ज्यादातर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। विरोध के चलते डी-मार्ट, वी-मार्ट, विशाल मेगामार्ट जैसे बड़े प्रतिष्ठान भी बंद रखे गए।



शराब दुकानें, डी मार्ट सब बंद

व्यापारियों ने शराब दुकानों को भी बंद कराया। मंदाकिनी चौराहा और डी-मार्ट चौराहा स्थित शराब दुकानें भी बंद रहीं। हालांकि मेडिकल स्टोर और पेट्रोल पंप जैसी जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया। लेकिन व्यापारियों ने प्रतीकात्मक रूप से व्यापार की अर्थी सजाई और उसे कंधा देकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है।



व्यापारियों की मांगें

  • भोपाल का मास्टर प्लान जल्द लागू हो।
  • रहवासी इलाकों के लिए मिक्स्ड लैंड यूज का प्रावधान किया जाए।
  • गुजरात की तर्ज पर अनधिकृत विकास नियमितीकरण कानून 2022 लागू हो।
  • सीलिंग की कार्रवाई से पहले व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।
  • त्योहारों को देखते हुए व्यापारियों को तत्काल राहत दी जाए।

रहवासियों की मांग

  • रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां गलत हैं, बंद हों।
  • कमर्शियल गतिविधि होने से आवासीय इलाकों में शांति भंग होती है।
  • स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है।

इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले रहवासी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि निगम सिर्फ दिखावे की कार्रवाई कर रहा है। बड़े और रसूखदारों को छोड़ रहा है। सिर्फ छोटे कारोबारियों पर ही कार्रवाई की जा रही है। इसे लेकर नाराजगी है। पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में देंगे।



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