बिलौआ अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त, तीसरी खदान भी बंद, मांगी रिपोर्ट

Ratan Kumar Mishra | Aug 07, 2026, 22:41 IST
Photograph: (THESOOTR)
GWALIOR. ग्वालियर हाईकोर्ट ने बिलौआ में अशोक यादव की तीसरी खदान पर भी रोक लगाई। कलेक्टर की मोहलत की अर्जी खारिज। शनिवार तक ड्रोन सर्वे का आदेश दिया गया।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • बिलौआ में अशोक यादव की तीसरी खदान भी हुई बंद।
  • हाईकोर्ट ने कलेक्टर को लगाई फटकार, ड्रोन सर्वे का आदेश।
  • साइट ऑफिस से गायब मिले खनन के मूल रिकॉर्ड।
  • सात दिन की मोहलत खारिज, शनिवार तक सर्वे जरूरी।
  • 14 अगस्त तक जारी होंगे अवैध खनन पर नए नियम।

ग्वालियर हाईकोर्ट ने बिलौआ अवैध खनन मामले में सख्ती दिखाई। अशोक सिंह यादव की तीसरी खदान पर भी एक हफ्ते की रोक लगी। साइट ऑफिस से खनन के मूल रिकॉर्ड गायब मिले। कलेक्टर की सात दिन की मोहलत की अर्जी खारिज हुई। कोर्ट ने शनिवार तक ड्रोन सर्वे का सख्त आदेश दिया।



तीसरी खदान पर भी लगी रोक

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बिलौआ इलाके में सख्त रुख अपनाया। अशोक सिंह यादव की दो खदानें पहले ही बंद की जा चुकी थीं। अब कोर्ट ने तीसरी चालू खदान पर भी रोक लगा दी।



जाफरपुर स्थित इस खदान में एक हफ्ते तक ब्लास्टिंग और खनन नहीं हो सकेगा। पुराना निकाला गया खनिज भी नहीं ले जाया जा सकेगा।अकरम खान की याचिका पर यह सुनवाई हुई।



जस्टिस जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने मामला सुना। कोर्ट ने पाया कि दो खदानें बंद होने के बावजूद तीसरी खदान से खनन जारी था।



रजिस्टर पर उठे गंभीर सवाल

सुनवाई के दौरान कोर्ट में एक रजिस्टर पेश किया गया। यह रजिस्टर सिर्फ 1 जुलाई 2026 से शुरू दिखाया गया। इसमें खनन या प्लांट का कोई विवरण नहीं था। खदान संचालक ने कहा कि असली रिकॉर्ड थाटीपुर के सिटी ऑफिस में है।



हाईकोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि मूल दस्तावेज जानबूझकर छिपाए जा रहे हैं। इससे खदान संचालक की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। कोर्ट ने रजिस्टर और रसीदें सीलबंद लिफाफे में एएजी (AAG – Additional Advocate General) को सौंपने का आदेश दिया।



कलेक्टर की मोहलत खारिज

राज्य सरकार ने ड्रोन सर्वे के लिए सात दिन का समय मांगा था। हाईकोर्ट ने यह मांग सिरे से खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि ज्यादा समय मिलने पर मशीनें और सबूत हटाए जा सकते हैं। इसलिए कलेक्टर को शनिवार तक पूरा सर्वे करने का सख्त निर्देश दिया गया।



पूरे खनन और क्रशर क्षेत्र की ड्रोन वीडियोग्राफी करानी होगी। इसकी सीडी हलफनामे के साथ 10 अगस्त को कोर्ट में पेश करनी होगी।



आगे क्या होगा

हाईकोर्ट 14 अगस्त तक अवैध खनन रोकने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। इन निर्देशों के बाद ही 17 अगस्त से खदानों को दोबारा चलाने पर विचार होगा। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को तय है।



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