ग्वालियर में अवैध खनन पर हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन, 16 खदानों पर तत्काल रोक
Ratan Kumar Mishra | Jul 16, 2026, 20:39 IST
ग्वालियर अवैध खनन
ग्वालियर में अवैध खनन मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाया है। कोर्ट ने 16 खदानों में तत्काल खनन रोकने के आदेश दिए हैं। एसडीओ रुपेश रतन सिंघई पर अवमानना कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- हाईकोर्ट ने ग्वालियर की 16 खदानों पर रोक लगाई है।
- मामला 2017 से लंबित अवैध खनन प्रकरणों से जुड़ा है।
- कोर्ट ने एसडीओ की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- कलेक्टर को अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।
- अगली सुनवाई 17 जुलाई 2026 को होगी।
16 खदानों पर लगी रोक
हाईकोर्ट ने कहा कि वर्ष 2017 से मामले लंबित हैं। इसके बाद भी कई मामलों में कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना है। जिन खदानों पर रोक लगी है, उनमें बच्चन सिंह सहित कई पट्टाधारक शामिल हैं। इनमें एके जैन और जेजे ग्रेनाइट भी शामिल हैं। इसके अलावा पीताम्बरा ग्रिट इंडस्ट्रीज, कल्लू उर्फ दीनदयाल का नाम भी है। रामनिवास शर्मा, राजेश नीखरा और अन्य खदान संचालक भी शामिल हैं।
पुराने मामलों पर कोर्ट नाराज
कोर्ट ने पूछा कि इतने वर्षों तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अदालत ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी जिम्मेदारी निभाने में देरी गंभीर विषय है। अवैध गतिविधियों को रोकना प्रशासन का दायित्व है।
एसडीओ पर अवमानना कार्रवाई
उस समय बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के प्रक्रिया पूरी होने का आरोप है। वहीं, बड़ी राशि की रॉयल्टी और जुर्माना लंबित था। कोर्ट के अनुसार 21 करोड़ रुपए से ज्यादा रॉयल्टी लंबित थी। इसके अलावा 17.53 करोड़ रुपए से ज्यादा जुर्माना भी बताया गया। हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 215 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीओ को 15 दिनों में जवाब देने को कहा गया है।
कलेक्टर की तय हुई जिम्मेदारी
अदालत ने सभी डीवीआर और फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश दिए। इन्हें सीलबंद लिफाफे में पेश करने को कहा गया है। कोर्ट ने कहा कि फुटेज गायब मिली तो कार्रवाई होगी। इसे साक्ष्य मिटाने की कोशिश माना जा सकता है।
नए सीमांकन पर रोक
इस मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई 2026 को होगी। उस दिन संबंधित रिपोर्ट भी पेश की जाएगी। मामला केवल खनन तक सीमित नहीं है। इसमें प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा भी जुड़ा है। हाईकोर्ट का आदेश अवैध खनन रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे जिले में खनन गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा।
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