बाय-बाय पप्पू से भीड़तंत्र के अंत तक: विपक्ष के आरोपों की काट के लिए भाजपा ने तैयार किया मास्टरप्लान
विपक्ष के हमलों पर भाजपा का पलटवार
बता दें कि पार्टी का मकसद विपक्ष की बनाई बातों को गलत साबित करना है। साथ ही जनता के बीच अपनी सही बात मजबूती से रखना है।
यह योजना पार्टी के कुछ चुनिंदा नेताओं तक पहुंचा दी गई है। इस प्लान को 22 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच लागू किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली मुख्यालय से वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई हैं। योजना के तहत भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बारी-बारी से दिल्ली आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। वहीं केंद्र के बड़े नेता अलग-अलग राज्यों का दौरा करेंगे।
बड़े दिग्गजों की टोली संभालेगी कमान
अभियान की निगरानी के लिए भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर कद्दावर नेताओं की एक खास टोली बनाई है। इस टोली में शिवराज सिंह चौहान, भूपेंद्र यादव, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, बिप्लब कुमार देब, सतीश पूनिया, स्मृति ईरानी, बैजयंत जय पांडा और किरेन रिजिजू शामिल हैं। यह पूरी टीम अलग-अलग राज्यों में होने वाले कार्यक्रमों पर लगातार नजर रखेगी।
जानिए कैसे लागू होगी भाजपा की यह रणनीति
1. लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ पदयात्रा
- जिम्मेदार नेता: हरीश द्विवेदी, तरुण चुग, शिवराज सिंह चौहान और भूपेंद्र यादव।
- क्या होगा: यह टीम एसआईआर (SIR), वोटर लिस्ट की शुद्धता और विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी के खिलाफ काम करेगी।
- पदयात्रा का रूप: हर राज्य में 10 हजार लोगों की भागीदारी वाली पदयात्राएं निकलेंगी। बड़े शहरों में 2 से 3 रैलियां और जिला मुख्यालयों पर 1-1 रैली होगी।
- बैनर और तख्तियां: रैली के आगे 20 से 40 फुट चौड़ा बैनर चलेगा। लोगों के हाथों में तख्तियां होंगी। इन पर विपक्ष द्वारा भारत-विरोधी ताकतों का समर्थन करने, अवैध घुसपैठ और विकास कार्यों के विरोध को लेकर बातें लिखी होंगी।
2. प्रमुख नागरिक गोष्ठी: हर विधानसभा से 200 प्रबुद्ध लोग
- जिम्मेदार नेता: बिप्लब कुमार देब, सतीश पूनिया, स्मृति ईरानी, बैजयंत जय पांडा, पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, रोहन गुप्ता और अनिल एंटनी।
- कार्यक्रम का नाम: लोकतंत्र के लिए नागरिक गोष्ठी।
- किनसे होगी बात: हर विधानसभा क्षेत्र से 200 और लोकसभा स्तर पर 2000 बुद्धिजीवियों को बुलाया जाएगा। इनमें डॉक्टर, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, कारोबारी, रिटायर्ड प्रोफेशनल्स, शिक्षक, प्रोफेसर और युवा शामिल होंगे।
- मकसद: वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा अपनी बात रखेगी। साथ ही एसआईआर के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाकर ज्ञापन सौंपेगी।
3. इन्फ्लुएंसर्स के लिए: घुसपैठिया हटाओ, लोकतंत्र बचाओ
- जिम्मेदार नेता: संजय भाटिया, डी. पुरंदेश्वरी, तीरथ सिंह रावत, डॉ. भोला सिंह और के. सुरेंद्रन।
- रणनीति: हर लोकसभा क्षेत्र में असर रखने वाले 2,000 सामाजिक और पेशेवर लोगों को जोड़ा जाएगा, ताकि कुल पहुंच 10 लाख तक हो सके।
- संपर्क का तरीका: इसके लिए टिफिन बैठकें होंगी। मंदिरों में मुलाकात की जाएगी और लोगों से आमने-सामने बात होगी।
- छात्रों के लिए एक्टिविटी: युवाओं को जोड़ने के लिए निबंध, भाषण और शॉर्ट-वीडियो बनाने जैसी प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
4. जेन-जी (Gen-Z) युवाओं से सीधा संवाद
- जिम्मेदार नेता: हेमांग जोशी, सुनील बंसल, मनसुखभाई मांडविया, डॉ. स्वदेश सिंह और तेजस्वी सूर्या।
- संवाद का मंच: लोकतंत्र के लिए युवा/विद्यार्थी नाम से कार्यक्रम होंगे।
- कहां होंगे कार्यक्रम: कॉलेज, यूनिवर्सिटी, आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT) और बड़े कोचिंग सेंटरों में कुल 2,000 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- सोशल मीडिया टीम: इस अभियान में लोकल यूथ के साथ इंस्टाग्राम क्रिएटर्स, यूट्यूबर, फेसबुक पेज ओनर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को भी बड़े पैमाने पर जोड़ा जाएगा। इसके जरिए 10 लाख से अधिक युवाओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
5. लोकतंत्र बनाम भीड़तंत्र: छात्रों की प्रतियोगिता
- जिम्मेदार नेता: अश्विनी वैष्णव, मनसुखभाई मांडविया, डॉ. हेमांग जोशी, डॉ. अभिनव प्रकाश, विनीत त्यागी और अखिला बंदम।
- विषय: संवैधानिक मूल्य, सुशासन, देश का विकास, नागरिक जिम्मेदारी और एसआईआर का समर्थन।
- कैटेगरी और इनाम: यह प्रतियोगिता स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए अलग-अलग कराई जाएगी। इसमें भाग लेने वाले छात्रों को ई-सर्टिफिकेट, वर्कशॉप, मेंटरशिप, पोर्टफोलियो बनाने में मदद, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और नेटवर्किंग का मौका मिलेगा।